Rajasthan

सांप से डरना नहीं उसे बचाना सीखें, स्कूल में बच्चों ने हाथों में थामे सांप, जाना जहरीले और बिना जहरीले फर्क

Last Updated:September 12, 2026, 15:06 IST

Pali Hindi News: पाली के एक स्कूल में बच्चों को सांपों के प्रति जागरूक करने के लिए अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान बच्चों ने सांपों को करीब से देखा और हाथों में थामकर उनके बारे में जानकारी हासिल की. उन्हें जहरीले और बिना जहरीले सांपों के बीच अंतर समझाया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य सांपों को लेकर डर और गलतफहमियां दूर करना तथा वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति बच्चों में जागरूकता बढ़ाना रहा.

ख़बरें फटाफट

पाली. अक्सर सांप का नाम सुनते ही बड़ों-बड़ों के पसीने छूट जाते हैं, लेकिन अगर सही जानकारी हो तो डर की जगह सावधानी और समझदारी ले लेती है. पाली के मधुरम माध्यमिक विद्यालय में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहाँ बच्चों के मन से सांपों का डर निकालने और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान वन्यजीव विशेषज्ञों ने बच्चों को जहरीले और बिना जहर वाले सांपों के बीच का अंतर बारीकी से समझाया.

हैरान करने वाली बात तो यह रही कि नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बिना किसी खौफ के सांपों को अपने हाथों में लेकर देखा. इस कार्यक्रम के जरिए बच्चों को सीख दी गई कि अगर घर या आसपास सांप दिखे तो घबराकर उसे मारें नहीं, बल्कि रेस्क्यू टीम को सूचना दें. इस अनोखी पहल ने बच्चों को न सिर्फ साहसी बनाया, बल्कि पर्यावरण के इस बेहद अहम जीव के संरक्षण का बड़ा संदेश भी दिया. पाली के सर्प विशेषज्ञ जावेद भाई पठान द्वारा यह ट्रेनिंग दी गई.

विद्यार्थियों को समझाया गया सांपो के प्राकृतिक महत्वमधुरम सैकेंडरी स्कूल में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सर्प मित्र जावेद भाई पठान रहे. उन्होंने विद्यार्थियों को साँपों के प्राकृतिक महत्व, उनकी विभिन्न प्रजातियों और सर्पदंश की स्थिति में किए जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

डरने की नही बल्कि समझदारी से काम लेने की जरूरतकार्यक्रम के दौरान जावेद पठान ने बताया कि अक्सर लोग साँप को देखते ही डर जाते हैं, जबकि ऐसा करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है. साँप हमारी प्रकृति और पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. वे फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले चूहों और अन्य कीट-पतंगों को खाकर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि साँप कभी भी बिना वजह हमला नहीं करते, काटना उनकी फितरत नहीं बल्कि खतरे के समय खुद का बचाव करने का एक स्वाभाविक तरीका है.

कौन-से सांप होते है जहरीले इनकी भी दी जानकारीजावेद भाई ने छात्रों को जहरीले और बिना जहर वाले साँपों के बीच अंतर की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ज्यादातर साँप जहरीले नहीं होते हैं, इसलिए डर के मारे किसी निर्दोष जीव की जान लेना गलत है. उन्होंने सभी से अपील की कि यदि घर या आसपास कोई साँप निकल आए, तो उसे मारें नहीं. safe rescue के बाद साँप को किसी जलस्रोत या सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण के पास छोड़ देना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को सख्त हिदायत दी कि बिना किसी प्रशिक्षण के कभी भी साँप को पकड़ने की कोशिश न करें.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

और पढ़ेंFirst Published :

September 12, 2026, 15:06 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj