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Oral Cancer : मुंह का छाला बना जाएगा कैंसर, कानपुर के डॉ. काला से जानिए 5 सबसे घातक लक्षण

कानपुर. मुंह में छाला होने पर अक्सर लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कुछ लोग घरेलू नुस्खे आजमाते हैं तो कुछ दवा लेकर आराम मिलने का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन अगर यही छाला लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा है, तो इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. खासकर गुटखा, खैनी, सिगरेट और शराब का नियमित सेवन करने वालों को मुंह में होने वाले किसी भी बदलाव को लेकर सावधान रहना चाहिए. यह बदलाव ओरल कैंसर (मुंह के कैंसर) का शुरुआती संकेत भी हो सकता है. कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर संजय काला बताते हैं कि मुंह के कैंसर का खतरा तंबाकू और शराब का सेवन करने वालों में अधिक रहता है. कई बार शुरुआत में बीमारी के लक्षण मामूली होते हैं, इसलिए लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं. समय पर जांच होने से बीमारी का पता शुरुआती अवस्था में लगाया जा सकता है और इलाज के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.

1. दो हफ्ते से ज्यादा पुराना छाला

मुंह या जीभ में छाला होने पर आमतौर पर कुछ दिनों में आराम मिल जाता है, लेकिन अगर कोई छाला दो हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक नहीं हो रहा है, बार-बार उसी जगह बन रहा है या घाव का आकार बढ़ रहा है, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है. खासकर तंबाकू का सेवन करने वालों को ऐसे छाले को सामान्य नहीं समझना चाहिए.

2. मुंह का पूरा न खुलना

गुटखा और सुपारी का लगातार सेवन करने से मुंह के अंदर के ऊतक सख्त हो सकते हैं. इसे ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस कहा जाता है. इसमें धीरे-धीरे मुंह खुलना कम हो जाता है. शुरुआत में पान या गुटखा खाने में परेशानी हो सकती है, लेकिन बाद में खाना खाने और बोलने में भी दिक्कत आने लगती है. यह बदलाव दिखे तो तुरंत विशेषज्ञ से जांच कराएं.

3. सफेद या लाल चकत्ते

गालों के अंदर, जीभ या मसूड़ों पर सफेद या लाल रंग के चकत्ते पड़ना भी चेतावनी का संकेत हो सकता है. इन्हें ल्यूकोप्लाकिया और एरिथ्रोप्लाकिया कहा जाता है. हर सफेद या लाल चकत्ता कैंसर नहीं होता, लेकिन कुछ में आगे चलकर कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए ऐसे बदलाव की जांच जरूरी है.

4. खाना खाने पर तेज जलन

तीखा या मसालेदार खाना खाने पर मुंह में बार-बार तेज जलन होना, दर्द रहना या किसी खास जगह पर संवेदनशीलता बढ़ जाना भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो मुंह के अंदर की जांच करानी चाहिए. तंबाकू छोड़ने के बाद भी लक्षण बने रहें तो डॉक्टर को जरूर बताएं.

5. खून आना या निगलने में दिक्कत

मुंह से बिना वजह खून आना, मसूड़ों या जीभ में दर्द रहना, आवाज में बदलाव होना या खाना निगलने में अचानक परेशानी होना भी गंभीर संकेत हो सकते हैं. गर्दन में गांठ महसूस हो या मुंह के किसी हिस्से में लगातार सुन्नपन रहे, तो भी जांच जरूरी है.

ऐसे करें मुंह की जांच

डॉ. संजय काला के अनुसार, तंबाकू और शराब का सेवन करने वालों को नियमित रूप से शीशे के सामने मुंह की जांच करनी चाहिए. गालों के अंदर, जीभ के ऊपर और नीचे, मसूड़ों तथा तालू को ध्यान से देखें. किसी भी तरह का घाव, चकत्ता या सूजन दिखाई दे तो डॉक्टर से संपर्क करें. जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ बायोप्सी या दूसरी जांच कराते हैं. सबसे जरूरी बात यह है कि मुंह में छाला होने का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता. लेकिन दो हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक न होने वाला घाव जांच की मांग जरूर करता है. तंबाकू और शराब छोड़ना मुंह के कैंसर से बचाव का सबसे अहम कदम है. समय पर जांच और इलाज से बीमारी पर काबू पाने की संभावना ज्यादा होती है.

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