एक-दो खराब सीरीज से हमारा आकलन न करें, सबसे तेज शतक जड़ने के बाद अभिषेक का आलोचकों को करारा जवाब

होमखेलक्रिकेट
एक-दो खराब सीरीज से हमारा आकलन न करें, अभिषेक शर्मा का आलोचकों को जवाब
Last Updated:September 18, 2026, 00:02 IST
Abhishek Sharma Statement: मैच के बाद अभिषेक ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि पिछले दो सालों के प्रदर्शन के आधार पर एक-दो खराब सीरीज़ से टीम का आकलन नहीं किया जा सकता. खेल में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है, लेकिन सबसे अहम बात टीम की सोच है. विरोधी टीम चाहे कोई भी हो, उनका लक्ष्य पूरे साल मैदान पर दबदबा बनाए रखना है.अभिषेक शर्मा ने रिकॉर्डतोड़ शतक जड़ने के बाद आलोचकों को सुनाई खरी खरी.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के युवा विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों पर शतक जड़ने के बाद अपने बयान से आलोचकों और प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. पिछले कुछ समय से टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों की निरंतरता पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बेहद बेबाक और स्पष्ट अंदाज़ में टीम की रणनीति, सोच और भविष्य के लक्ष्यों को सामने रखा. अभिषेक के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि भले ही बाहर कितनी भी चर्चाएं क्यों न चल रही हों, लेकिन ड्रेसिंग रूम का माहौल और सोच पूरी तरह से मजबूत और सकारात्मक है.
मैच के बाद अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) ने कहा, ‘मैंने पहले भी कहा है कि हम ऐसा पिछले दो साल से कर रहे हैं और एकाध खराब सीरीज से हमारा आकलन नहीं हो सकता. एक बल्लेबाज और क्रिकेटर के तौर पर उतार-चढ़ाव आता है लेकिन एक टीम के तौर पर हम क्या सोचते हैं यह मायने रखता है. हम पूरे साल दबदबा बनाना चाहते थे, भले ही प्रतिद्वंद्वी टीम कोई भी हो. सबसे जरूरी बात यह है कि एक टीम के तौर पर हमें साथ रहना होगा और एक-दूसरे का समर्थन करना होगा. ऐसी ही पारियां तब बनती हैं.’
अभिषेक शर्मा ने रिकॉर्डतोड़ शतक जड़ने के बाद आलोचकों को सुनाई खरी खरी.
‘एक-दो सीरीज से आकलन सही नहीं’मॉडर्न क्रिकेट में उम्मीदों का दबाव हमेशा चरम पर रहता है. एक या दो सीरीज में खराब प्रदर्शन करते ही खिलाड़ियों की फॉर्म और टीम की नीति पर सवाल खड़े होने लगते हैं. अभिषेक ने इस बात को खारिज करते हुए याद दिलाया कि टीम पिछले दो सालों से लगातार बेहतरीन क्रिकेट खेलती आ रही है. क्रिकेट जैसे खेल में कोई भी खिलाड़ी या टीम हर मुकाबले में शीर्ष पर नहीं रह सकती. किसी एक खराब दौरे या सीरीज के आधार पर पूरी टीम की क्षमता पर सवाल उठाना जल्दबाज़ी होगी.
उतार-चढ़ाव खेल का अभिन्न हिस्साएक व्यक्तिगत खिलाड़ी और क्रिकेटर के रूप में हर खिलाड़ी को अपनी करियर यात्रा में कठिन समय से गुजरना पड़ता है. अभिषेक का मानना है कि मैदान पर बनने वाले रन या विकेट केवल आंकड़ों का हिस्सा हैं, लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब टीम कठिन परिस्थितियों का सामना करती है. व्यक्तिगत असफलताओं से उबरकर आगे बढ़ना ही एक परिपक्व खिलाड़ी की पहचान है, और यही सोच पूरी टीम को आगे ले जाने में मदद करती है.
साल भर दबदबा बनाने की मंशाअभिषेक ने टीम के मुख्य लक्ष्य को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि विरोधी टीम चाहे दुनिया की कोई भी मजबूत टीम हो, उनका इरादा मैदान पर अपना दबदबा बनाए रखने का है. टीम रक्षात्मक रवैया अपनाने के बजाय आक्रामक और निडर क्रिकेट खेलने में विश्वास रखती है. केवल कुछ मैचों में जीत हासिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि पूरे साल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाना ही टीम का असली विजन है.
अभिषेक ने खेली 108 रन की तूफानी पारीअभिषेक तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अफगानिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए 30 गेंद में शतक जड़ दिया जिसकी बदौलत भारत ने 127 से जीत दर्ज कर सीरीज 3-0 से अपने नाम की. अभिषेक ने 34 गेंद में 108 रन की पारी खेली जिसमें 11 छक्के और नौ चौके शामिल थे. यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका तीसरा शतक है. महज 30 गेंदों में शतक जड़कर वह इस प्रारूप में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय क्रिकेटर बन गए। इससे भारत ने सात विकेट पर 221 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
और पढ़ेंLocation :
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
September 18, 2026, 00:01 IST



