Health

रात में शरीर थका फिर भी नहीं आती नींद? वजह सिर्फ तनाव नहीं, जानें दिमाग के अंदर क्या होता है

Last Updated:September 22, 2026, 17:30 IST

रात में शरीर थका होने के बावजूद नींद नहीं आती? इसके पीछे तनाव, बिगड़ी बॉडी क्लॉक, स्क्रीन टाइम और कैफीन जैसे कई कारण हो सकते हैं. जानें आखिर थकान के बाद भी दिमाग क्यों एक्टिव रहता है.

ख़बरें फटाफट

रात में शरीर थका फिर भी नहीं आती नींद? वजह सिर्फ तनाव नहीं, जानें वजह Zoomनींद की समस्या

दिनभर काम करने के बाद शरीर थका हुआ है, आंखों में नींद भी महसूस हो रही है, लेकिन जैसे ही बिस्तर पर जाते हैं, नींद गायब हो जाती है. कई लोगों के साथ ऐसा अक्सर होता है. इसके पीछे सिर्फ थकान नहीं, बल्कि शरीर की sleep pressure, circadian rhythm और दिमाग की सक्रियता जिम्मेदार हो सकती है.

नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (NHLBI) के अनुसार, शरीर में नींद को नियंत्रित करने वाले दो अहम सिस्टम होते हैं. पहला है sleep pressure, जो जितनी देर हम जागते रहते हैं, उतना बढ़ता जाता है. इसमें दिमाग में बनने वाला adenosine एक भूमिका निभाता है. लंबे समय तक जागने पर adenosine का स्तर बढ़ता है और शरीर को नींद की जरूरत महसूस होने लगती है.

दूसरा सिस्टम है circadian rhythm, यानी शरीर की लगभग 24 घंटे की आंतरिक घड़ी. यह तय करने में मदद करती है कि हमें कब जागना है और कब नींद महसूस होनी चाहिए. इसलिए केवल शारीरिक थकान पर्याप्त नहीं है. अगर आपकी body clock के हिसाब से अभी सोने का समय नहीं बना है, तो थकान के बावजूद नींद आने में समय लग सकता है.

रात में मोबाइल चलाना क्यों परेशानी बढ़ा सकता है?

शाम और रात में तेज artificial light शरीर की प्राकृतिक sleep-wake cycle को प्रभावित कर सकती है. NHLBI के अनुसार, शाम को बढ़ती रोशनी melatonin के सामान्य रिलीज को प्रभावित कर सकती है और सोने में मुश्किल हो सकती है. स्मार्टफोन और टीवी जैसी स्क्रीन भी इस प्रक्रिया में योगदान दे सकती हैं.

तनाव और ज्यादा सोचना भी बड़ी वजह

अगर शरीर थका हुआ है लेकिन दिमाग लगातार काम कर रहा है, तो नींद आने में परेशानी हो सकती है. NHLBI के मुताबिक काम, रिश्तों, पैसे या दूसरी चिंताओं से जुड़ा stress insomnia का जोखिम बढ़ा सकता है. यहां तक कि “आज नींद आएगी या नहीं” को लेकर लगातार चिंता करना भी समस्या को बढ़ा सकता है.

About the AuthorVividha SinghSub Editor

विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…

और पढ़ेंFirst Published :

September 22, 2026, 17:28 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj