BJP जीत का जश्न मना रही, कांग्रेस ने आंकड़ों से खोली दूसरी तस्वीर; डोटासरा ने कर दिया ये दावा

जयपुर. राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों के बाद बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में जीत का जश्न मनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, पार्टी के पदाधिकारी और नवनिर्वाचित पार्षद पार्टी मुख्यालय पहुंचे. यहां आतिशबाजी के साथ जीत का जश्न मनाया गया. बीजेपी इसे राज्य सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर बता रही है.
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने चुनाव परिणामों को बीजेपी के लिए जीत मानने से इनकार किया है. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर कई सवाल खड़े किए. डोटासरा ने कहा कि अब तक हुई वार्डों की गणना में बीजेपी का वोट प्रतिशत 35.35 फीसदी रहा है, जबकि कांग्रेस को 34.35 फीसदी वोट मिले हैं. उन्होंने कहा कि दोनों दलों के वोट प्रतिशत में ज्यादा अंतर नहीं है.
डोटासरा बोले- एससी वार्डों में कांग्रेस आगे
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि दलित समाज के प्रति बीजेपी के रवैये का चुनाव परिणामों पर असर पड़ा है. उनके मुताबिक एससी के लिए आरक्षित वार्डों में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया है. उन्होंने दावा किया कि एससी-एसटी के वार्डों में बीजेपी को जनता ने नकार दिया. डोटासरा ने परिसीमन को लेकर भी बीजेपी पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि परिसीमन में बीजेपी ने बेईमानी की और अगर ऐसा नहीं होता तो बीजेपी इतनी सीटें नहीं जीत पाती. उन्होंने अजमेर और पाली में कांग्रेस के प्रदर्शन को बीजेपी से बेहतर बताया. जोधपुर को लेकर डोटासरा ने कहा कि यहां कांग्रेस बीजेपी से एक सीट आगे है और कांग्रेस का वोट प्रतिशत 42.7 फीसदी, जबकि बीजेपी का 39.8 फीसदी रहा है. उन्होंने बीकानेर में कांग्रेस का बोर्ड स्पष्ट रूप से बनने का दावा भी किया.
बीजेपी बोली- 31 महीने के काम पर लगी मुहर
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने निकाय चुनाव के जनादेश का स्वागत करते हुए कहा कि जनता ने पिछले 31 महीनों में राज्य सरकार के कामकाज पर मुहर लगाई है. उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनावों में बीजेपी को करीब 90 प्रतिशत सफलता मिली है और निकायों में पार्टी का बहुमत बढ़ा है. मदन राठौड़ ने कहा कि पहली बार प्रदेश में ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के तहत चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए. उन्होंने कहा कि यह बीजेपी के लिए जनता का आशीर्वाद है. राठौड़ ने यह भी कहा कि जिन जगहों पर बीजेपी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, वहां पार्टी इसकी समीक्षा करेगी. पाली समेत कमजोर प्रदर्शन वाले इलाकों को लेकर भी संगठन स्तर पर मंथन किया जाएगा.
बागियों के लिए बीजेपी ने खोले दरवाजेनिकाय चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बागी नेताओं को लेकर भी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने बड़ा बयान दिया. मदन राठौड़ ने कहा कि अगर बागी अपनी गलती स्वीकार करते हैं तो पार्टी में वापस लेने पर विचार किया जाएगा. बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और निकाय चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी, राष्ट्रीय मंत्री रोहन गुप्ता और प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे.
सीएम बोले- जनता ने पीएम मोदी पर जताया भरोसामुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निकाय चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन को जनता का आशीर्वाद बताया. उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्राम विकास, वार्ड विकास और योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का निकाय विकास संकल्प पत्र जनता के विकास और गरीब कल्याण से जुड़ा है. सीएम ने कहा कि बीजेपी ऐसी पार्टी है जो जनता से जुड़कर काम करती है और लोगों के सुख-दुख में शामिल होती है. उन्होंने निकाय चुनाव के नतीजों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जनता के विश्वास से भी जोड़ा. मुख्यमंत्री ने ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ को लेकर भी कहा कि बीजेपी ने जो संकल्प लिया था, जनता ने उसे स्वीकार किया है.
डोटासरा ने उत्तराखंड और पंचायत चुनाव का भी किया जिक्र
डोटासरा ने उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि जनता ने इस तरह की राजनीति को नकार दिया है. डोटासरा ने आगे दावा किया कि आने वाले पंचायती राज चुनाव में बीजेपी का सूपड़ा साफ होना तय है. निकाय चुनाव के नतीजों के बीच कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही अब पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटने की बात कह रहे हैं. ऐसे में निकाय चुनाव के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं.
बीजेपी मुख्यालय में जश्न, आगे बोर्ड गठन की चुनौती
राजस्थान के 309 शहरी निकायों के चुनाव में बीजेपी कुल वार्ड जीत के मामले में कांग्रेस से आगे रही है. सोमवार शाम तक उपलब्ध आंकड़ों में बीजेपी 4,171 वार्ड और कांग्रेस 3,597 वार्ड जीत चुकी थी. हालांकि कई बड़े निकायों में तस्वीर अलग रही. बीकानेर में कांग्रेस बहुमत की स्थिति में पहुंची, जबकि अजमेर और पाली में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी. जोधपुर में दोनों दल बराबरी पर रहे और भरतपुर में निर्दलीयों ने सबसे ज्यादा सीटें जीतीं.
जीत-हार तक सीमित नहीं यह चुनाव
इसलिए निकाय चुनाव का पूरा राजनीतिक संदेश सिर्फ बीजेपी की जीत या कांग्रेस की हार तक सीमित नहीं है. बीजेपी राज्यभर में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन कई बड़े शहरों में बोर्ड बनाने के लिए उसे स्थानीय समीकरणों का सामना करना होगा. वहीं कांग्रेस के लिए भी अजमेर, बीकानेर और पाली जैसे नतीजे राहत देने वाले हैं, लेकिन राज्यव्यापी वार्ड आंकड़ों में वह बीजेपी से पीछे है. अब निगाहें उन निकायों पर हैं जहां किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. यहां निर्दलीय और छोटे दल बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं.



