केवलादेव में अब बच्चे बनेंगे प्रकृति प्रहरी, ‘केवलादेव मित्र अभियान’ से सीखेंगे जैव विविधता और वेटलैंड संरक्षण का ज्ञान

Last Updated:October 03, 2026, 08:33 IST
Keoladeo Mitra Abhiyan: भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में स्कूली बच्चों के लिए ‘केवलादेव मित्र अभियान’ शुरू किया गया है. इसका उद्देश्य बच्चों को प्रकृति, जैव विविधता और वेटलैंड संरक्षण के प्रति जागरूक करना है. एक महीने में सात स्कूलों के 400 से ज्यादा बच्चे इससे जुड़ चुके हैं. पहले चरण में 25 स्कूलों को जोड़ने का लक्ष्य है. बच्चों को पक्षियों और पर्यावरण के महत्व के बारे में बताया जा रहा है ताकि वे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपनी अहम भूमिका निभा सकें.
ख़बरें फटाफट
भरतपुर: भरतपुर के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (घना) में आने वाले स्कूली बच्चों के लिए अब शैक्षणिक भ्रमण का मतलब सिर्फ पक्षियों को देखना और प्रकृति की खूबसूरत तस्वीरें लेना ही नहीं रहेगा. वन विभाग ने बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से गहराई से जोड़ने के लिए एक नई पहल करते हुए ‘केवलादेव मित्र अभियान’ की शानदार शुरुआत की है. इस खास अभियान के माध्यम से स्कूली बच्चों को उद्यान की समृद्ध जैव विविधता, वेटलैंड संरक्षण और पर्यावरण बचाने के महत्व की विस्तृत जानकारी दी जाएगी. यह कदम बच्चों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में उठाया गया है.
घना डीएफओ चेतन कुमार ने इस नई पहल को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं. उन्होंने बताया कि ‘केवलादेव मित्र अभियान’ का मुख्य उद्देश्य बच्चों में प्रकृति के प्रति जागरूकता और संरक्षण की भावना को बचपन से ही विकसित करना है. इस अभियान के तहत बच्चे केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को बहुत करीब से समझेंगे. वे सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि वेटलैंड संरक्षण से जुड़ी विभिन्न व्यावहारिक और मैदानी गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे. इससे उनमें प्रकृति को लेकर एक नया दृष्टिकोण विकसित होगा.
बच्चों का शानदार रिस्पांसवन विभाग की यह पहल रंग लाती दिख रही है. अभियान शुरू होने के बाद महज पहले ही एक महीने में सात अलग-अलग स्कूलों के 400 से अधिक बच्चे इस खास कार्यक्रम से जुड़ चुके हैं. बच्चों को केवलादेव के शांत और प्राकृतिक वातावरण, यहां पाए जाने वाले देशी-विदेशी पक्षियों, दुर्लभ वनस्पतियों और पूरे वेटलैंड इकोसिस्टम के बारे में रोचक तरीके से जानकारी दी जा रही है. इसके साथ ही उन्हें यह भी गहराई से समझाया जा रहा है कि हमारे जलाशयों और वेटलैंड का संरक्षण पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है.
25 स्कूलों को जोड़ने का लक्ष्यवन विभाग की कार्ययोजना के अनुसार इस महत्वपूर्ण अभियान के पहले चरण में भरतपुर और आसपास के कुल 25 स्कूलों को शामिल किया जाएगा. इसके तहत विद्यार्थियों को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का सघन भ्रमण कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कई रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा. इनमें पेंटिंग, क्विज और नेचर वॉक जैसे कार्यक्रम भी हो सकते हैं.
भविष्य के प्रकृति प्रहरीवन विभाग का यह स्पष्ट मानना है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने से उनमें जिम्मेदारी की भावना तेजी से विकसित होगी. यही बच्चे आगे चलकर अपने परिवार, दोस्तों और पूरे समाज में पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश पहुंचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. इस अभियान के जरिए केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान स्कूली बच्चों के लिए सिर्फ एक सामान्य घूमने की जगह नहीं रहेगा, बल्कि यह उनके लिए जैव विविधता और वेटलैंड संरक्षण की एक जीवंत पाठशाला बनेगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
और पढ़ेंLocation :
Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
October 03, 2026, 08:33 IST



