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Health Tips : कभी कब्ज, कभी दस्त…क्या आपके साथ भी ऐसा? बेल पत्र में छिपा इसका इलाज, बलिया की डॉ. वंदना से जानिए

Last Updated:September 24, 2026, 20:56 IST

Bael patra benefits : त्रिशूल की तरह दिखने वाली बेल की पत्तियां महादेव की फेवरेट हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आपकी सेहत के लिए भी रामबाण हो सकती हैं. बेलपत्र को महादेव के त्रिशूल का प्रतीक माना जाता है. जैसे महादेव का त्रिशूल दुष्टों का नाश करता है, उसी तरह बेलपत्र कई रोगों का संहारक है. लोकल 18 से बलिया की आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना तिवारी बताती हैं कि बेलपत्र का उपयोग पाचन तंत्र से संबंधित समस्याओं में होता है, खासकर पेट संबंधी विकारों के लिए. IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम) होने पर आंतों में सूजन आ जाती है. इसकी चपेट में आए मरीज को कभी दस्त तो कभी कब्ज की शिकायत रहती है. बेलपत्र दोनों से आराम दिला सकता है.

बलिया. क्या आप जानते हैं कि महादेव को प्रिय बेलपत्र सिर्फ पूजा-पाठ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह कई बीमारियों में संजीवनी बूटी का काम करता है. श्रीफल के मुरब्बे और शरबत के फायदों से तो आप परिचित होंगे, लेकिन त्रिशूल की तरह दिखने वाली इसकी पत्तियां भी स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती हैं. धार्मिक मान्यताओं में बेलपत्र को महादेव के त्रिशूल का प्रतीक भी माना जाता है. आइए जानते हैं बेलपत्र के चौंकाने वाले स्वास्थ्य लाभ. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी लोकल 18 से बताती हैं कि बेल के पत्ते और फल दोनों ही लाभदायक हैं. बेलपत्र का उपयोग पाचन तंत्र से संबंधित समस्याओं में होता है, खासकर पेट संबंधी विकारों के लिए. डॉ. तिवारी बताती हैं कि बेलपत्र का उपयोग विशेष रूप से IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम) जैसी बीमारियों में किया जाता है. IBS होने पर आंतों में सूजन आ जाती है. इससे कभी दस्त तो कभी कब्ज की शिकायत रहती है. ऐसी स्थिति में बेल का उपयोग बहुत प्रभावी माना गया है. यह एक मुख्य औषधि के रूप में काम करता है.

उपयोग का तरीका

डॉ. तिवारी के मुताबिक, बेलपत्र के पत्तों का चूर्ण और बेल के फल का गूदा दोनों ही IBS में सेवन किए जा सकते हैं. अतिसार (दस्त), अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं में भी बेलपत्र का उपयोग किया जा सकता है. इसे पाउडर के रूप में इस्तेमाल करना अधिक फायदेमंद होता है. बेलपत्र के चूर्ण का आधा चम्मच सुबह-शाम सेवन करना अच्छा रहता है.

न करें ये गलती

डॉ. वंदना तिवारी कहती हैं कि किसी भी औषधि का उपयोग बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए. उदाहरण के लिए, कब्ज में इसका बहुत अधिक उपयोग नहीं किया जाता है, जबकि दस्त और IBS की समस्या में यह बहुत प्रभावी होता है. इसलिए, सही स्थिति और मात्रा के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए. रोग के प्रकार के अनुसार इसका उपयोग अलग हो सकता है, इसलिए बगैर चिकित्सक की सलाह लिए इसका सेवन न करें.

About the AuthorPriyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

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Ballia,Uttar Pradesh

First Published :

September 24, 2026, 20:56 IST

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