Rajasthan SI Paper Leak Case: SOG का बड़ा एक्शन, 2 और आरोपी गिरफ्तार, 7 लाख और 20 लाख में खरीदा था पेपर

Last Updated:September 22, 2026, 19:59 IST
Rajasthan SI Paper Leak Case: SI भर्ती-2021 पेपरलीक मामले में एसओजी ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. नरेन्द्र प्रताप सिंह जाट ने 7 लाख और अनिल विश्नोई ने 20 लाख रुपए देकर लीक पेपर खरीदा था. दोनों ने परीक्षा से पहले पेपर पढ़ा और अच्छे अंक हासिल किए, लेकिन अब पेपरलीक नेटवर्क की जांच में SOG के शिकंजे में आ गए हैं.गिरफ्तार आरोपी नरेन्द्र प्रताप सिंह जाट
जयपुर. राजस्थान की बहुचर्चित एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपरलीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेन्द्र प्रताप सिंह जाट और अनिल विश्नोई के रूप में हुई है. एसओजी के मुताबिक, दोनों ने परीक्षा से पहले पेपरलीक गिरोह के जरिए लीक हुआ प्रश्नपत्र पढ़ा था और इसी के आधार पर परीक्षा दी थी. पेपरलीक मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है. हाल ही में एसआई भर्ती की पुनर्परीक्षा के दौरान भी एसओजी ने वांछित आरोपियों पर नजर रखते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था.
एसओजी की जांच के अनुसार, आरोपी नरेन्द्र प्रताप सिंह जाट ने अपने ही गांव के पेपरलीक सरगना विनोद रेवाड़ से 7 लाख रुपए देकर परीक्षा का पेपर खरीदा था। इसके बाद उसने लीक पेपर पढ़कर SI भर्ती परीक्षा दी. नरेन्द्र को हिंदी विषय में 200 में से 149.09 अंक और सामान्य ज्ञान में 124.71 अंक मिले थे. हालांकि, मेरिट में नीचे रहने के कारण उसका अंतिम चयन नहीं हो सका. एसओजी के अनुसार पेपरलीक सरगना विनोद रेवाड़ को अगस्त 2025 में ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
अनिल ने कॉन्स्टेबल के जरिए 20 लाख में खरीदा था पेपर
दूसरे आरोपी अनिल विश्नोई ने कथित तौर पर कॉन्स्टेबल शैतानाराम के जरिए पेपरलीक सरगना भूपेन्द्र बिश्नोई से 20 लाख रुपए में पेपर खरीदा था. एसओजी के मुताबिक, लीक पेपर पढ़ने के बाद अनिल ने परीक्षा दी और हिंदी में 154.69 अंक, जबकि सामान्य ज्ञान में 157.38 अंक हासिल किए. जांच में सामने आया है कि पेपरलीक नेटवर्क से जुड़े आरोपियों के जरिए परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था.
गिरफ्तार आरोपी अनिल बिश्नोई
कई कड़ियां पहले ही सामने आ चुकीं
इस मामले में पेपरलीक नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है. एसओजी के मुताबिक भूपेन्द्र सारण को मार्च 2024 में, जबकि कॉन्स्टेबल शैतानाराम को अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया जा चुका है. एसआई भर्ती-2021 में पेपरलीक और अन्य अनियमितताओं के चलते मूल परीक्षा को रद्द कर पुनर्परीक्षा कराई गई है. SOG के एडीजी विशाल बंसल ने दोनों गिरफ्तारियों की जानकारी दी. एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि लीक पेपर किन-किन अभ्यर्थियों तक पहुंचा और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे. एसआई भर्ती-2021 पेपरलीक मामले की जांच में इससे पहले भी बड़ी संख्या में आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. जून 2026 तक एसओजी की कार्रवाई में 147 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 22, 2026, 19:59 IST



