मोबाइल का रिचार्ज खत्म होते ही बच्चे ने छोड़ा खाना, 2 दिन बाद भी नहीं माना बात, डॉक्टर बोले- ऐसी आदत से बंदर जैसा हाल

Last Updated:September 28, 2026, 10:21 IST
बच्चों में मोबाइल की लत से उन्हें कई तरह का शारीरिक और मानसिक नुकसान हो रहा है. एक तरफ उनकी गर्दन से लेकर आंख तक खराब हो रही है तो दूसरी तरफ उनके सोचने और समझने की क्षमता खत्म हो रही है. बेगूसराय में तो एक बच्चे की मोबाइल की लत का ऐसा किस्सा सामने आया कि आप जानकर हैरान रह जाएंगे. ऐसे में समय रहते अपने बच्चों पर ध्यान दें. इस बात का ध्यान रखें कि उन्हें डिजिटल दुनिया से दूर नहीं करना है लेकिन, उन्हें उसके सही इस्तेमाल को सिखाना है. उन्हें फालतू वीडियो देखते रहने का आदी बनाने से बचाने के लिए ध्यान देना पड़ेगा. इसका असर….
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बेगूसराय: डिजिटल युग में बिहार से अजब-गजब कहानियां भी सामने आ रही है. बिहार के बेगूसराय से बच्चों में मोबाइल की बढ़ती लत से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बच्चा मोबाइल के बिना खाना ही नहीं खाता. हालत ऐसी हुई कि घर के मोबाइल का रिचार्ज खत्म हुआ तो बच्चे ने करीब 2 दिन तक खाना नहीं खाया. आखिरकार बच्चे को खाना खिलाने के लिए मोबाइल में रिचार्ज कराना पड़ा. पूरी कहानी लोकल 18 पर बेगूसराय सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ ने साझा करते हुए देश के हर माता-पिता को इस खबर से सीख लेने की सलाह दी है. आप भी देखें रिपोर्ट-
क्या है पूरी कहानीबेगूसराय के मयंक कुमार की मां ने लोकल18 को बताया कि उनका बच्चा मोबाइल के बिना खाना खाने के लिए तैयार नहीं होता है. मां के मुताबिक, घर का फोन करीब दो दिनों तक रिचार्ज नहीं था. इस दौरान मयंक ने खाना ही छोड़ दिया. जब दो दिन बाद मोबाइल में रिचार्ज कराया गया और बच्चे को खाना खाते समय मोबाइल दिया गया, तब उसने खाना खाया. हालांकि, तब तक बच्चे की कंडीशन खराब हो गई थी और उसे इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में ले जाना पड़ा.
डॉक्टर ने मोबाइल की लत को बताया वजहबेगूसराय सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कृष्ण कुमार ने इसे “हैबिट डिसऑर्डर” (Habit Disorder) से जुड़ी समस्या बताया है. उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में बंदरों जैसे हालात हो सकते हैं. उन्होंने मोबाइल के प्रति बच्चे की अत्यधिक निर्भरता को इसकी वजह से जोड़ा. डॉक्टर के मुताबिक, करीब दो दिन बाद जब मोबाइल में रिचार्ज कराया गया, तभी बच्चे ने दोबारा खाना खाया. उन्होंने इसे बच्चों में मोबाइल के प्रति बढ़ते लगाव और आदत से जुड़ी समस्या बताया.
माता-पिता को डॉक्टर की सलाहडॉक्टर कृष्ण कुमार ने माता-पिता को सलाह दी कि बच्चों में कम उम्र से ही मोबाइल की आदत नहीं डालनी चाहिए. उनका कहना है कि बच्चे आसपास के माहौल से बहुत कुछ सीखते हैं. जिस तरह का माहौल और आदतें उन्हें मिलती हैं, उसी के अनुसार उनका व्यवहार विकसित होता है. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल से दूर रखने और उनकी दिनचर्या में खेलकूद तथा परिवार के साथ समय बिताने जैसी गतिविधियां बढ़ाने की अपील की. यह मामला उन माता-पिता के लिए भी चेतावनी है, जो बच्चों को खाना खिलाने के लिए रोजाना मोबाइल का सहारा लेते हैं.
About the AuthorRajneesh Singh
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Begusarai,Bihar
First Published :
September 28, 2026, 10:21 IST



