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मां बनते ही नेहा धूपिया को सताने लगा है डर, जिंदगी में आया बड़ा बदलाव, पति अंगद बेदी की जमकर की तारीफ

Last Updated:September 12, 2026, 15:58 IST

एक्ट्रेस नेहा धूपिया अपनी बेबाक बातों और कॉन्फिडेंट पर्सनैलिटी के लिए जानी जाती हैं. फिल्मों से लेकर रियलिटी शोज तक, उन्होंने हर प्लेटफॉर्म पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है. जल्द ही वह ‘रोडीज रीबर्थ’ के 20वें एडिशन में गैंग लीडर की भूमिका में नजर आएंगी. प्रोफेशनल जिंदगी में नेहा ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन उनका कहना है कि करियर में हार या जीत उन्हें ज्यादा परेशान नहीं करती. नेहा का मानना है कि मदरहुड ने उन्हें बदलकर रख दिया है.
मां बनते ही नेहा धूपिया को सताने लगा है डर, जिंदगी में आया बड़ा बदलावZoomनेहा धूपिया ‘रोडीज’ में नजर आने वाली हैं.

नई दिल्ली. एक्ट्रेस नेहा धूपिया जल्द ही रियलिटी शो ‘रोडीज रीबर्थ’ के 20वें एडिशन में गैंग लीडर के तौर पर नजर आने वाली हैं. प्रोफेशनल फ्रंट पर नेहा हमेशा अपने बेबाक अंदाज और कॉन्फिडेंट पर्सनैलिटी के लिए जानी जाती हैं. नेहा धूपिया कहती हैं कि मां बनने के बाद उनकी जिंदगी में एक ऐसा बदलाव आया है, जिसने उनके कॉन्फिडेंस को भी अलग तरह से प्रभावित किया है. नेहा के मुताबिक, उन्हें करियर में जीत-हार या किसी के सही-गलत कहने से डर नहीं लगता, लेकिन अगर उनके बच्चों को जरा भी कुछ हो जाता है तो वो घबरा जाती हैं.

आईएएनएस के साथ बातचीत में नेहा ने अपने कॉन्फिडेंस को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि उनके लिए कॉन्फिडेंस का मतलब खुद के साथ सहज महसूस करना है. फिर चाहे बात कपड़ों की हो या किसी मुद्दे पर अपनी राय रखने की. वह उन्हीं चीजों को चुनना पसंद करती हैं, जिनमें उन्हें कंफर्टेबल महसूस हो.

नेहा ने बच्चों को बताया सबसे बड़ी वीकनेस

नेहा ने बताया कि मदरहुड के बाद उनकी सबसे बड़ी कमजोरी उनके बच्चे बन गए हैं. उन्होंने कहा कि आम जिंदगी में उन्हें बहुत कम चीजें नर्वस करती हैं, लेकिन जब बच्चों की बात आती है तो उनका आत्मविश्वास जैसे गायब हो जाता है. बच्चों को बुखार आना या उनकी तबीयत खराब होना उनके लिए सबसे ज्यादा परेशान करने वाली स्थिति होती है.

नेहा धूपिया ने पति अंगद बेदी की तारीफों के बांधे पुल

एक्ट्रेस ने इस दौरान अपने पति की भी तारीफ की. उन्होंने बताया कि जब वह काम की वजह से बच्चों के साथ मौजूद नहीं होती हैं, तब उनके पति उनकी जिम्मेदारी संभालते हैं. नेहा के मुताबिक, बच्चों के बीमार होने पर वह खुद तो घबरा जाती हैं और ऐसे समय में उनके पति को बच्चे के साथ-साथ उन्हें भी संभालना पड़ता है.

नेहा ने कहा कि अपनी प्रोफेशनल लाइफ में उन्होंने कभी हार या जीत को लेकर ज्यादा तनाव नहीं लिया. उन्हें इस बात की भी चिंता नहीं रहती कि कोई उन्हें सही समझता है या गलत. उनका मानना है कि जिंदगी छोटी है और हर पल को खुलकर जीना चाहिए. लेकिन बच्चों के मामले में उनकी सोच पूरी तरह बदल जाती है.

नेहा धूपिया: ’90 प्रतिशत ध्यान बच्चों पर रहता’

नेहा ने यह भी बताया कि काम के दौरान यहां तक कि इंटरव्यू देते वक्त भी उनके दिमाग का बड़ा हिस्सा बच्चों के बारे में सोचता रहता है. उनके मुताबिक, उस समय उनका सिर्फ एक छोटा हिस्सा ही प्रोफेशनल तौर पर कॉन्फिडेंट होता है, जबकि बाकी ध्यान बच्चों पर लगा रहता है.

About the AuthorPranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…

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New Delhi,Delhi

First Published :

September 12, 2026, 15:58 IST

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