Entertainment

‘अंदर से डर लगता है’ ग्रे शेड्स वाले कैरेक्टर पर छलका मनोज बाजपेयी का दर्द, बोले– डार्क साइड से जुड़ना मुश्किल

Last Updated:September 21, 2026, 11:31 IST

Manoj Bajpayee On Dark Side: नेशनल अवार्ड विनिंग एक्टर मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘लास्ट मैन इन टावर’ को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. फिल्म प्रमोशन के दौरान मनोज बाजपेयी ने एक्टिंग के डार्क साइड और किरदारों को जीने के स्ट्रगल पर खुलकर बात की. जानिए एक्टर ने क्या-क्या कहा.'अंदर से डर लगता है' ग्रे शेड्स वाले कैरेक्टर पर छलका मनोज बाजपेयी का दर्दZoomमनोज बाजपेयी( फोटो साभार-imdb)

नई दिल्ली: नेशनल अवार्ड विनिंग एक्टर मनोज बाजपेयी की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म लास्ट मैन इन टावर को ऑडियंस का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. इस बीच मनोज बाजपेयी ने खुलकर बात की है कि एक्टिंग प्रोफेशन में उन्हें सबसे ज्यादा क्या अट्रैक्ट करता है. उन्होंने बताया कि डार्क साइड को अपनाना आसान नहीं होता है. मुंबई के अंधेरी वेस्ट में अपनी फिल्म के प्रमोशन के दौरान मनोज बाजपेयी ने एक्ट्रेस दिव्या दत्ता और डायरेक्टर बेन रेखी के साथ बातचीत की.

उन्होंने कहा कि सिनेमा और थिएटर दोनों में ही एक्टिंग की सबसे खास बात अलग-अलग किरदारों को जीने का मौका मिलना है. किरदारों की फीलिंग्स को पर्दे पर सच्चाई के साथ दिखाना ही उन्हें इस प्रोफेशन से जोड़े रखता है.

एक्टिंग केवल एंटरटेनमेंट नहीं है

मनोज बाजपेयी का मानना है कि एक्टिंग सिर्फ एंटरटेनमेंट का जरिया नहीं है. यह लोगों की कहानियों और उनकी फीलिंग्स को ऑडियंस तक पहुंचाने का एक बहुत ही इम्पैक्टफुल तरीका है. उन्होंने कहा कि यह प्रोफेशन उन्हें इसलिए पसंद है क्योंकि यह एक्टर्स को अपने अंदर के डार्क साइड को एक्सेप्ट करने का चांस देता है. जब उनसे पूछा गया कि किसी नए प्रोजेक्ट से पहले डर का क्या असर होता है, तो उन्होंने बताया कि कभी-कभी मन करता है कि रोल के लिए मना कर दें.

किरदार के डार्क साइड से जुड़ना मुश्किल

एक्टर ने कहा कि कभी-कभी लगता है कि डायरेक्टर को फोन करके बोल दें कि मैं इसके लिए सही नहीं हूं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप अंदर से डरे हुए होते हैं. हर कैरेक्टर का एक डार्क साइड होता है जिससे आपको डील करना पड़ता है और यह बिल्कुल आसान नहीं है. इसीलिए उन्हें एक्टर्स बहुत पसंद हैं क्योंकि वे जानते हैं कि दूसरे एक्टर्स किस दौर से गुजरते हैं.

ग्रे शेड्स वाले रोल निभाना पर्सनल प्रोसेस

मनोज बाजपेयी ने आगे बताया कि जब तक कोई एक्टर खुद के डार्क साइड को नहीं अपनाता, तब तक वह कैरेक्टर के डार्क साइड से कनेक्ट नहीं हो सकता. यह बहुत प्राइवेट और पर्सनल बात होती है. इतने सारे ग्रे शेड्स और परतों वाले रोल प्ले करना आसान काम नहीं होता. अगर कोई एक्टर खुद को समझने की प्रोसेस में नहीं है, तो वह अपने निभाए जाने वाले कैरेक्टर को कभी सही से नहीं समझ सकता.

About the Authorगार्गी द्विवेदीSub Editor

मैं इस समय हिंदी टीम का हिस्सा हूं. हिंदी पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से ज्यादा का अनुभव है और फिलहाल मैं सब एडिटर के पद पर हूं.

इससे पहले मैंने, दै…

और पढ़ेंFirst Published :

September 21, 2026, 10:59 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj