Ringas Railway Station | खाटू मेले में AI कैमरों से भीड़ नियंत्रण

Last Updated:October 04, 2026, 11:38 IST
Ringas Railway Station: रींगस रेलवे स्टेशन पर दिवाली, छठ और खाटू मेले के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 20 एआई आधारित कैमरे लगाए जा रहे हैं. ये कैमरे यात्रियों की सटीक गिनती करेंगे और किसी भी हिस्से में भीड़ तय सीमा से अधिक होने पर आरपीएफ को रियल टाइम अलर्ट भेजेंगे. प्लेटफॉर्म से लेकर अंडरग्राउंड रास्तों तक निगरानी रखी जाएगी. इससे सुरक्षा बलों को भीड़ का दबाव कम करने और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में काफी मदद मिलेगी. रेलवे का यह कदम लाखों श्याम भक्तों की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है.
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Sikar: राजस्थान का रींगस रेलवे स्टेशन खाटूश्यामजी जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख पड़ाव है. आगामी दिवाली, छठ पूजा और विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मेले के दौरान यहां यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है. इस अत्यधिक भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने एक बड़ा तकनीकी कदम उठाया है. अब स्टेशन पर भीड़ का नियंत्रण केवल रेलवे कर्मचारियों की भौतिक नजर पर निर्भर नहीं रहेगा. रींगस रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो खुद यात्रियों की गिनती करेंगे और भीड़ बढ़ने पर तुरंत अलर्ट जारी करेंगे.
नई एआई आधारित निगरानी प्रणाली सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत बनाएगी. जैसे ही स्टेशन के किसी भी हिस्से में यात्रियों की संख्या एक तय सीमा से अधिक हो जाएगी, तो एआई सिस्टम भीड़ का विश्लेषण कर तुरंत एक अलर्ट जनरेट करेगा. यह अलर्ट सीधे रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा. इस तकनीक की मदद से सुरक्षा बलों को स्थिति बिगड़ने से पहले ही सटीक जानकारी मिल जाएगी. सूचना मिलते ही आरपीएफ के जवान तुरंत मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित कर सकेंगे और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर सकेंगे. जयपुर मंडल रेलवे ने त्योहारों और खाटू मेले के भारी दबाव को देखते हुए अपने प्रमुख स्टेशनों पर इस एआई आधारित भीड़ निगरानी प्रणाली का दायरा बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली है.
20 एआई कैमरों से लैस होगा रींगस स्टेशनवर्तमान में रींगस रेलवे स्टेशन पर केवल 8 कैमरे इस अत्याधुनिक तकनीक से जुड़े हुए हैं. लेकिन अब आगामी त्योहारों और मेलों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इनकी संख्या बढ़ाकर 20 की जा रही है. इसके साथ ही, जयपुर रेलवे स्टेशन पर भी 30 कैमरों को इसी एआई प्रणाली से जोड़ा जाएगा. इस नई व्यवस्था में ये कैमरे केवल सामान्य सीसीटीवी की तरह वीडियो रिकॉर्डिंग या निगरानी का काम नहीं करेंगे, बल्कि इनमें मौजूद एडवांस सॉफ्टवेयर के जरिए निगरानी क्षेत्र में मौजूद एक-एक यात्री की संख्या लगातार गिनी जाएगी. जयपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ऑकार सिंह ने बताया कि स्टेशन के प्रत्येक हिस्से, जैसे प्लेटफॉर्म, सीढ़ियों और गेट की क्षमता के अनुसार भीड़ की एक अधिकतम सीमा निर्धारित की जाएगी.
अंडरग्राउंड रास्ते और प्लेटफॉर्म पर रहेगी पैनी नजरवरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ऑकार सिंह ने स्पष्ट किया कि इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सुरक्षा कर्मचारियों को भीड़ बढ़ने की जानकारी मौके पर जाकर देखने के बाद नहीं, बल्कि रियल टाइम में ऑटोमैटिक तरीके से मिल जाएगी. आरपीएफ को अलर्ट मिलने के बाद उस विशेष स्थान पर तुरंत अतिरिक्त जवान तैनात किए जा सकेंगे. यदि आवश्यकता पड़ी, तो यात्रियों को स्टेशन के दूसरे सुरक्षित रास्तों या कम भीड़ वाले हिस्सों में भेजकर दबाव को कम किया जा सकेगा. रींगस स्टेशन पर ये एआई कैमरे प्लेटफॉर्म, प्रवेश-निकास द्वार, पैदल पारपथ और अन्य अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रणनीतिक रूप से लगाए जाएंगे. प्लेटफॉर्म नंबर दो से प्लेटफॉर्म नंबर एक की तरफ आने-जाने के लिए बने अंडरग्राउंड रास्ते को भी इस हाई-टेक निगरानी व्यवस्था में शामिल किया गया है.
लाखों श्याम भक्तों के लिए सुरक्षित यात्रात्योहारों और खाटू मेले के दौरान देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु ट्रेन के माध्यम से रींगस पहुंचते हैं. यहां उतरने के बाद वे सड़क मार्ग से खाटूश्यामजी के दरबार में जाते हैं. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्टेशन पर अचानक यात्रियों का भारी दबाव बढ़ जाता है, जिससे कई बार व्यवस्था संभालने में दिक्कतें आती हैं. एआई निगरानी से भीड़ के इस बढ़ते दबाव का समय रहते पता चल सकेगा और किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सकेगा. पिछले साल 8 कैमरों को एआई तकनीक से अपडेट करने के सकारात्मक परिणाम सामने आए थे, जिसके बाद अब इस व्यवस्था को और अधिक व्यापक बनाया जा रहा है. रेलवे का यह कदम श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद और सुरक्षित बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
October 04, 2026, 11:38 IST



