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Healthy Horse Diet: घोड़े की सेहत सुधारने का देसी तरीका, जौ-चना से लेकर चारे तक जानें सही तरीका

Last Updated:September 18, 2026, 18:18 IST

Healthy Horse Diet: घोड़े को मजबूत और स्वस्थ बनाने के लिए सिर्फ ज्यादा चारा देना ही काफी नहीं है. उम्र, वजन और काम के अनुसार संतुलित आहार देना जरूरी है. बछेड़े के लिए हरा-सूखा चारा, साफ पानी और जरूरत के अनुसार दाना उसकी हड्डियों और मांसपेशियों के विकास में मदद करता है. जानिए घोड़े की सही डाइट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए.

आमतौर पर देखा जाता है कि घोड़ा पालने वाले लोग अक्सर इस बात का सबसे ज्यादा ध्यान रखते हैं कि किस तरह घोड़े को मजबूत बनाए जा सके. घोड़े को कम उम्र से ही सही और संतुलित आहार देना उसकी अच्छी सेहत के लिए जरूरी माना जाता है. बढ़ती उम्र में घोड़े के शरीर, हड्डियों और मांसपेशियों का विकास तेजी से होता है इसलिए इस दौरान पौष्टिक भोजन पर खास ध्यान देना चाहिए. केवल ज्यादा मात्रा में चारा देने के बजाय उसकी उम्र और काम के अनुसार आहार देना अधिक इंपॉर्टेंट है.

घोड़े के छोटे बच्चों यानी बछेड़े को नॉर्मल तरह से अच्छी गुणवत्ता का सूखा चारा, हरा चारा और साफ पानी उपलब्ध रखना चाहिए. इसके साथ पशु चिकित्सक या पशु पोषण विशेषज्ञ की सलाह से उम्र के अनुसार संतुलित दाना दिया जा सकता है. अचानक बहुत ज्यादा दाना या भारी खुराक देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है.

घर पर दी जाने वाली देसी खुराक में जौ, चना, मक्का या अन्य अनाज का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इन्हें घोड़े की उम्र और जरूरत के हिसाब से उचित मात्रा में ही देना चाहिए. अनाज को साफ करके और जरूरत के अनुसार भिगोकर या हल्का तैयार करके देने की सलाह दी जाती है. खुराक में बदलाव हमेशा धीरे-धीरे करना बेहतर रहता है.

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घोड़े की मजबूत हड्डियों और शरीर के विकास के लिए सिर्फ अनाज ही पर्याप्त नहीं होता. उसे पर्याप्त रेशा, प्रोटीन, खनिज और विटामिन भी चाहिए. नमक और मिनरल सप्लीमेंट की जरूरत भी घोड़े की उम्र, चारे और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है, इसलिए बिना जानकारी के किसी एक चीज को ज्यादा मात्रा में खिलाना उचित नहीं है.

घोड़े को ताजा और साफ पानी हर समय उपलब्ध होना चाहिए, साथ ही चारे को फफूंद, नमी और गंदगी से बचाकर रखना जरूरी है. यदि घोड़े को दस्त, भूख कम लगना, पेट दर्द, कमजोरी या वजन कम होने जैसी समस्या दिखाई दे तो घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय पशु चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए.

इस तरह कम उम्र से ही संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित देखभाल मिलने पर घोड़े का सामान्य विकास बेहतर हो सकता है. हालांकि हर घोड़े की जरूरत उसकी उम्र, नस्ल, शरीर के वजन और काम के स्तर के अनुसार अलग होती है. इसलिए किसी भी देसी खुराक की मात्रा तय करने से पहले स्थानीय पशु चिकित्सक या पशु पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है.

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September 18, 2026, 18:18 IST

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