Health

क्या है Tai Chi? न दौड़ना, न कूदना, फिर भी फिटनेस में काम आ रही है ये एक्सरसाइज, जानें कितनी असरदार है?

Tai Chi Exercise: सुबह उठकर तेज वर्कआउट करने का मन हर दिन नहीं करता. खासकर जब शरीर में अकड़न हो, जोड़ों में परेशानी महसूस हो या दिनभर बैठकर काम करने के बाद थकान बनी रहे. ऐसे में कुछ लोग ऐसी एक्सरसाइज पसंद करते हैं जिसमें शरीर पर अचानक ज्यादा दबाव न पड़े और सांसों पर भी ध्यान दिया जा सके. ताई ची ऐसी ही एक चीनी एक्सरसाइज है, जिसमें धीमी और नियंत्रित शारीरिक गतिविधियों के साथ गहरी सांस लेने और एकाग्रता पर ध्यान दिया जाता है.

देखने में इसके मूवमेंट आसान लगते हैं, लेकिन इन्हें सही तरीके से करने के लिए शरीर और दिमाग का तालमेल जरूरी होता है. यही वजह है कि ताई ची को फिटनेस के साथ संतुलन और मानसिक शांति से भी जोड़ा जाता है.

ताई ची क्या है और इसे कैसे किया जाता है

ताई ची की शुरुआत चीन की पारंपरिक मार्शल आर्ट से जुड़ी मानी जाती है. आज इसे कई लोग धीमी गति वाली एक्सरसाइज के तौर पर करते हैं. इसमें शरीर को एक मुद्रा से दूसरी मुद्रा में धीरे-धीरे ले जाया जाता है. मूवमेंट के दौरान सांस को नियंत्रित रखने और शरीर की स्थिति पर ध्यान देने की कोशिश की जाती है. इसकी खासियत यह है कि इसमें बहुत तेज दौड़ने, कूदने या भारी वजन उठाने जैसी गतिविधियां शामिल नहीं होतीं. इसलिए जो लोग हल्की और नियंत्रित शारीरिक गतिविधि से शुरुआत करना चाहते हैं उनके लिए यह एक विकल्प हो सकता है. हालांकि किसी भी नई एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले अपनी उम्र और शारीरिक स्थिति के अनुसार ट्रेनर या डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.

ताई ची से शरीर को मिल सकते हैं ये फायदे
हड्डियों और मांसपेशियों के लिए उपयोगी

उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की ताकत और शरीर का संतुलन प्रभावित हो सकता है. ताई ची में लगातार नियंत्रित मूवमेंट किए जाते हैं. इससे शरीर को सक्रिय रखने और मांसपेशियों की ताकत व नियंत्रण पर काम करने में मदद मिल सकती है. कुछ लोगों के लिए यह रोजमर्रा की गतिविधियों को सहज बनाए रखने वाली हल्की एक्सरसाइज का हिस्सा बन सकती है. हड्डियों के मामले में भी ताई ची को लेकर शोध हुए हैं. खासकर उम्रदराज लोगों में यह एक्सरसाइज संतुलन और शारीरिक गतिविधि बनाए रखने के लिए उपयोगी मानी जाती है. हालांकि इसे हड्डियों की किसी बीमारी का इलाज नहीं समझना चाहिए.

शरीर का बैलेंस बेहतर करने में मदद

ताई ची का एक अहम हिस्सा शरीर का संतुलन बनाए रखना है. इसमें पैर, हाथ और शरीर के ऊपरी हिस्से को एक साथ नियंत्रित तरीके से मूव किया जाता है. नियमित अभ्यास से बॉडी अवेयरनेस और बैलेंस पर काम किया जा सकता है. यह खास तौर पर उन लोगों के लिए दिलचस्प हो सकता है जिन्हें लंबे समय तक बैठे रहने की आदत है. उदाहरण के लिए ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठने के बाद शरीर अकड़ा हुआ महसूस हो तो हल्की शारीरिक गतिविधि शरीर को दोबारा एक्टिव करने में मदद कर सकती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

पोस्चर पर भी पड़ सकता है असर

डेस्क जॉब और लंबे समय तक मोबाइल देखने की आदत से कई लोगों का बैठने का तरीका बिगड़ जाता है. ताई ची में शरीर की स्थिति और मूवमेंट पर लगातार ध्यान दिया जाता है. इससे सही पोस्चर के प्रति जागरूकता बढ़ सकती है. हालांकि सिर्फ ताई ची करने से खराब पोस्चर अपने आप ठीक हो जाएगा ऐसा दावा नहीं किया जा सकता. रोजमर्रा में सही तरीके से बैठना, स्क्रीन की ऊंचाई ठीक रखना और बीच-बीच में उठकर चलना भी जरूरी है.

तनाव और फोकस के लिए क्यों की जाती है ताई ची

ताई ची में शारीरिक गतिविधियों के साथ सांस और ध्यान पर भी फोकस किया जाता है. धीमी गति से मूवमेंट करने के दौरान व्यक्ति अपने शरीर और सांसों पर ध्यान देता है. इस वजह से कई लोग इसे रिलैक्सेशन और माइंडफुलनेस जैसी गतिविधियों के साथ जोड़कर देखते हैं. नियमित अभ्यास कुछ लोगों को तनाव कम महसूस करने और ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है. फिर भी इसे तनाव या किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं माना जाना चाहिए. अगर तनाव लगातार बना हुआ है या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है.

शुरुआत करते समय किन बातों का रखें ध्यान

ताई ची देखने में आसान जरूर लगती है लेकिन शुरुआत सही तकनीक के साथ करना जरूरी है. पहली बार इसे किसी प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर से सीखना बेहतर रहेगा. बहुत ज्यादा थकान, दर्द या चक्कर महसूस होने पर एक्सरसाइज रोक देनी चाहिए.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj