नरेश मीणा का भाया पर हमला, बोले- पकवान बनाओ या राहुल-डोटासरा को बुलाओ, भीड़ मेरी ज्यादा होगी

बारां. राजस्थान के बारां में खाद संकट और किसानों की मांगों को लेकर युवा नेता नरेश मीणा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. झालावाड़ के कामखेड़ा बालाजी से किसानों और समर्थकों के साथ वाहन रैली निकालकर बारां पहुंचे नरेश मीणा ने कलेक्ट्रेट के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि जब तक राजस्थान के किसानों को जरूरत के मुताबिक 1350 रुपये में डीएपी उपलब्ध कराने समेत खाद से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा.
गांधी जयंती के मौके पर कामखेड़ा बालाजी से शुरू हुई किसान यात्रा बारां कलेक्ट्रेट पहुंची. यहां नरेश मीणा ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और इसके बाद धरना शुरू किया. उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता का प्रस्ताव भी ठुकरा दिया. नरेश मीणा ने कहा कि मामला केवल बारां जिले के किसानों का नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के किसानों से जुड़ा है. उन्होंने मांगों पर मुख्य सचिव स्तर पर वार्ता की शर्त रखी है.
प्रमोद जैन भाया को सीधी चुनौती
अनशन स्थल से नरेश मीणा ने हाड़ौती की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं पर भी निशाना साधा. उन्होंने कांग्रेस के पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को चुनौती देते हुए कहा कि वे चाहें तो पांच तरह के पकवान बनाकर भीड़ जुटा लें या बारां में राहुल गांधी और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को मंच पर बुला लें, लेकिन उनके साथ युवाओं और किसानों का समर्थन है. नरेश मीणा ने दावा किया कि राहुल गांधी और डोटासरा की सभा से भी ज्यादा भीड़ उनकी रैली में जुटेगी. उन्होंने भाया को 5, 10 या 15 दिन के अंतराल पर अलग-अलग सभाएं आयोजित कर जनता के समर्थन का आकलन करने की चुनौती दी. नरेश मीणा के इन बयानों के बाद खाद संकट के मुद्दे के साथ हाड़ौती की सियासत भी चर्चा में आ गई है.
राजेंद्र गुढ़ा ने सरकार को घेरा
नरेश मीणा के अनशन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने भी राज्य सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि नरेश मीणा का संघर्ष अब जवान हो रहा है, जबकि सरकार दिन-ब-दिन बूढ़ी होती जा रही है. गुढ़ा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नरेश मीणा को गिरफ्तार करने या जेल भेजने की कोशिश की तो राजस्थान में बड़ा जनाक्रोश पैदा हो सकता है और जयपुर में बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे. धरना स्थल पर नगर परिषद के पूर्व सभापति कमल राठौर, पूर्व प्रधान रामहेत मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि और समर्थक मौजूद रहे.
पंचायत चुनाव को लेकर भी नामों का ऐलान
धरने के दौरान नरेश मीणा ने आगामी पंचायत चुनाव को लेकर भी अपनी रणनीति का संकेत दिया. उन्होंने बारां जिला प्रमुख पद के लिए संदीप शर्मा, बारां प्रधान के लिए ममता नागर, अटरू प्रधान के लिए वंदना नागर और छबड़ा प्रधान के लिए बृजभूषण शर्मा के नामों की घोषणा की. इससे पहले नरेश मीणा बारां और बूंदी जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति की सीटों पर अपने समर्थित उम्मीदवार उतारने और तीसरे मोर्चे के तौर पर चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं.
4 अक्टूबर को जयपुर कूच की चेतावनी
नरेश मीणा ने सरकार को आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 4 अक्टूबर को हजारों किसानों के साथ बारां से जयपुर कूच किया जाएगा. उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के घेराव की भी चेतावनी दी है. जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद नरेश मीणा की ओर से खाद संकट को लेकर शुरू किया गया यह आंदोलन अब किसान मुद्दे के साथ हाड़ौती की राजनीति से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है. फिलहाल उनकी मुख्य मांग किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी और अन्य खाद उपलब्ध कराने तथा किसानों की समस्याओं पर सरकार की ओर से ठोस समाधान की है.



