कांग्रेस के 13 बाड़ों में पुलिस पहुंचने का आरोप, डोटासरा बोले- ऐसा ही चला तो हालात बिगड़ेंगे

जयपुर. राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में पार्षदों के नतीजों के बाद अब मेयर, सभापति और चेयरमैन पदों के लिए सियासी जोड़-तोड़ तेज हो गई है. नाम वापसी के बाद 305 निकायों में बोर्ड गठन की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है. 32 निकायों में चेयरमैन निर्विरोध चुने गए हैं. इनमें बीजेपी के खाते में 28, कांग्रेस के 2 और 2 पद निर्दलीयों के पास गए हैं. वहीं 18 निकाय ऐसे हैं, जहां बीजेपी बहुमत में नहीं थी, लेकिन निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से सभापति या चेयरमैन पद पर कब्जे की स्थिति बनी है.
दूसरी तरफ कांग्रेस ने पार्षदों की बाड़ेबंदी में पुलिस के पहुंचने और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया कि कांग्रेस के 13 बाड़ों में पुलिस पहुंची है. उन्होंने डीजीपी से पुलिस कार्रवाई रोकने की अपील करते हुए कहा कि अगर इसे नहीं रोका गया तो प्रदेश में हिंसा और आक्रोश की स्थिति बन सकती है. हालांकि इन आरोपों पर सरकार और पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है.
32 निकायों में निर्विरोध चेयरमैन चुने गए
नाम वापसी के बाद 32 निकायों में चेयरमैन निर्विरोध चुने गए. इनमें 2 नगर निगम में बीजेपी के मेयर, 5 नगर परिषदों में बीजेपी के सभापति और 21 नगरपालिकाओं में बीजेपी के चेयरमैन निर्विरोध बने हैं. दो निकायों में कांग्रेस और दो में निर्दलीय प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए. 18 निकायों में बीजेपी बहुमत में नहीं थी, इसके बावजूद निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से बोर्ड बनाने की स्थिति बनी है. चार निकायों में दो पालिका चेयरमैन कांग्रेस के, जबकि एक परिषद और एक पालिका में निर्दलीय चेयरमैन हैं.
भरतपुर में आखिरी दिन बदला पूरा समीकरण
भरतपुर में मेयर पद पर नाम वापसी के आखिरी दिन बड़ा राजनीतिक मोड़ आया. निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली. इसके बाद बीजेपी की अनुराधा सिंह का रास्ता साफ हो गया और रिटर्निंग अधिकारी ने उन्हें निर्विरोध मेयर निर्वाचित घोषित कर दिया. विचित्रा सिंह अपने पति और भरतपुर के पूर्व मेयर शिवमंगल सिंह तथा गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेडम के साथ निगम पहुंची थीं और नाम वापस लिया. अजमेर और अलवर में भी निर्दलीय पार्षदों का झुकाव बीजेपी की ओर होने से मेयर चुनाव के समीकरण बदलने की चर्चा है.
जयपुर में सुनील कोठारी का नाम आगे
जयपुर नगर निगम में मेयर पद को लेकर बीजेपी के भीतर मंथन चल रहा है. सुनील कोठारी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है. कोठारी के पक्ष में उनके समर्थक राजनीतिक और सामाजिक समीकरण भी गिना रहे हैं. डिप्टी मेयर पद के लिए राजेंद्र सैनी और दीपा नाथावत के नाम चर्चा में हैं. हालांकि पार्टी ने अभी आधिकारिक तौर पर नाम घोषित नहीं किए हैं. जयपुर में मेयर पद के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन है. इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया होगी. जरूरत पड़ने पर 25 सितंबर को मतदान कराया जाएगा.
डोटासरा बोले- 13 बाड़ों में पुलिस पहुंची
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पार्षदों की बाड़ेबंदी को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि कांग्रेस के 13 बाड़ों में पुलिस पहुंची है. कुचेरा, बाड़मेर समेत कई जगहों पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई का आरोप लगाया गया है. डोटासरा ने कहा कि जैसलमेर के होटल सूर्यगढ़ में बीकानेर के कांग्रेस पार्षदों को रखा गया है और वहां भी पुलिस के जरिए दबाव बनाने की कोशिश हो रही है. उन्होंने डीजीपी से कार्रवाई रोकने की मांग करते हुए कहा कि अगर किसी पार्षद को नुकसान हुआ या खून-खराबा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी राजस्थान पुलिस और सरकार की होगी.
कुचेरा में अपहरण के आरोप से गरमाया माहौल
नागौर की कुचेरा नगरपालिका में 21 सितंबर को होने वाले पालिकाध्यक्ष चुनाव को लेकर चाचा-भतीजे के बीच राजनीतिक खींचतान बढ़ गई है. बीजेपी के प्रत्याशी चाचा ऋषिपाल मिर्धा और कांग्रेस प्रत्याशी भतीजे तेजपाल मिर्धा आमने-सामने हैं. गुरुवार देर रात वार्ड नंबर 9 के निर्दलीय पार्षद निर्वाराम के अपहरण का आरोप लगाते हुए उनके साले मेहद ने कुचेरा थाने में केस दर्ज कराया. कांग्रेस प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा पर पार्षद के अपहरण का आरोप लगाया गया है. बाद में निर्वाराम का वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने खुद को सुरक्षित बताया.
बाड़मेर और बीकानेर में भी हलचल
बाड़मेर में कांग्रेस प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया गया है. वहीं बीकानेर के कांग्रेस पार्षदों को तोड़ने की बीजेपी की कोशिशों का कांग्रेस ने आरोप लगाया है. कांग्रेस पार्षदों की जैसलमेर में बाड़ेबंदी की गई है और होटल में सीआईडी की टीम भेजे जाने की बात भी सामने आई है. बाड़मेर में पूछताछ के नाम पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया गया है.
बहरोड़ और उदयपुर में भी बाड़ेबंदी
बहरोड़ के कचहरी परिसर में शुक्रवार दोपहर नगर पालिका के दो पार्षदों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक ललित यादव और एसपी सुरेश खींची के बीच बहस हो गई. विधायक दोनों पार्षदों को अपने साथ ले जाने लगे तो एसपी उनकी गाड़ी के सामने खड़े हो गए. इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. उदयपुर के फतहनगर और मावली पालिका के कांग्रेस पार्षदों की सिरोही के एक रिसॉर्ट में बाड़ेबंदी की गई है. फतहनगर में बीजेपी की बागी पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेश चपलोत की पत्नी पालिकाध्यक्ष का चुनाव लड़ रही हैं. शुक्रवार को बाड़ेबंदी की भनक लगने पर पुलिस रिसॉर्ट पहुंची.
बीजेपी का दावा, कांग्रेस को उम्मीद
बीजेपी ने बीकानेर के कांग्रेस पार्षदों को अपने पाले में लाने की कोशिशों की बातों के बीच अपने समीकरण मजबूत होने का दावा किया है. वहीं कांग्रेस को पाली में 9 निर्दलीय मुस्लिम पार्षदों के साथ आने की उम्मीद है. ऐसे में अगले कुछ दिन राजस्थान के निकायों में बोर्ड गठन के लिहाज से अहम रहने वाले हैं. मेयर, सभापति और चेयरमैन पद के लिए समर्थन जुटाने की कवायद के बीच 21 सितंबर से शुरू होने वाली चुनाव प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है.



