दिल्ली के ‘राक्षस’ पर ब्रह्मास्त्र से प्रहार, दिवाली से पहले पूरी तैयारी, इस बार कोई नहीं बचेगा – war against air pollution delhi government PUC

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दिल्ली के ‘राक्षस’ पर ब्रह्मास्त्र से प्रहार, दिवाली से पहले एक्शन की तैयार
Last Updated:September 14, 2026, 10:24 IST
Delhi Air Pollution News: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या बेहद गंभीर है. खासकर सर्दियों के मौसम में तो हालात बेकाबू हो जाते हैं. एयर पॉल्यूशन से पैदा होने वाले हालात को इसी से समझा जा सकता है कि सरकार को लॉकडाउन जैसे कठोर कदम भी उठाने पड़ते हैं. दिल्ली के लोग साफ और स्वच्छ हवा में सांस ले सकें इसके लिए सरकार अभी से ही एहतियाती कदम उठा रहे हैं.दिल्ली में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को लेकर सरकार ने अभी से कमर कस ली है. (फाइल फोटो)
Delhi Air Pollution News: देश की राजधानी दिल्ली में एयर पॉल्यूशन से हालात हर साल बेहद गंभीर हो जाते हैं. हालात तो ऐसे बन जाते हैं कि बिना मास्क से घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है. वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण का इसमें अहम योगदान होता है. सर्दियों का मौसम अब ज्यादा दूर नहीं है, ऐसे में दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए अभी से ही कमर कस लिया है. PUC सेंटर्स को लेकर खास योजना तैयार की है. सरकार ने पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी फैसला लिया है, ताकि रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सके.
बरसात का सीजन अब चंद दिनों का मेहमान है. इसके बाद सर्दियों की शुरुआत हो जाएगी. ऐसे में सरकार ने दिल्ली में प्रदूषण से निपटने की तैयारी भी शुरू कर दी है. राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण करने वाले वाहनों पर निगरानी करने के लिए सरकार दिल्ली में मौजूद 700 से ज्यादा प्रदूषण जांच केंद्रों (पीयूसीसी) को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड करेगी. पेट्रोल पंपों पर स्थित बूथों का रंग-रूप बदलने के साथ-साथ इन पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि वाहनों की जांच प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा सके और किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे.
सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी में वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए केवल सड़क पर वाहनों की जांच करना पर्याप्त नहीं है. इसके लिए प्रदूषण प्रमाणपत्र जारी करने की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना जरूरी है. कमर्शियल वाहनों को पुराने तकनीक वाले केंद्रों से फिटनेस प्रमाणपत्र मिल रहे थे, जबकि निजी वाहनों के लिए पेट्रोल पंपों के बाहर बने बूथों पर प्रदूषण प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं. अब इन दोनों व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी की जा रही है.
ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच के लिए दिल्ली सरकार ने तहखंड और नंद नगरी में दो अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर शुरू किए हैं. इन केंद्रों पर वाहनों की फिटनेस जांच आधुनिक तकनीक के माध्यम से की जाएगी. प्रत्येक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की क्षमता सालाना करीब 72 हजार वाहनों की जांच करने की है. यानी दोनों केंद्र हर साल लगभग 1.44 लाख व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच कर सकेंगे. दिल्ली में फिलहाल बिना प्रदूषण नियंत्रण जांच सर्टिफिकेट वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जा रहा है. ऐसे वाहनों की पहचान के लिए सभी पेट्रोल पंप पर एएनपीआर कैमरे और अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए गए हैं. इन कैमरों को परिवहन विभाग के पोर्टल से जोड़ा गया है. बिना पीयूसीसी ईंधन लेने पहुंचता है कैमरे उसकी नंबर प्लेट को पढ़कर उद्घोषणा कर देते हैं.
About the AuthorManish Kumar
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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New Delhi,Delhi
First Published :
September 14, 2026, 10:24 IST



