Tips: दिल्ली में जमीन निवेश का सही समय? मास्टर प्लान पर एक्सपर्ट की सलाह, इस एक गलती से बचना जरूरी

Last Updated:September 28, 2026, 18:04 IST
Delhi Property Investment Tips: दिल्ली का मास्टर प्लान जारी होने के बाद, प्रॉपर्टी एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा ने दिल्ली में जमीन निवेश को सही समय बताया है. क्योंकि यह एनसीआर के अन्य शहरों से सस्ती है. हालांकि उन्होंने अप्रूव्ड कॉलोनियों और पीएम-उदय योजना में टाइटल साफ न होने पर बड़े नुकसान की चेतावनी दी है.
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नई दिल्ली: दिल्ली का मास्टर प्लान आ चुका है. दिल्ली का मास्टर प्लान (Master Plan for Delhi यानी MPD) एक लंबी अवधि की शहर-योजना है, जिसमें तय किया जाता है कि दिल्ली में कहां घर बनेंगे, कहां बाजार और दुकानें होंगी. इसके अलावा कहां उद्योग होंगे. कहां पार्क और हरित क्षेत्र होंगे. कहां पर सड़क-मेट्रो-परिवहन कैसे विकसित होगा और भविष्य में शहर का विस्तार किस दिशा में होगा. इसे मुख्य रूप से दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) तैयार करता है. क्या है दिल्ली का नया मास्टर प्लान यही जाने के लिए देश के जाने-माने प्रॉपर्टी एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि दिल्ली का मास्टर प्लान जारी हो चुका है. दिल्ली की जमीन अभी भी फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुड़गांव, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से काफी सस्ती है. लैंड इन्वेस्टमेंट का यही सही समय है.
एनसीआर की यह है सस्ती इलाकेप्रॉपर्टी एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा ने बताया कि साउथ दिल्ली, सिविल लाइंस और लुटियंस जोन दिल्ली का प्राइम इलाका है. इन प्राइम इलाकों में जमीन की कीमत लगभग 10 से 12 लाख प्रति स्क्वायर यार्ड है.हालांकि 10 से 12 लाख प्रति स्क्वायर यार्ड जमीन आम आदमी के बजट में नहीं है. इतना पैसा एक आम आदमी के बजट से बाहर है. यही वजह है कि लोगों ने दिल्ली से बाहर निकाल कर एनसीआर के जिलों में जाकर प्रॉपर्टी खरीदी जैसे गुरुग्राम जैसे इलाकों में आज भी 3 से 4 लाख रुपए एवरेज प्रति स्क्वायर यार्ड में प्रॉपर्टी मिल जाएगी जैसे फरीदाबाद की बात करें तो फरीदाबाद में आज भी 2 लाख रुपए प्रति स्क्वायर यार्ड में जमीन मिल जाएगी.
दिल्ली में कहां पर कर सकते हैं प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंटप्रॉपर्टी एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा ने बताया कि दिल्ली में अगर आप घर लेने के बारे में सोच रहे हैं तो सरकार की पॉलिसी और मास्टर प्लान पर नजर डालें तो जहां पर अभी एग्रीकल्चर स्टेटस जमीन है भविष्य में उसकी जगह अपार्टमेंट लेगा. जैसे ग्रीन जोन की बात करें तो ग्रीन जोन में 2.5 एकड़ में फार्महाउस आप बना सकते हैं. ढाई एकड़ की अब पॉलिसी आ गई है जिसमें 10,000 प्रति स्क्वायर मीटर से ज्यादा आप नहीं बना सकते. ऐसा फार्म हाउस अप्रूव्ड नहीं होगा. यही वजह है कि ऐसी जगह की कीमत नहीं बढ़ी.
कीमत ना बढ़ने की वजह से जो वहां रह रहे हैं या जिनके फार्म हाउस है उन्हें तो नुकसान हुआ लेकिन जो लोग वहां पर अब फार्म हाउस बनाने के बारे में सोच रहे हैं या बना लेते हैं अब उनको फायदा होगा क्योंकि यहां पर अभी 4 से 6 करोड़ रुपए में आपको प्रति एकड़ में रेगुलर ग्रैंड मिल जाएगा. जैसा कि सरकारी पॉलिसी 18 मीटर की रोड पर है वहां पर आप फार्महाउस आप बना सकते हैं. जिसकी कीमत 7 से 9 करोड़ में मिल जाएगी. यहां पर अभी ज्यादा स्कोप है.
दिल्ली में 1511 कॉलोनी अप्रूव्डप्रॉपर्टी एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा ने यह भी बताया कि दिल्ली में 1511 कालोनियां ऐसी हैं, जो अप्रूव्ड हो चुकी है. यहां पर भी आप जमीन खरीद सकते हैं, लेकिन इस बात का आपको ध्यान रखना है कि जहां पर टाइटल पूरी तरह से साफ हो वहीं पर आप इन्वेस्टमेंट करें. जैसे बात करें पीएम-उदय योजना की तो पीएम उदय योजना का आज भी लोगों को पूरी तरह से फायदा नहीं पहुंच पा रहा है, क्योंकि जो चेन प्रॉपर बननी थी वह चेन नहीं बन सकी. जिस वजह से वो प्रॉपर्टी उन लोगों के नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सकी. वहां पर ऐसी प्रॉपर्टी आपको 50000 से लेकर 100000 प्रति स्क्वायर यार्ड में मिल जाएगी लेकिन ऐसी प्रॉपर्टी लेना आपके लिए जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए बहुत सावधानी से ही फैसला लें.
डीडीए के प्लॉट में भी अवसरप्रॉपर्टी एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा ने यह भी बताया कि अगर आप प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं तो दिल्ली विकास प्राधिकरण के प्लॉट में भी एक अच्छा मौका है, जैसे नरेला, द्वारका और रोहिणी में जो पहले प्लॉट बेचे गए थे दिल्ली विकास प्राधिकरण की ओर से जिसमें छोटे प्लॉट भी मौजूद हैं. बड़े प्लॉट भी मौजूद है वहां पर दो से आठ लाख प्रति स्क्वायर यार्ड तक आपको जमीन मिल सकती है. हालांकि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए मास्टर प्लान में स्कोप बहुत ज्यादा है. अगर आपके पास बजट थोड़ा भी ज्यादा है तो आप किसी बढ़िया छोटे प्लॉट को ना लेकर सीधा फार्म हाउस की तरफ जाएं. फार्म हाउस से ही आपको फायदा होगा लेकिन मास्टर प्लान में रोड नेटवर्क प्लान भी एक बनाया गया है जोकि बेहद जरूरी है. जब तक इसका इंप्लीमेंट नहीं हो जाता तब तक आपको फायदा नहीं होगा.
About the AuthorAmit Ranjan
अमित रंजन वर्तमान में में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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New Delhi,Delhi
First Published :
September 28, 2026, 18:04 IST



