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लैंडस्लाइड, बादलफाड़ बारिश, कहीं बर्फबारी… डीप डिप्रेशन से 23 राज्यों में आफत, जाते मानसून ने पलटकर क्यों मचा दिया कोहराम?

नई दिल्ली: आजकल दिल्ली-NCR वाले यही चर्चा कर रहे हैं कि उमस भरी गर्मी से कब राहत मिलेगी. सितंबर खत्म होने वाला है, लेकिन अभी तक लोगों के AC चालू हैं. लोग बारिश के लिए टकटकी लगाए बैठे हैं. दिल्ली-NCR में भले ही बारिश नहीं हो रही है, लेकिन पूरब से लेकर उत्तर तक करीब आधे हिंदुस्तान में जाते मानसून ने पलटकर गजब का कोहराम मचा दिया है. यूपी से लेकर पूर्वोत्तर तक मूसलाधार बारिश से अचानक ऐसी तबाही आई कि लोग दहशत में आ गए. यूपी के कई जिलों में पिछले 2 दिनों से ऐसी बादलफाड़ बारिश हो रही है कि लोगों की जान पर आफत बन आई है. वहीं झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और ओडिशा में लोग तूफानी बारिश से त्राहिमाम कर रहे हैं. उधर नॉर्थ ईस्ट में लगातार हो रही बारिश के बाद हुई भयंकर लैंडस्लाइड ने तबाही मचा रखी है. मौसम ने अचानक ऐसी करवट ली है कि पहाड़ों में सीजन की पहली बर्फबारी के साथ ठिठुरन ने दस्तक दे दी है. ऊंची पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढकने लगी हैं.

आज पाठशाला में बताएंगे कि लैंडस्लाइड, बादलफाड़ बारिश और बर्फबारी के बीच जाते मानसून ने पलटकर क्यों कोहराम मचा दिया. साथ ही यूपी से लेकर पूर्वोत्तर तक अचानक आई तबाही की वो तस्वीरें भी दिखाएंगे, जिनसे सब घबरा गए.

सबसे पहले बात सिक्किम में लैंडस्लाइड से मची तबाही की

सिक्किम में पिछले 2 दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया. यह घटना सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिम्बी गांव में हुई. भारी बारिश के बीच हुई लैंडस्लाइड वहां के लोगों पर आफत बनकर टूट पड़ी. मलबे के साथ बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ बहकर नीचे की तरफ आने लगे. इसकी चपेट में गांव के 30 से ज्यादा मकान आ गए.

लैंडस्लाइड की वजह से गांव में हर तरफ मलबा ही मलबा बिखरा नजर आ रहा है. गांव की पूरी सूरत बिगड़ चुकी है. पेड़ टूटे पड़े हैं. हर तरफ कीचड़ ही कीचड़ नजर आ रहा है. लैंडस्लाइड के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है. घरों में मलबा भरने की वजह से 35 परिवारों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया गया है.

सिक्किम ही नहीं, बंगाल के दार्जिलिंग में भी भारी बारिश की वजह से लैंडस्लाइड हुई. लैंडस्लाइड का मलबा गिरने से एक अस्पताल की छत टूट गई. वहां इलाज के लिए भर्ती मरीजों समेत 6 लोग मलबे में दब गए.

सिक्किम के पश्चिमी हिस्से में भारी बारिश के बाद हुई लैंडस्लाइड ने तबाही मचाई है. वहीं उत्तरी सिक्किम में सीजन की पहली बर्फबारी से मौसम ने करवट ले ली है. पूर्वोत्तर में ही नहीं, उत्तर में भी मौसम में अचानक आए बदलाव के बाद कई इलाकों में आज सीजन की पहली बर्फबारी हुई है. जम्मू-कश्मीर के पुंछ में मुगल रोड पर आज सीजन की पहली बर्फबारी हुई.

जाते मानसून का खौफनाक रूप. (Photo : PTI)

मौसम के इस बदलाव की वजह जान लीजिए

शुरुआत में इसकी वजह बंगाल की खाड़ी से उठे ‘ऑर्नब चक्रवात’ को बताया गया. लेकिन बाद में मौसम विभाग ने साफ किया कि दरअसल बंगाल की खाड़ी से जो तूफान उठा, वो चक्रवात बन ही नहीं पाया. ऐसे में मौसम विभाग ने साफ किया है कि मौसम में जो बदलाव आया है, इसकी वजह बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन है. यह पिछले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ चुका है.

देश के 23 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है.
यूपी के 50 शहरों में पिछले 2 दिनों से लगातार या रुक-रुककर बारिश हो रही है.
अगले 2 दिनों तक पूर्वी यूपी के 8 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. यानी इस दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
यही नहीं, मध्य और पूर्वी यूपी के 32 जिलों में भारी बारिश की वजह से अचानक फ्लैश फ्लड आने का अलर्ट है.
हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
भारी बारिश की वजह से पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा भी बना हुआ है.

बंगाल की खाड़ी में बने इसी डीप डिप्रेशन की वजह से कई राज्यों में मौसम अचानक बिगड़ गया. जाते मानसून ने अचानक तबाही मचानी शुरू कर दी. बंगाल की खाड़ी से लगने वाले तटीय राज्यों में तेज हवाओं के साथ जबरदस्त बारिश हुई. तेलंगाना के बुर्गमपाडु इलाके में अचानक 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं. इससे लोग दहशत में आ गए. घरों के बाहर रखा सामान उड़ता दिखा. इस तूफान की वजह से कई घरों की छतें भी उड़ गईं.

ओडिशा के भी कई इलाकों में इस तूफान की मार पड़ी. चिल्का झील में तूफान की वजह से मछली पकड़ने गए मछुआरों की 10 नावें डूब गईं. तूफान की वजह से ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश शुरू हो गई. ये तस्वीरें मल्कानगिरी इलाके की हैं. यहां कुछ ही घंटों में इतनी ज्यादा बारिश हो गई कि पानी पुलों के ऊपर से बहने लगा.

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