वनडे इतिहास की सबसे सुस्त पारी, 36 रन बनाने के लिए खेल डाली 174 गेंद, स्टेडियम में दर्शकों को नींद आ गई

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ODI की सबसे सुस्त पारी, 36 रन के लिए खेली 174 गेंद, भारतीय के नाम है रिकॉर्ड
Last Updated:October 05, 2026, 05:01 IST
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर के नाम वैसे तो कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं, लेकिन उनके करियर में एक रिकॉर्ड ऐसा भी है जिसे अब शायद ही कोई क्रिकेटर तोड़ना चाहेगा. सुनील गावस्कर ने यह रिकॉर्ड वनडे विश्व कप में बनाया था. यह रिकॉर्ड वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे सुस्त पारी खेलने का है.पूर्व भारतीय क्रिकेट सुनील गावस्कर
नई दिल्ली: मॉडर्न डे क्रिकेट में आज बल्लेबाजों का दबदबा है. हर मैच में यह उम्मीद की जाती है कि फास्टेस्ट फिफ्टी या फिर सेंचुरी का रिकॉर्ड बन जाए. हालांकि हर मैच में ऐसा नहीं होता, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि क्रिकेट में इस तरह के रिकॉर्ड बनते ही नहीं. इसके विपरीत, इस खेल के वनडे फॉर्मेट में एक ऐसा रिकॉर्ड भी है, जिसे आज के क्रिकेटर सपने में भी अपने नाम नहीं करना चाहेंगे.
दरअसल, यह रिकॉर्ड है वनडे क्रिकेट में सबसे धीमी पारी खेलने का. आज जहां बल्लेबाजों के करियर का आकलन उनके स्ट्राइक रेट से किया जाता है, वहीं साल 1975 के वनडे विश्व कप में भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इतनी धीमी पारी खेली थी कि उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 20.68 का रहा. वनडे क्रिकेट के इतिहास में यह अब तक की सबसे सुस्त पारी मानी जाती है.
गावस्कर ने 174 गेंदों में बनाए थे 36 रन
इंग्लैंड के खिलाफ लंदन में सुनील गावस्कर ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 174 गेंदों में सिर्फ 36 रनों की नाबाद पारी खेली थी. इस मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 334 रन बनाए थे. इसके जवाब में भारतीय टीम 3 विकेट पर 132 रन ही बना सकी और इंग्लैंड ने यह मुकाबला 202 रनों से जीत लिया.
अपनी धीमी पारी पर क्या बोले थे गावस्कर?
इसमें कोई शक नहीं कि सुनील गावस्कर को भी अपना यह रिकॉर्ड पसंद नहीं होगा. इसे लेकर कहा जाता है कि गावस्कर ने इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले को एक प्रैक्टिस मैच की तरह खेला था. दरअसल, 1975 में वनडे क्रिकेट नया-नया शुरू हुआ था और तब 60-60 ओवरों का मैच हुआ करता था. खिलाड़ी इस नए फॉर्मेट के अभ्यस्त नहीं थे, इसलिए वे टेस्ट क्रिकेट की मानसिकता के साथ ही मैदान पर उतरते थे. यही वजह थी कि गावस्कर ने उस मैच में इतनी धीमी पारी खेली.
दूसरा कारण यह भी था कि इंग्लैंड के 334 रनों के बड़े स्कोर के सामने भारतीय टीम को लगा कि इस लक्ष्य को हासिल करना मुमकिन नहीं है. ऐसे में गावस्कर ने सोचा कि क्यों न इसे मैच प्रैक्टिस के तौर पर लिया जाए. इसके अलावा, गावस्कर उस समय खराब फॉर्म से भी जूझ रहे थे, जो उनकी इस बेहद धीमी पारी की एक मुख्य वजह बनी.
About the AuthorJitendra Kumar
जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. वर्तमान में वह नेटवर्क 18 समूह के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हैं और हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में अपनी…
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New Delhi,Delhi
First Published :
October 05, 2026, 05:01 IST



