12 जिलों के 500 बच्चों ने दिखाया हुनर, Smart City-2050 और चंद्रयान-3 रहे खास आकर्षण

Last Updated:October 04, 2026, 09:17 IST
Dausa Science Fair 2026: दौसा के आदर्श विद्या मंदिर में विद्या भारती द्वारा तीन दिवसीय विज्ञान एवं गणित मेले का आयोजन किया गया. इसमें जयपुर प्रांत के 12 जिलों के करीब 500 विद्यार्थियों ने भाग लिया. बच्चों ने चंद्रयान-3, स्मार्ट सिटी-2050, स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नैनो टेक्नोलॉजी जैसे कई शानदार मॉडल पेश किए. यह मेला बच्चों की वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आयोजित हुआ. यहां से चयनित विद्यार्थी अब 2-4 नवंबर को ब्यावर में राज्य स्तर और फिर गोरखपुर में राष्ट्रीय स्तर पर हिस्सा लेंगे.
ख़बरें फटाफट
Dausa Science Fair: विज्ञान मेले में बच्चों का कमाल, Smart City-2050 से Water Saving तक दिखाए शानदार मॉडल
दौसा: दौसा के आदर्श विद्या मंदिर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्या भारती की ओर से तीन दिवसीय विज्ञान एवं गणित मेले का शानदार आयोजन किया गया. इस मेले में जयपुर प्रांत के 12 जिलों से आए करीब 500 छात्र-छात्राओं ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार का बेहतरीन प्रदर्शन किया. बच्चों ने केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहते हुए, भविष्य की जरूरतों और समसामयिक समस्याओं के समाधान पर आधारित एक से बढ़कर एक मॉडल तैयार किए. मेले का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान व गणित के प्रति रुचि बढ़ाना और उनके भीतर एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना रहा. बच्चों की इस पहल ने साफ कर दिया कि विज्ञान की असली ताकत समाज की रोजमर्रा की समस्याओं को सुलझाने में है.
विज्ञान मेले में बच्चों की दूरदर्शी सोच देखते ही बन रही थी. प्रदर्शनी में चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता से प्रेरित मॉडल के साथ-साथ भविष्य की कल्पनाओं को साकार करता ‘फ्यूचर स्मार्ट सिटी-2050’ का मॉडल मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा. इसके अलावा चिकित्सा क्षेत्र में नैनो टेक्नोलॉजी के उपयोग, दिव्यांगों के लिए स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक, स्मार्ट ग्लासेस और रडार सिस्टम जैसे अत्याधुनिक तकनीकी मॉडल भी प्रस्तुत किए गए. वाई-फाई आधारित डेटा ट्रांसफर सिस्टम और ऑटोमेटिक लाइट सेंसर जैसे मॉडलों के जरिए बच्चों ने यह साबित कर दिया कि वे आधुनिक तकनीक को सिर्फ पढ़ते ही नहीं हैं, बल्कि उसका व्यावहारिक उपयोग भी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं.
पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन पर रहा खास फोकसविज्ञान मेले में पर्यावरण और आधुनिक खेती से जुड़े अहम मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया. बच्चों ने स्मार्ट डस्टबिन, जल प्रदूषण नियंत्रण, जैविक खेती और स्मार्ट जल-बचत सिंचाई प्रणाली जैसे बेहतरीन समाधान प्रस्तुत किए. रेन वाटर हार्वेस्टिंग, खाद्य उद्योग, विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव और यातायात प्रबंधन के लिए ट्रैफिक लाइट सिस्टम जैसे मॉडलों ने खूब तालियां बटोरीं. इसके अलावा सरल मशीन, प्राथमिक उपचार और पदार्थों की अवस्थाओं से जुड़े मॉडल भी काफी ज्ञानवर्धक रहे. इन मॉडलों के जरिए विद्यार्थियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि आधुनिक विज्ञान किस तरह से पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन, स्वच्छता और बढ़ते शहरीकरण की बड़ी चुनौतियों को आसानी से हल कर सकता है.
चार वर्गों में बंटे प्रतिभागी, अब ब्यावर और गोरखपुर में दिखाएंगे हुनरइस तीन दिवसीय विज्ञान और गणित मेले में प्रतियोगियों को शिशु, बाल, किशोर और तरुण वर्ग में विभाजित कर विभिन्न गतिविधियों में शामिल किया गया. विद्या भारती के प्रांतीय निरीक्षक अरुण दुबे और एवीएम बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रिंसिपल उमा शर्मा ने बताया कि इस आयोजन में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था. मेले में मॉडल प्रदर्शनी के साथ-साथ पत्र-वाचन प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. दौसा में आयोजित इस प्रांतीय मेले में चयनित होने वाले मेधावी विद्यार्थी अब अपने अगले सफर की तैयारी करेंगे. आगामी 2 से 4 नवंबर तक राजस्थान के ब्यावर में प्रदेश के सभी 41 जिलों का राज्य स्तरीय विज्ञान मेला आयोजित किया जाएगा. इसके बाद राज्य स्तर पर चयनित होने वाले सबसे श्रेष्ठ प्रतिभागी 26 नवंबर से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान मेले में हिस्सा लेंगे. दौसा का यह आयोजन बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रहा है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
और पढ़ेंLocation :
Dausa,Dausa,Rajasthan
First Published :
October 04, 2026, 09:17 IST



