FDI in India : मोदी के पीएम बनने के बाद दुनिया ने भारत में कितना पैसा लगाया, सरकार ने दिया पूरा हिसाब

Last Updated:September 25, 2026, 18:58 IST
FDI in India : सरकार ने एफडीआई के आंकड़े जारी किए हैं और बताया है कि कैसे मोदी सरकार के बाद से इसका आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. वित्तवर्ष 2026 में तो 95 अरब डॉलर के आसपास एफडीआई आया, जो करीब 41 फीसदी का बड़ा उछाल है. करीब 12 साल में भारत को करीब 840 अरब डॉलर का एफडीआई मिला है.भारत में पिछले वित्तवर्ष 95 अरब डॉलर का एफडीआई आया है.
नई दिल्ली. सरकार ने दावा किया है कि जब से नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद को संभाला है, दुनिया का भरोसा देश पर बढ़ता जा रहा है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 12 साल के आंकड़े जारी कर बताया है कि देश में अभी तक कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई करीब 843 अरब डॉलर आ चुका है. सबसे ज्यादा उछाल तो पिछले वित्तवर्ष में दिखा था, जब देश में कुल एफडीआई 95 अरब डॉलर के आसपास था.
गोयल ने बताया कि भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 2025-26 में 94.53 अरब डॉलर के हाई लेवल पर पहुंच गया है, जबकि 2014 से 26 के दौरान कुल एफडीआई प्रवाह 843 अरब डॉलर (करीब 81 लाख करोड़ रुपये) रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि 31 मार्च तक उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के चलते 2.40 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश हुआ, जबकि 23.8 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन/बिक्री हुई और 15.2 लाख करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया गया. इन योजनाओं से 14.6 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं.
किन सेक्टर्स को मिला फायदाकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार, दवा, चिकित्सा उपकरण, वाहन, आईटी हार्डवेयर और विशेष इस्पात जैसे क्षेत्रों को पीएलआई योजनाओं से काफी लाभ हुआ है. ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर सोशल मीडिया पर गोयल ने पोस्ट किया कि ये आंकड़े एक उत्साहजनक तस्वीर पेश करते हैं. भारत ने वित्तवर्ष 2025-26 में 94.53 अरब डॉलर का अब तक का सबसे अधिक एफडीआई दर्ज किया गया. वित्तवर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2025-26 तक कुल एफडीआई 843 अरब डॉलर तक पहुंच गया.
इन्फ्रा सेक्टर में जमकर लगा रहे पैसागोयल ने कहा कि भारत अपने इन्फ्रा सेक्टर को मजबूत बनाने पर जोर दे रहे है. ग्लोबल मार्केट के प्रतिस्पर्धी विनिर्माण के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के तहत देश भर में नए औद्योगिक स्मार्ट शहर स्थापित किए जा रहे हैं. इन इन्फ्रा परियोजनाओं में विदेशी निवेशक भी जमकर पैसे लगा रहे हैं. यही वजह है कि भारत में अब एफडीआई का प्रवाह बढ़ने लगा है. भारत में सबसे ज्यादा एफडीआर सिंगापुर से आता है. इसके अलावा अमेरिका और यूरोपीय देश भी यहां बड़ी मात्रा में निवेश करते हैं.
About the AuthorPramod Kumar Tiwari
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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New Delhi,Delhi
First Published :
September 25, 2026, 18:57 IST



