Rajasthan

बीजेपी और कांग्रेस में कड़ा मुकाबला, खड़े सिक्के पर टिकी है हार जीत

Last Updated:September 21, 2026, 11:25 IST

Ajmer Municipal Corporation Mayoral Election 202: राजस्थान में आज सियासी हलचल काफी तेज है. सूबे के निकायों के प्रमुख के लिए हो रहे चुनाव के कारण बीजेपी और कांग्रेस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. इन चुनावों में इस बार सभी की नजरें अजमेर नगर निगम पर टिकी है. यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है. लेकिन बहुमत दोनों के ही पास नहीं है. ऐसे में जो पार्टी ज्यादा निर्दलीयों को साध लेगी वही अपना मेयर बना लेगी. यहां बीजेपी और कांग्रेस की हार जीत पूरी तरह से उस खड़े सिक्के पर टिकी है जो जिस तरह भी गिर गया वह जीत जाएगा. जानें क्या हैं अजमेर नगर निगम के सियासी समीकरण. अजमेर मेयर चुनाव : बीजेपी और कांग्रेस के बीच खड़े सिक्के पर टिकी है हार जीत Zoomअजमेर के सियायी हालात को देखते हुए नगर निगम परिसर पर पुलिस का सख्त पहरा है.

अजमेर. अजमेर नगर निगम के मेयर पद का फैसला आज होगा. ख्वाजा साहब की नगरी का अगल मेयर कौन होगा इसका फैसला बीजेपी और कांग्रेस नहीं बल्कि निर्दलीय करेंगे. 80 वार्डों वाले अजमेर नगर निगम में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के पास बहुमत नहीं है. राजस्थान के प्रतिष्ठित अजमेर नगर निगम में काबिज होने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही अपने-अपने घोड़े दौड़ा रखें हैं. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के गृहक्षेत्र अजमेर नगर निगम में 11 पार्षद निर्दलीय जीते हैं. बीजेपी और कांग्रेस में से जो भी ज्यादा निर्दलीयों को साध लेगा वहीं मेयर पद पर काबिज होगा. यहां बहुमत का आंकड़ा 41 है.

अजमेर नगर निगम में कांग्रेस की किरण गढ़वाल और बीजेपी की अनामिका शर्मा के बीच सीधा मुकाबला है. अजमेर नगर निगम के चुनावों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. कांग्रेस के पास 37 पार्षद हैं जबकि बीजेपी के पास 32 है. 11 निर्दलीय पार्षद हैं. अजमेर में अपना बोर्ड बनाने के कांग्रेस मतदान के बाद से ही फूंक-फूंककर कदम रख रही है. अपने पार्षदों को टूट से बचाने के लिए कांग्रेस ने उनकी बाड़ाबंदी राजस्थान में नहीं करके कर्नाटक के बैंग्लूरु में की थी. इस पूरी बाड़ाबंदी की कमान कांग्रेस के नेता धर्मेंन्द्र राठौड़ ने संभाल रखी थी.

कांग्रेस के साथ तीन निर्दलीय होने का दावाकांग्रेस की इस बाड़ाबंदी में तीन निर्दलीय भी शामिल थे. रविवार को पार्षदों को वहां से वापस लाया गया है. कांग्रेस का दावा है कि उसके पास और भी कई निर्दलीयों का भी समर्थन है. लिहाजा अजमेर नगर निगम में कांग्रेस ही अपना बोर्ड बनाएगी. कांग्रेस को अपना बोर्ड बनाने के लिए चार निर्दलीय पार्षदों की दरकार है. उनसे तीन उनके पास है. इस लिहाज से उसे अब एक केवल और पार्षद के सर्मथन चाहिए. बताया जा रहा है दो अन्य निर्दलीय मुस्लिम वर्ग से है. कांग्रेस को विश्वास है कि वे उनके पक्ष में मतदान करेंगे.

बीजेपी को 3 और निर्दलीयों का साथ चाहिए
वहीं बीजेपी 32 पार्षदों के साथ दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. उसे अपना मेयर बनाने के लिए 9 और पार्षद चाहिए. बीजेपी का भी दावा है कि उसके पास निर्दलीयों का समर्थन है. लिहाजा बोर्ड वो ही बनाएगी. बीजेपी ने पहले अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी जयपुर की फिर उनको पुष्कर शिफ्ट कर दिया गया. बीजेपी की बाड़ाबंदी में 6 निर्दलीय पार्षद भी शामिल थे. इस लिहाज से उसे अभी भी तीन और पार्षदों का समर्थन चाहिए. सियासी समीकरणों को देखते हुए अभी यह तय नहीं है कि कौन बाजी मारेगा. बीजेपी और कांग्रेस के दावों इतर अब पूरी कहानी वोटिंग पर टिकी है. बीजेपी यहां कांग्रेस के पार्षदों में भी सेंधमारी करने का प्रयास कर रही है.

कांग्रेस प्रशासन पर लगा रही मिलीभगत का आरोपअजमेर में चल रही इस तगड़ी सियासत को देखते हुए चुनाव आयोग और पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड है. निगम दफ्तर पर पुलिस का जबर्दस्त पहरा है. कार्यालय में किसी भी अन्य व्यक्ति को एंट्री नहीं दी जा रही है. कांग्रेस लगातार प्रशासन पर मिलीभगत के लगातार लगा रही है. भाजपा का दावा है कि वह प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पूरा पालन कर रही है. वहीं माना यह भी जा रहा है कि कुछ पार्षद क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं. कुछ कांग्रेसी पार्षद सरकार की रीति नीति के साथ जा सकते हैं. मतदान का समय सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक का है. अजमेर नगर निगम चुनाव में प्रशासन ने निगम परिसर में मिडिया के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा रखी है. मीडिया को परिसर से तीन सौ मीटर दूरी पर ही रोक दिया गया है. निगम के सामने बैरिकेडिंग और पुलिस का कड़ा सुरक्षा घेरा है.

About the Authorसंदीप राठौड़

संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…

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Ajmer,Ajmer,Rajasthan

First Published :

September 21, 2026, 11:24 IST

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