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राजस्थान में दिन तपेंगे, रातें देंगी राहत, जयपुर-बीकानेर में अगले हफ्ते मौसम ले सकता है करवट

जयपुर. राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर अंतिम चरण में पहुंच गया है. आईएमडी के अनुसार अगले 24 घंटे में राज्य के शेष हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. मानसून वापसी रेखा फिलहाल गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा होते हुए नलिया तक बनी हुई है. यानी राजस्थान में मानसून की वापसी लगभग पूरी होने वाली है.

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा अपडेट के मुताबिक 3 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान, दोनों हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. इस दिन प्रदेश के किसी भी जिले के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है. पिछले दिनों बारिश की गतिविधियां कमजोर होने के बाद अब राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहने और धूप बढ़ने की स्थिति बनी हुई है. शुक्रवार को राज्य में मौसम शुष्क रहा और सर्वाधिक अधिकतम तापमान पिलानी में 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

राजस्थान में अगले 24 घंटे में मानसून की पूरी विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहने की संभावना है

अगले एक सप्ताह कैसा रहेगा मौसम

आईएमडी के अनुसार राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है. अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है. अक्टूबर की शुरुआत में दिन के समय धूप तेज रहने से गर्मी महसूस हो सकती है, जबकि सुबह और रात के तापमान में हल्की गिरावट के कारण ठंडक का अहसास बढ़ सकता है. 3 से 5 अक्टूबर तक प्रदेश में बड़े स्तर पर बारिश की गतिविधि की संभावना नहीं है. मानसून की विदाई के बाद पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम शांत रहने का अनुमान है. जयपुर में 3 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

6 अक्टूबर के बाद बदल सकता है मौसम

आईएमडी के विस्तारित पूर्वानुमान के अनुसार 6 अक्टूबर की शाम या रात से उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर राजस्थान तक पहुंचने की संभावना है. इसके चलते 7 और 8 अक्टूबर को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, सीकर और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है. 9 से 11 अक्टूबर के दौरान भी उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. हालांकि इसका असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं होगा. पश्चिमी विक्षोभ की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही तेज बारिश या ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों का अधिक सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा.

3 अक्टूबर के लिए प्रदेश के किसी भी जिले में विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है.

राजस्थान में अगले हफ्ते मौसम ले सकता है करवट

• राजस्थान में अगले 24 घंटे में मानसून की पूरी विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहने की संभावना है.

• 3 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है.

• 3 अक्टूबर के लिए प्रदेश के किसी भी जिले में विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है.

• राज्य में सर्वाधिक 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान फलोदी में दर्ज किया गया है.

• अगले एक सप्ताह राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है.

अगले एक सप्ताह राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है

• अगले पांच दिनों में राजस्थान के अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.

• 6 अक्टूबर की शाम या रात से उत्तरी राजस्थान में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं.

• 7 और 8 अक्टूबर को उत्तर और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश संभव है.

• 9 से 11 अक्टूबर के बीच कुछ क्षेत्रों में आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.

• राजस्थान में सामान्य से 17.76 फीसदी कम बारिश के बाद 117 तहसीलों में सर्वे की तैयारी है.

कम बारिश को लेकर सूखे के सर्वे को लेकर तैयारी शुरू

इस बीच मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में कम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का आकलन भी किया जा रहा है. राजस्व विभाग 34 जिलों की 117 तहसीलों में गिरदावरी के जरिए सर्वे कराने की तैयारी में है. 1 जून से 26 सितंबर तक राजस्थान में 421.89 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 346.97 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 17.76 फीसदी कम है. 17 जिलों में बारिश सामान्य से 20 से 50 फीसदी तक कम रही. अक्टूबर से दिसंबर के दौरान भी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान बताया गया है. अक्टूबर में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है. ऐसे में मिट्टी की नमी, जलाशयों और भूजल रिचार्ज की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी. किसानों के लिए खरीफ फसल की कटाई, भंडारण और रबी की शुरुआती तैयारियों के दौरान स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी होगा.

राजस्थान में सामान्य से 17.76 फीसदी कम बारिश के बाद 117 तहसीलों में सर्वे की तैयारी है.

राजस्थान से मानसून कब तक पूरी तरह विदा हो जाएगा?

आईएमडी के अनुसार अगले 24 घंटे में राजस्थान के शेष हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. मानसून वापसी रेखा फिलहाल धौलपुर और उदयपुर से होकर गुजर रही है. ऐसे में प्रदेश से मानसून की विदाई अंतिम चरण में है. इसके बाद अक्टूबर की शुरुआत में राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है.

3 अक्टूबर को राजस्थान में बारिश होगी या नहीं?

3 अक्टूबर को राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने इस दिन प्रदेश के किसी भी जिले के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की है. अगले कुछ दिनों में भी बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है. दिन में धूप और गर्मी, जबकि सुबह-रात हल्की ठंडक महसूस हो सकती है.

राजस्थान में अगली बारिश कब हो सकती है?

6 अक्टूबर की शाम या रात से उत्तरी राजस्थान में मौसम बदलने की संभावना है. 7 और 8 अक्टूबर को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन और सीकर सहित कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. 9 से 11 अक्टूबर के बीच भी कुछ इलाकों में आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, लेकिन इसका असर पूरे प्रदेश में समान नहीं रहेगा.

राजस्थान में सबसे अधिक तापमान कहां दर्ज हुआ?

ताजा मौसम अपडेट के अनुसार राजस्थान में सर्वाधिक अधिकतम तापमान फलोदी में 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मानसून की विदाई के बाद आसमान साफ रहने और धूप तेज होने से दिन के तापमान में गर्मी बनी रह सकती है. अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. सुबह और रात में हालांकि हल्की ठंडक महसूस होने लगेगी.

कम बारिश का राजस्थान की खेती पर क्या असर होगा?

1 जून से 26 सितंबर तक राजस्थान में 421.89 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 346.97 मिमी बारिश हुई, यानी 17.76 फीसदी कमी रही. कम बारिश से मिट्टी की नमी, जलाशयों और भूजल रिचार्ज पर असर पड़ सकता है. इसका प्रभाव रबी फसलों की शुरुआती सिंचाई पर भी पड़ सकता है. इसी वजह से 34 जिलों की 117 तहसीलों में फसल और बारिश की स्थिति का सर्वे प्रस्तावित है.

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