Sikar News: टोल प्लाजा पर वाहन की इलेक्ट्रॉनिक जांच, दस्तावेजों में कमी मिली तो अपने आप कटेगा ई-चालान

Last Updated:September 14, 2026, 12:31 IST
Sikar News: हाईवे पर वाहन चलाने वालों के लिए जरूरी खबर है। परिवहन विभाग ने ई-डिटेक्शन प्रणाली को प्रभावी कर दिया है. अब टोल प्लाजा से गुजरते ही वाहनों के फिटनेस, इंश्योरेंस और PUC जैसे जरूरी दस्तावेजों की इलेक्ट्रॉनिक जांच होगी. दस्तावेज एक्सपायर या रिकॉर्ड में अपडेट नहीं मिलने पर सिस्टम के जरिए ई-चालान जनरेट किया जा सकेगा, जिसकी सूचना वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS से भेजी जाएगी.
परिवहन विभाग ने हाईवे पर वाहनों की जांच व्यवस्था को और सख्त करते हुए ई-डिटेक्शन प्रणाली को प्रभावी कर दिया है. अब राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर टोल प्लाजा से गुजरते समय वाहनों के जरूरी दस्तावेजों की इलेक्ट्रॉनिक जांच होगी. वाहन के फिटनेस प्रमाण-पत्र, इंश्योरेंस, पीयूसी सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की वैधता सिस्टम के माध्यम से जांची जाएगी. यदि किसी वाहन का दस्तावेज समाप्त पाया जाता है या रिकॉर्ड में जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो सिस्टम के जरिए ई-चालान जनरेट किया जा सकेगा.
ई-डिटेक्शन प्रणाली के तहत टोल प्लाजा पर लगे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से गुजरने वाले वाहनों का रिकॉर्ड दर्ज होगा. इसी रिकॉर्ड के आधार पर परिवहन विभाग के उपलब्ध डेटाबेस से वाहन के दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा. इसके लिए चालक को टोल प्लाजा पर अलग से फिटनेस, इंश्योरेंस या पीयूसी के कागजात दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी. सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के आधार पर दस्तावेजों की स्थिति की जांच करेगा और कमी मिलने पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
परिवहन विभाग के अनुसार ई-डिटेक्शन के तहत ई-चालान की व्यवस्था जुलाई में शुरू की गई थी. शुरुआत में इस व्यवस्था का ट्रायल किया गया, ताकि इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और दस्तावेजों के रिकॉर्ड के बीच मिलान की प्रक्रिया को जांचा जा सके. अब ट्रायल के बाद व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होने लगी है और वाहनों के ई-चालान बनने भी शुरू हो गए हैं. इससे हाईवे पर चलने वाले ऐसे वाहनों पर निगरानी बढ़ेगी, जिनके जरूरी दस्तावेज अपडेट नहीं हैं.
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दस्तावेजों में कमी या उनकी वैधता समाप्त मिलने पर ई-चालान की सूचना वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी. यानी वाहन मालिक को टोल प्लाजा पर ही चालान की जानकारी मिलना जरूरी नहीं होगा, बल्कि उसके मोबाइल पर सूचना पहुंच सकती है. ई-डिटेक्शन व्यवस्था का उद्देश्य वाहनों के दस्तावेजों की जांच को इलेक्ट्रॉनिक और आसान बनाना है, ताकि हाईवे पर हर वाहन को रोककर कागजातों की मैनुअल जांच करने की जरूरत कम हो सके.
अगर किसी वाहन का ई-चालान गलत तरीके से बन गया है या वाहन के सभी दस्तावेज पहले से वैध हैं, तो वाहन मालिक को अपना पक्ष रखने का अधिकार होगा. इसके लिए संबंधित डीटीओ या आरटीओ कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी. परिवहन व सड़क सुरक्षा आयुक्त की ओर से जारी पत्र के अनुसार ई-डिटेक्शन से जारी ई-चालानों की जांच और सुनवाई के लिए परिवहन अधिकारियों को अधिकृत किया गया है. अधिकारी दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच के बाद मामले में नियमानुसार निर्णय ले सकेंगे.
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों और चालकों को हाईवे पर निकलने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज अपडेट रखने की सलाह दी है. खासतौर पर इंश्योरेंस, फिटनेस और पीयूसी की वैधता की जांच कर लेने को कहा गया है. दस्तावेजों की वैधता खत्म होने के बाद वाहन लेकर हाईवे पर निकलने पर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में जानकारी सामने आ सकती है और ई-चालान बनने की कार्रवाई शुरू हो सकती है. इसलिए वाहन मालिकों के लिए दस्तावेज समय पर नवीनीकृत कराना जरूरी होगा.
ई-चालान बनने के बाद उसका भुगतान अधिकृत ई-चालान पोर्टल, ई-मित्र या आरटीओ कार्यालय के अधिकृत काउंटर के माध्यम से किया जा सकेगा. डीटीओ ताराचंद बंजारा के अनुसार हाईवे पर ई-डिटेक्शन प्रणाली से चालान बनने शुरू हो गए हैं और वाहन मालिक संबंधित विभागीय कार्यालय में आपत्ति दर्ज करा सकते हैं. ई-चालानों की जांच के लिए परिवहन अधिकारियों को अधिकृत किया गया है. विभाग अब दस्तावेजों में गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई को लेकर सख्ती बरत रहा है.
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September 14, 2026, 12:31 IST



