Success Story: मजदूर पिता का मालिक बेटा, जमीन बेच शुरू किया मसाले का कारोबार, अब 80 लाख का टर्नओवर

Last Updated:September 14, 2026, 22:40 IST
Business Success Story: बिहार के मोहम्मद रहमत ने पिता के उस सपने को सच कर दिखाया, जिसे उन्होंने मसाला फैक्ट्री में काम करते हुए देखा था .बेटे ने कारोबार शुरू करने के लिए जमीन तक बेच दी और करीब ₹80 लाख का निवेश कर अपनी मसाला फैक्ट्री खड़ी की . लोकल 18 सक्सेस स्टोरी आज कहानी इसी सफलता की …
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बेगूसराय: एक पिता ने कभी दूसरे की मसाला फैक्ट्री में मजदूरी करते हुए एक सपना देखा था. रोज मसालों की खुशबू के बीच काम करते हुए उनके मन में ख्याल आता था कि काश, एक दिन उनकी भी अपनी फैक्ट्री हो. उस वक्त संसाधन कम थे और सपना बड़ा. लेकिन सालों बाद उसी सपने को बेटे ने अपना लक्ष्य बना लिया. बेटे ने पिता के सपने को पूरा करने के लिए परिवार की जमीन और घर तक बेच दिया. करीब 80 लाख रुपये से अधिक का निवेश कर मसाले का कारोबार शुरू किया. शुरुआत आसान नहीं थी. करीब ढाई साल तक छोटे स्तर पर बाजार बनाने और ग्राहकों का भरोसा जीतने के बाद कारोबार ने रफ्तार पकड़ी. आज दावा है कि उनकी फैक्ट्री से तैयार मसाले बिहार के लगभग सभी जिलों तक पहुंच रहे हैं. हर महीने करीब 10 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हो रही है.
गाजियाबाद की फैक्ट्री में मजदूरी करते थे पितामोहम्मद रहमत बताते हैं कि उनके पिता लंबे समय तक गाजियाबाद की एक मसाला फैक्ट्री में काम करते थे. दूसरे की फैक्ट्री में रोज काम करते हुए उनके मन में अपनी फैक्ट्री शुरू करने की इच्छा पैदा हुई. पिता के पास सपना था, लेकिन उसे पूरा करने के लिए जरूरी पूंजी और संसाधन नहीं थे. बेटे रहमत ने पिता की इसी इच्छा को अपनी जिंदगी का लक्ष्य बना लिया. उन्होंने तय किया कि चाहे जितनी मुश्किल आए, परिवार की अपनी मसाला फैक्ट्री जरूर होगी.
जमीन और घर बेचकर जुटाई पूंजीजब कारोबार शुरू करने के लिए बड़ी रकम की जरूरत पड़ी तो परिवार ने अपनी संपत्ति बेचकर पैसा जुटाया. रहमत के मुताबिक फैक्ट्री खड़ी करने और कारोबार को मौजूदा स्तर तक पहुंचाने में 80 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं. शुरुआत छोटे स्तर से हुई. करीब ढाई साल तक उन्होंने बाजार को समझा, ग्राहकों तक पहुंच बनाई और अपने मसालों की पहचान बनाने की कोशिश की. बड़े ब्रांडों के बीच जगह बनाना आसान नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे कारोबार आगे बढ़ता गया.
धनिया, हल्दी से लेकर चिकन-बिरयानी मसालाआज फैक्ट्री में कई तरह के मसाले तैयार किए जाते हैं. इनमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, गरम मसाला, चिकन मसाला, बिरयानी मसाला और पनीर मसाला समेत करीब 10 तरह की वैरायटी शामिल हैं. रहमत के मुताबिक फैक्ट्री से तैयार माल को स्टॉक प्वाइंट और बाजार के जरिए बिहार के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है. यहां से रोज सुबह करीब 6 बजे गाड़ियां मसाले लेकर बाजार के लिए निकलने लगती हैं.
1 हजार किसानों से जुड़ा कारोबारइस कारोबार का फायदा सिर्फ फैक्ट्री तक सीमित नहीं है. रहमत के अनुसार करीब 1000 किसान उनके कारोबार से जुड़े हुए हैं. लाल मिर्च के लिए समस्तीपुर समेत बिहार के अलग-अलग इलाकों से कच्चा माल लिया जाता है. कुछ सामग्री आंध्र प्रदेश से भी मंगाई जाती है. वहीं हल्दी के लिए स्थानीय किसानों को प्राथमिकता दी जाती है. बेगूसराय के किसानों से भी हल्दी खरीदी जाती है. इस तरह मसाले की फैक्ट्री किसानों के उत्पाद को बाजार देने का काम भी कर रही है.
पिछले साल 80 लाख का टर्नओवररहमत ने आगे बतलाया कि कारोबार अब हर महीने करीब 10 लाख रुपये से अधिक की बिक्री कर रहा है. पिछले साल व्यवसाय का टर्नओवर करीब 80 लाख रुपये रहा. कारोबार बढ़ा तो रोजगार भी पैदा हुआ. फैक्ट्री में करीब 15 लोगों को काम मिला है. कोई प्रोसेसिंग संभालता है तो कोई पैकिंग, स्टॉक और दूसरे काम. फैक्ट्री में काम करने वाले विजय कुमार बताते हैं कि वह करीब आठ घंटे काम करते हैं. उन्हें लगभग 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती है. यानी महीने में करीब 18 हजार रुपये तक कमाई हो जाती है. अपने ही इलाके में रोजगार मिलने से उन्हें बाहर दूसरे प्रदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
About the AuthorAmit Ranjan
अमित रंजन वर्तमान में में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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Begusarai,Bihar
First Published :
September 14, 2026, 22:40 IST



