Tips And Tricks I bhilwara news I पुराने अखबार से किचन गार्डन की करें स्मार्ट गार्डनिंग, ये टिप्स आएंगे काम

Last Updated:September 14, 2026, 17:14 IST
Tips And Tricks: घर में रोज आने वाला पुराना अखबार पढ़ने के बाद अक्सर कूड़े में चला जाता है, लेकिन यही अखबार आपके किचन गार्डन के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है. मल्चिंग से लेकर सीडिंग पॉट और गमलों के नीचे इस्तेमाल तक, पुराने न्यूज़ पेपर को कई आसान तरीकों से दोबारा काम में लिया जा सकता है. जानिए पौधों की देखभाल में अखबार के इस्तेमाल के आसान और उपयोगी तरीके.
घर में रोज आने वाला न्यूज़ पेपर पढ़ने के बाद अक्सर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, लेकिन अगर आपके घर में किचन गार्डन है तो यही पुराना अखबार पौधों के लिए काफी काम आ सकता है. इसका इस्तेमाल मिट्टी को ढकने से लेकर पौधों की देखभाल तक कई छोटे-छोटे कामों में किया जा सकता है.
पुराने न्यूज़ पेपर का सबसे आसान इस्तेमाल मल्चिंग के तौर पर किया जा सकता है, इसके लिए अखबार की कुछ परतें बनाकर पौधे के आसपास की मिट्टी पर बिछा दें. ध्यान रखें कि तने को पूरी तरह न ढकें, इसके ऊपर थोड़ी मिट्टी या सूखी पत्तियां डाल सकते हैं. इससे मिट्टी जल्दी सूखने से बचती है और खरपतवार को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है.
अगर आप घर में पौधों के बीज तैयार करते हैं तो पुराने अखबार से छोटी सीडिंग पॉट भी बनाई जा सकती है. अखबार को मोड़कर छोटे कप जैसी आकृति दें और उसमें मिट्टी भरकर बीज लगा दें. जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए तो इसे अखबार समेत मिट्टी में लगाया जा सकता है. इस तरह प्लास्टिक की छोटी पॉलीथिन या कंटेनर का इस्तेमाल भी कम किया जा सकता है.
Add as Preferred Source on Google
अखबार का इस्तेमाल गमलों के नीचे भी किया जा सकता है, गमले से पानी निकलने के बाद नीचे रखी जगह गीली और गंदी न हो, इसके लिए अखबार की कुछ परतें बिछाई जा सकती हैं. हालांकि अखबार को लंबे समय तक गीला छोड़ने के बजाय समय-समय पर बदलते रहना चाहिए. साथ ही चमकीले या बहुत ज्यादा रंगीन प्रिंट वाले कागज के बजाय सामान्य अखबार का इस्तेमाल करना बेहतर है.
इस तरह घर में पड़े पुराने न्यूज़ पेपर को फेंकने के बजाय किचन गार्डन में उपयोग किया जा सकता है. इससे रोजमर्रा के कचरे का कुछ हद तक दोबारा इस्तेमाल होगा और पौधों की देखभाल भी आसान हो सकती है. थोड़ी सी समझदारी से घर का छोटा सा किचन गार्डन ज्यादा व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
September 14, 2026, 17:14 IST



