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Hanumangarh News: हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल पर दर्ज हैं 87 मामले, जानें कौन-कौनसे केस ज्यादा है

हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल के खिलाफ दर्ज मुकदमों की लंबी फेहरिस्त एक बार फिर चर्चा में है. सामने आए विधिक दस्तावेजों के अनुसार, विधायक गणेशराज बंसल और उनके करीबियों के खिलाफ अलग-अलग थानों, अदालतों और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB में 80 से अधिक प्रकरण दर्ज हैं. इनमें सबसे ज्यादा मामले जमीन और प्लॉट से जुड़े विवाद, धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने से जुड़े बताए गए हैं.

इन मामलों का जिक्र विधायक की ओर से पूर्व में पार्षद चुनाव के दौरान दिए गए शपथ पत्र और पुलिस रिकॉर्ड में भी मिलता है. हालांकि किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होना अपने आप में आरोप साबित होना नहीं है. कई प्रकरण अभी अदालतों में विचाराधीन हैं.

प्लॉट और जमीन से जुड़े मामलों की संख्या ज्यादा
दस्तावेजों के अनुसार, गणेशराज बंसल के खिलाफ दर्ज अधिकांश प्रकरण भारतीय दंड संहिता यानी IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी से जुड़े हैं. इन धाराओं में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करने और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल होते हैं. साल 2010 में नगर परिषद से जुड़े भूखंडों की हेराफेरी को लेकर हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में एक साथ बड़ी संख्या में FIR दर्ज हुई थीं. रिकॉर्ड में FIR नंबर 347/2010 से 382/2010 तक के प्रकरणों का उल्लेख है. इनमें भी इसी तरह की गंभीर धाराएं लगाई गई थीं.

प्लॉटों को हड़पने का भी आरोपइसके अलावा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यानी CJM और दूसरी अदालतों में नगर परिषद के प्लॉटों को हड़पने और खुर्द-बुर्द करने के आरोपों से जुड़े 25 से अधिक परिवाद विचाराधीन बताए गए हैं. इन मामलों में गणेशराज बंसल और उनकी पत्नी के नाम मुख्य अभियुक्त के तौर पर दर्ज होने की बात सामने आई है.

ACB में भी दर्ज हैं पांच FIR
गणेशराज बंसल और उनकी पत्नी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB जयपुर में भी पांच FIR दर्ज होने का रिकॉर्ड में उल्लेख है. ये मामले साल 2011 और 2012 के बताए गए हैं. इन प्रकरणों में IPC की धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(डी) और 13(2) भी लगाई गई थी. इन मामलों में पद के दुरुपयोग और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े आरोपों को लेकर अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया का भी उल्लेख मिलता है.

लोक सेवक से मारपीट और सरकारी रिकॉर्ड चोरी का मामलाविधायक के खिलाफ दर्ज मामलों की सूची केवल जमीन और प्लॉट विवाद तक सीमित नहीं है. रिकॉर्ड में लोक सेवक से मारपीट और राजकार्य में बाधा से जुड़ा मामला भी दर्ज है. हनुमानगढ़ जेएम कोर्ट में IPC की धारा 332 और 353 के तहत एक प्रकरण लंबित बताया गया है. यह मामला एक डिप्टी स्तर के अधिकारी या लोक सेवक के साथ मारपीट और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने से जुड़ा है. वहीं जयपुर के एमएम कोर्ट में धारा 379 के तहत नगर परिषद की सरकारी पत्रावलियों को चोरी करने का प्रकरण भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. इसमें सरकारी दस्तावेजों और पत्रावलियों से जुड़ा मामला है.

IT एक्ट और दूसरे मामलों का भी रिकॉर्ड
गणेशराज बंसल के खिलाफ बीकानेर और हनुमानगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम यानी IT Act की धाराओं के तहत भी प्रकरण दर्ज बताए गए हैं. इनमें धारा 67, 67ए और 72ए का उल्लेख रिकॉर्ड में है. इसके अलावा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7, बलवा और मारपीट से जुड़ी धाराएं 147 और 148, धमकी की धारा 506 और एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामले भी पुलिस रिकॉर्ड का हिस्सा रहे हैं.

कई मामले अभी अदालतों में लंबित
विधिक रिकॉर्ड के अनुसार, इन सभी प्रकरणों की स्थिति एक जैसी नहीं है. कई मामले अलग-अलग अदालतों में विचाराधीन हैं, जबकि कुछ मामलों से जुड़ी याचिकाएं राजस्थान हाईकोर्ट में भी लंबित बताई गई हैं. ऐसे में गणेशराज बंसल के खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या और उनमें लगी धाराएं रिकॉर्ड में जरूर दर्ज हैं, लेकिन हर मामले में आरोप साबित हो चुके हैं, ऐसा कहना सही नहीं होगा. अदालतों में लंबित मामलों का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा. विधायक के खिलाफ मुकदमों की यह लंबी सूची ऐसे समय में सामने आई है, जब हनुमानगढ़ की राजनीति में उनका नाम लगातार चर्चा में है. जमीन और नगर परिषद के प्लॉटों से जुड़े पुराने मामलों के साथ ACB, सरकारी पत्रावली, लोक सेवक से मारपीट और IT एक्ट से जुड़े प्रकरण भी रिकॉर्ड में दर्ज हैं. इन मामलों में आगे की स्थिति संबंधित अदालतों और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर निर्भर करेगी.

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