Sikar News: महाराव शेखाजी बालिका सैनिक स्कूल में बदलेगा पढ़ाई का पूरा सिस्टम, बेटियां लेंगी सैन्य प्रशिक्षण

Last Updated:September 15, 2026, 16:03 IST
Sikar News: सीकर और बीकानेर के बालिका सैनिक स्कूलों में अब नई नियमावली के तहत पढ़ाई और सैन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी. अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा, कक्षा 6 और आगे चलकर 9वीं में लिखित परीक्षा से प्रवेश, अनिवार्य NCC प्रशिक्षण, शूटिंग, सेल्फ डिफेंस और हॉर्स राइडिंग जैसी गतिविधियां छात्राओं के प्रशिक्षण का हिस्सा होंगी. स्कूलों में 560 छात्राओं की क्षमता और 25 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी किया गया है.
सीकर के मोहनपुरा गांव में स्थित महाराव शेखाजी बालिका सैनिक स्कूल और बीकानेर के बालिका सैनिक स्कूल का संचालन अब तय की गई नई नियमावली के अनुसार होगा. इन स्कूलों में सैनिक स्कूल झुंझुनूं और चित्तौड़गढ़ की तर्ज पर पढ़ाई और प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित की जाएगी. कक्षा छह के साथ आगे चलकर कक्षा नौ में भी लिखित परीक्षा के आधार पर छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा.
नई व्यवस्था के तहत स्कूल में शिक्षा अंग्रेजी माध्यम से दी जाएगी. दसवीं कक्षा तक सामान्य शैक्षणिक पाठ्यक्रम के बाद 11वीं और 12वीं में केवल विज्ञान विषय की पढ़ाई होगी. पात्रता और आवश्यक शर्तें पूरी होने पर आगामी सत्रों में स्कूल को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बजाय सीबीएसई से संबद्ध करने का विकल्प भी रखा गया है. इससे छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में अतिरिक्त लाभ मिलेगा.
स्कूल में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा को मुख्य आधार बनाया गया है. कक्षा छह में प्रवेश के लिए भाषा, गणित और इंटेलिजेंस से संबंधित प्रश्नों पर परीक्षा होगी. वहीं कक्षा नौ में प्रवेश के लिए गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी. फिलहाल शुरुआती दो वर्षों तक कक्षा छह में ही प्रवेश दिया जाएगा. इसके बाद कक्षा नौ शुरू होने पर खाली सीटों के लिए परीक्षा के जरिए प्रवेश दिया जाएगा.
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बालिका सैनिक स्कूल में एनसीसी प्रशिक्षण छात्राओं के लिए अनिवार्य रहेगा. कक्षा 11वीं तक सभी छात्राओं को एनसीसी गतिविधियों में हिस्सा लेना होगा. इसके अलावा छात्राओं को शूटिंग, सेल्फ डिफेंस और हॉर्स राइडिंग जैसे विशेष कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. शैक्षणिक भ्रमण, साहसिक गतिविधियां और मेहनत से जुड़े कार्य भी प्रशिक्षण व्यवस्था का हिस्सा होंगे. इससे छात्राओं में अनुशासन, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता और शारीरिक दक्षता विकसित करने पर जोर रहेगा.
नियमावली में छात्रवृत्ति पाने वाली छात्राओं के लिए रक्षा सेवाओं से जुड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होना अनिवार्य किया गया है. ऐसी छात्राओं को एनडीए अथवा अन्य रक्षा संबंधी प्रवेश परीक्षाओं में हिस्सा लेना होगा. हालांकि छात्रवृत्ति नहीं पाने वाली छात्राओं के लिए यह अनिवार्यता नहीं रखी गई है. स्कूल के संचालन की निगरानी शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता वाले बोर्ड ऑफ गवर्नेंस और शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली कार्यकारी समिति करेगी.
स्कूल में शिक्षा के साथ छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. हॉस्टल, कैंटीन और मेस के साथ इंडोर गेम्स हॉल, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और हॉकी के मैदान, स्विमिंग पूल, ऑडिटोरियम, व्यायामशाला और एथलेटिक्स ट्रैक जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. प्रिंसिपल पद पर लेफ्टिनेंट कर्नल या समकक्ष सैन्य अधिकारी तथा वार्डन के पद पर भी सैन्य अधिकारी की नियुक्ति का प्रावधान है.
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September 15, 2026, 16:03 IST



