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Agriculture: कटाई के बाद किसान ऐसे बचाएं बाजरे के दाने, नमी और फफूंद से फसल रहेगी सुरक्षित

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कटाई के बाद किसान ऐसे बचाएं बाजरे के दाने, नमी और फफूंद से फसल रहेगी सुरक्षित

Last Updated:September 18, 2026, 07:46 IST

Pearl Millet Storing Tips: राजस्थान में इन दिनों बाजरे की कटाई का काम चल रहा है. किसान फसल की कटाई के दौरान कुछ जरूरी सावधानियां रखकर दानों को खराब होने से बचा सकते हैं. बाजरे की बालियां पूरी तरह पकने और दानों में पर्याप्त सूखापन आने के बाद ही कटाई करनी चाहिए. बारिश की संभावना होने पर कटाई से बचें और कटी फसल को खुले में ज्यादा देर न छोड़ें. मड़ाई के बाद दानों को अच्छी तरह साफ और धूप में सुखाकर ही भंडारण करें. बाजरे को सूखे, साफ और हवादार स्थान पर रखें. बोरे सीधे फर्श पर रखने के बजाय ऊंचे स्थान पर रखें और समय-समय पर नमी, फफूंद व कीड़ों की जांच करते रहें.

इन दिनों बाजरे की फसल की कटाई का काम चल रहा है और किसान खेतों में बाजरे की कटाई में जुटे हुए हैं. कटाई के समय कुछ जरूरी सावधानियां रखने से फसल की गुणवत्ता अच्छी बनी रहती है और दाने खराब होने से बचाए जा सकते हैं. किसानों को बाजरे की बालियों के पूरी तरह पकने और दानों में पर्याप्त सूखापन आने के बाद ही कटाई करनी चाहिए. जल्दबाजी में कटाई करने से दानों में नमी अधिक रह सकती है, जिससे बाद में भंडारण के दौरान फसल खराब होने का खतरा रहता है.

कटाई के दौरान खेत में मौसम का भी ध्यान रखना जरूरी है. बारिश की संभावना होने पर कटाई से बचें और अगर फसल काट ली गई है तो उसे खुले में ज्यादा देर न छोड़ें. बालियों को अच्छी तरह सुखाने के बाद ही दाने अलग करें. दानों में नमी अधिक होने पर उन्हें धूप में अच्छी तरह सुखाना चाहिए. साथ ही कटाई और मड़ाई के दौरान मिट्टी, कचरा, खरपतवार के बीज और अन्य बाहरी सामग्री को फसल में मिलाने से बचें.

कटाई के बाद बाजरे को भंडारण से पहले अच्छी तरह साफ करके सुखाना चाहिए. दानों को तब तक धूप में सुखाएं, जब तक उनमें अतिरिक्त नमी न रह जाए. इसके बाद साफ और सूखे बोरों या उपयुक्त भंडारण कंटेनर में भरें. भंडारण की जगह साफ, सूखी और हवादार होनी चाहिए. फसल को सीधे फर्श पर रखने के बजाय लकड़ी के पट्टे या ऊंचे स्थान पर रखना बेहतर रहता है, ताकि नीचे से नमी न लगे.

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भंडारण के दौरान समय-समय पर बाजरे की जांच करते रहें. अगर दानों में नमी, फफूंद, बदबू या कीड़े दिखाई दें तो उन्हें तुरंत अलग करें. बारिश के मौसम में खासतौर पर भंडारण वाली जगह पर पानी या सीलन नहीं आने दें. पुराने और नए अनाज को एक साथ रखने के बजाय अलग-अलग रखना भी बेहतर है. भंडारण के लिए इस्तेमाल होने वाले बोरे और जगह पहले से साफ कर लेना चाहिए.

किसानों के लिए बाजरे की कटाई के बाद सबसे जरूरी बात यह है कि फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही भंडारण किया जाए. कटाई के समय पकी हुई फसल लें, बारिश और नमी से बचाएं तथा मड़ाई के बाद दानों की सफाई जरूर करें. सही तरीके से सुखाने और सूखी जगह पर भंडारण करने से बाजरे की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रह सकती है और किसानों को फसल खराब होने से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है.

First Published :

September 18, 2026, 07:46 IST

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