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Bhinmal Tomato Farming I हरे पौधों के बीच लाल टमाटरों की बहार, भीनमाल की खेती ने बनाई खास पहचान

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भीनमाल के खेतों में टमाटर की बहार, तैयार फसल पहुंच रही राजस्थान-गुजरात तक

Last Updated:September 28, 2026, 17:59 IST

Bhinmal Tomato Farming: जालोर के भीनमाल क्षेत्र में अनुकूल मिट्टी और मौसम के चलते बड़े स्तर पर टमाटर की खेती की जा रही है. खेतों में लाल टमाटरों की फसल तैयार होने के बाद तुड़ाई, छंटाई और पैकिंग कर इसे राजस्थान की विभिन्न मंडियों के साथ गुजरात के बड़े बाजारों तक भेजा जाता है.

जालोर जिले का भीनमाल क्षेत्र टमाटर की खेती के लिए जाना जाता है. यहां किसान बड़े स्तर पर टमाटर की फसल उगाते हैं. मिट्टी और मौसम अनुकूल होने से टमाटर की खेती के लिए यहां का माहौल अच्छा रहता है. फसल तैयार होने पर खेतों में हरे पौधों के बीच लाल टमाटर नजर आते हैं. यहां की टमाटर की खेती किसानों के लिए अच्छी पहचान बन चुकी है.

भीनमाल क्षेत्र में किसान परंपरागत खेती के साथ सब्जियों की आधुनिक खेती की ओर भी बढ़ रहे हैं. टमाटर की फसल में पौध तैयार करने से लेकर खेत में रोपाई, सिंचाई, निराई-गुड़ाई और पौधों की देखभाल तक कई चरण होते हैं. किसान फसल की जरूरत के अनुसार खेत की निगरानी करते हैं, जिससे पौधों पर लगने वाले टमाटर अच्छी तरह विकसित हो सकें.

टमाटर की खेती में पौधे लगाने से लेकर फसल तैयार होने तक कई चरण होते हैं. शुरुआत में खेतों में छोटे पौधे और फूल दिखाई देते हैं, इसके बाद पौधों पर हरे टमाटर लगने लगते हैं, जो धीरे-धीरे पककर लाल हो जाते हैं. फसल तैयार होने पर किसान टमाटरों की तुड़ाई करते हैं और उन्हें छांटकर टोकरियों या कैरेट में भरते हैं. इसके बाद टमाटर बिक्री के लिए बाजार और मंडियों तक पहुंचते हैं.

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भीनमाल में तैयार होने वाला टमाटर स्थानीय बाजार के साथ राजस्थान की अलग-अलग मंडियों तक पहुंचता है. इसके अलावा यहां की फसल गुजरात की बड़ी मंडियों में भी भेजी जाती है. खेत में तैयार होने वाली यह सब्जी सिर्फ स्थानीय जरूरत तक सीमित नहीं रहती, दूसरे राज्यों के बाजारों तक भी पहुंचती है. यही कारण है कि टमाटर की खेती को किसानों के लिए बाजार से जुड़ी महत्वपूर्ण फसल के रूप में देखा जा सकता है.

टमाटर जैसी सब्जी फसल में खेती के साथ बाजार की भूमिका भी अहम होती है. फसल तैयार होने के बाद उसकी तुड़ाई, छंटाई, पैकिंग और परिवहन के जरिए उसे मंडी तक पहुंचाया जाता है. ऐसे में किसान के लिए अच्छी फसल के साथ सही समय पर बिक्री और बाजार तक पहुंच भी महत्वपूर्ण रहती है. भीनमाल का टमाटर राजस्थान और गुजरात की मंडियों तक पहुंचता है.

First Published :

September 28, 2026, 17:59 IST

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