सिरोही में आंगनवाड़ी का खाना खाने के बाद 6-7 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, उल्टी-दस्त से मचा हड़कंप

Last Updated:September 18, 2026, 15:54 IST
सिरोही जिले के मनोरा गांव से एक बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. गांव के आंगनवाड़ी केंद्र में खाना खाने के बाद अचानक 6 से 7 मासूम बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. आंगनवाड़ी केंद्र में कुछ खाने या पीने के थोड़ी ही देर बाद मासूमों को अचानक पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी. बच्चों को तड़पता देख परिजनों के हाथ-पांव फूल गए. बिना एक पल गंवाए परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन घुमाया और सभी बच्चों को आनन-फानन में सिरोही के सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया.
सिरोही. राजस्थान के जिले सिरोही के मनोरा गांव में आंगनवाड़ी केंद्र पर खाना खाने के बाद 6 से 7 बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई. बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर परिजन तुरंत उन्हें एंबुलेंस से सिरोही के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने सभी बच्चों का इलाज शुरू कर दिया है. फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है.
सिरोही के मनोरा गांव में आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि आंगनवाड़ी में कुछ खिलाने के बाद 6 से 7 बच्चों को अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी. बच्चों की हालत बिगड़ते ही परिजनों ने बिना देरी किए एंबुलेंस की मदद से सभी को सिरोही सरकारी अस्पताल पहुंचाया. यहां डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया. डॉक्टर के मुताबिक, सभी बच्चे फिलहाल स्थिर हैं और उनकी जांच की जा रही है.
आंगनवाड़ी केंद्र के खाने की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे
वहीं, बच्चों के परिजनों ने आंगनवाड़ी केंद्र पर दिए गए खाने की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं. अब बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह जांच के बाद ही साफ हो पाएगी. अस्पताल में भर्ती बच्चों में पायल, व्यंग, हर्षिता, आयुष और महेश शामिल हैं. सभी का बच्चों के वार्ड में लगातार इलाज चल रहा है. बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह को लेकर जांच जारी है.
ट्रॉमा सेंटर में प्राथमिक इलाज के बाद बच्चों की तबीयत में सुधार हुआ. इसके बाद उन्हें बच्चों के वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया. इस दौरान पांच बच्चों के परिजन भी अस्पताल में उनके साथ मौजूद रहे. परिजनों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चों को क्या खिलाया या पिलाया गया था. उनका कहना है कि वे भरोसा करके ही बच्चों को आंगनवाड़ी भेजते हैं.
About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor
Sajan Kumar is a journalist with professional experience in digital news, web journalism, SEO content, copy editing and social media storytelling. He has been working in journalism since 2020 and has worked wit…
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Sirohi,Rajasthan
First Published :
September 18, 2026, 15:51 IST



