National

UPI Update : ग्राहकों से न होने पाए एमडीआर की वसूली, यूपीआई भुगतान पर बैंकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Last Updated:September 25, 2026, 00:04 IST

UPI Update : सरकार ने 15 अक्टूबर से एमडीआर लागू होने को लेकर ग्राहक और दुकानदार दोनों की गलतफहमी दूर कर दी है. एमडीआर का असर ग्राहकों पर बिलकुल नहीं डाला जाएगा. सरकार ने साफ कर दिया है कि इसमें से एक भी पैसा उसके खजाने में नहीं जाएगा.ग्राहकों से न होने पाए एमडीआर की वसूली, बैंकों को मिली बड़ी जिम्मेदारीZoomएमडीआर का बोझ ग्राहकों पर नहीं डालेगी सरकार.

नई दिल्ली. 15 अक्टूबर से देश में एक बार फिर बड़ा बैंकिंग बदलाव होने वाला है. यूपीआई पर पहली बार शुल्क लागू होने की खबर से ग्राहक और दुकानदार दोनों उलझन में हैं. सरकार ने भरोसा दिया है कि इसका असर ग्राहकों पर नहीं होगा और इसके दायरे में बेहद मामूली लेनदेन आएगा. यह सुनिश्चित करने के लिए कि इसका फायदा बोझ ग्राहकों पर न पड़े, बैंकों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. एमडीआर लागू होने के साथ ही बैंक जागरुकता अभियान शुरू कर देंगे.

सरकार ने 15 अक्टूबर से दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 फीसदी मर्चेन्ट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किया है. साथ ही कहा है कि इसका बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा और इससे मिलने वाली पूरी राशि यूपीआई से जुड़े बैंकों और अन्य पक्षों के बीच बांटी जाएगी. शुल्क की अधिकतम सीमा भी तय की गई है. 75,000 रुपये या इससे अधिक के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये होगा. व्यक्ति-से-व्यक्ति लेनदेन और छोटे भुगतान को शुल्क से बाहर रखा गया है.

एक भी पैसा नहीं लेगी सरकारमामले से जुड़े आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित एमडीआर से ‘एक भी पैसा’ सरकार के खजाने में नहीं जाएगा. इससे जुटाई राशि यूपीआई से जुड़े बैंकों और अन्य संस्थाओं के बीच बांटी जाएगी. कुल एमडीआर में से 40 फीसदी राशि ग्राहक के बैंक, 30 फीसदी भुगतान सेवा प्रदाता, 20 फीसदी यूपीआई ऐप और शेष 10 फीसदी राशि यूपीआई ऐप के प्रायोजक बैंक को मिलेगी. एमडीआर न तो कर है, न उपकर और न ही सेस है.

नकदी की तरफ भागने की बात गलतउन्होंने कहा कि यूपीआई पर एमडीआर लगाए जाने के कारण उपभोक्ताओं के फिर से नकदी की ओर रुख करने की आशंका गलत है. साथ ही उम्मीद जताई कि उपभोक्ताओं के व्यापक हित में जीएसटी परिषद यूपीआई लेनदेन पर व्यापारियों पर लगने वाले शुल्क पर 18 फीसदी जीएसटी पर विचार करेगी. बीमा प्रीमियम के मामले में ऐसा किया जा चुका है. यह भी कहा कि भारतीय बैंक संघ (आईबीए) जल्द ही दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाए जाने को लेकर फैली विभिन्न गलतफहमियों और अफवाहों को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाएगा.

कब लगेगा एमडीआर शुल्कयूपीआई क्यूआर कोड के जरिये महीने में एक लाख रुपये तक का भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे कारोबारी नए शुल्क से पूरी तरह मुक्त रहेंगे. इससे करीब 96 फीसदी कारोबारी लेनदेन पर कोई नया शुल्क नहीं लगेगा. रेलवे, दूरसंचार, ईंधन और बीमा जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए दो हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर पांच रुपये का तय शुल्क होगा. म्यूचुअल फंड और शेयरों की खरीद-बिक्री जैसे पूंजी बाजार से जुड़े लेनदेन पर 0.02 फीसदी शुल्क होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी.

About the AuthorPramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

और पढ़ेंLocation :

New Delhi,Delhi

First Published :

September 25, 2026, 00:04 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj