Churu POCSO Court Verdict | चूरू पॉक्सो कोर्ट का फैसला

Last Updated:September 13, 2026, 11:49 IST
Churu POCSO Case: चूरू की पॉक्सो कोर्ट ने वर्ष 2024 के एक दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए बाल अपचारी को दोषी माना है और उसे 6 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने उसे 21 वर्ष की आयु तक बीकानेर के प्लेस ऑफ सेफ्टी में रखने और पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 6 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है. अगस्त 2024 में रतनगढ़ क्षेत्र की 15 वर्षीय किशोरी के साथ होटल में दुष्कर्म की यह घटना हुई थी, जिसके बाद महिला थाने में मामला दर्ज किया गया था. पुलिस जांच के बाद अदालत ने यह सजा सुनाई है.
ख़बरें फटाफट
Churu POCSO Case: पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बाल अपचारी को 6 साल की सजा
Churu: राजस्थान के चूरू जिले से पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने एक महत्वपूर्ण और कड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने वर्ष 2024 में दर्ज किए गए एक गंभीर दुष्कर्म के मामले में बाल अपचारी को दोषी करार देते हुए 6 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि बाल अपचारी को 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक बीकानेर स्थित ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ (संरक्षा गृह) में रखा जाएगा. इसके साथ ही, पीड़िता को न्याय और राहत दिलाते हुए ‘पीड़ित प्रतिकर स्कीम’ के तहत छह लाख रुपए का मुआवजा देने के भी निर्देश दिए गए हैं.
यह पूरा सनसनीखेज मामला अगस्त 2024 में चूरू के महिला पुलिस थाने में दर्ज कराया गया था. पुलिस में दी गई रिपोर्ट के अनुसार, रतनगढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी चूरू के ही एक गांव में अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई और सिलाई सीखने का काम करती थी. वह रोजाना सिलाई सीखने के लिए गांव से चूरू आती-जाती थी. इसी दौरान, चूरू बस स्टैंड पर उसकी मुलाकात एक बाल अपचारी से हुई थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया.
होटल में ले जाकर दिया था वारदात को अंजामपीड़िता पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, मुलाकात के अगले ही दिन बाल अपचारी किशोरी को बातचीत करने के बहाने अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया. वह उसे चूरू के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित ‘सनराइज होटल’ ले गया, जहां उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. आरोपी ने पीड़िता को घटना के बारे में किसी को भी बताने पर जान से मारने की गंभीर धमकी भी दी थी. इस खौफनाक घटना के बाद पीड़िता ने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके आधार पर महिला थाना चूरू में मामला दर्ज करवाया गया.
पुलिस अनुसंधान और कोर्ट का फैसलामामला दर्ज होने के बाद चूरू महिला थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए त्वरित अनुसंधान किया और सभी साक्ष्य जुटाए. पुलिस ने अपनी जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया. पॉक्सो कोर्ट में इस मामले की नियमित सुनवाई चली. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर आए साक्ष्यों व गवाहों का बारीकी से परीक्षण करने के बाद, पीठासीन अधिकारी ने बाल अपचारी को दोषी माना. अदालत के इस सख्त फैसले से पीड़िता को न्याय की उम्मीद ब बंधी है, वहीं बाल अपराधों के खिलाफ न्यायालय की सख्ती का यह एक और कड़ा संदेश है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
और पढ़ेंLocation :
Churu,Churu,Rajasthan
First Published :
September 13, 2026, 11:49 IST



