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20 सेकंड में शुगर का खुलासा! खून की जगह, क्‍या स‍िर्फ आवाज से लग सकता है टाइप-2 डायबिटीज का पता?

Last Updated:September 30, 2026, 10:25 IST

क्‍या स‍िर्फ आवाज सुनकर बताया जा सकता है कि क‍िसी शख्‍स को डायबिटीज है या नहीं? इंसानी कानों के ल‍िए भले ही ये बदलाव पकड़ना संभव हो या न हो, लेकिन AI ने ये कमाल कर द‍िया है. ऑस्‍ट्रेल‍िया की आरएमआईटी यूनिवर्सिटी और मॉडल थाइमिया नाम की कंपनी ने म‍िलकर एक AI मॉडल तैयार क‍िया है, जो सिर्फ 20 सेकंड की आवाज रिकॉर्डिंग से टाइप-2 डायबिटीज के संकेत पहचान सकता है. ये स्‍टडी यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज (EASD) के सम्‍मेलन में रखी गई है. क्‍या स‍िर्फ आवाज से लग सकता है टाइप-2 डायबिटीज का पता?Zoom20 सेकंड में शुगर का खुलासा! खून की जगह, क्‍या स‍िर्फ आवाज से लग सकता है टाइप-2 डायबिटीज का पता?

भारत में डायब‍िटीज को लेकर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. लाइफस्‍टाइल से जड़ी ये बीमारी हमारे ब‍िगड़ी खानपान की आदतों की वजह से हो रही है और लाखों लोगों को अपनी चपेट में हर द‍िन ले रही है. डायब‍िटीज (टाइप 2) का मतलब शरीर की वो स्‍थ‍िति है जब इंसुल‍िन हार्मोन का सही तरीके से इस्‍तेमाल नहीं हो पाता और ब्‍लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है. यही वजह है कि डायब‍िटीज की जांच के ल‍िए ब्‍लड टेस्‍ट क‍िया जाता है. अक्‍सर लोगों की डायब‍िटीज जांच के ल‍िए फास्‍ट‍िंग प्‍लाज्‍मा ग्‍लूकोज या रैंडम प्‍लाज्‍मा ग्‍लूकोज जैसे टेस्‍ट क‍िए जाते हैं. लेकिन व‍िज्ञान ने AI की मदद से एक ऐसा तरीका न‍िकाला है कि महज आवाज सुनकर ही पता लगाया जा सकता है कि क्‍या व्‍यक्‍ति को डायबिटीज है या नहीं? वो भी महज 20 सेकंड में. यानी ब‍िना शरीर से ब्‍लड निकाले, स‍िर्फ आवाज सुनकर बताया जा सकता है कि आपको डायबिटीज है या नहीं… है न काम की र‍िसर्च. पर सवाल ये है कि डायब‍िटीज होने पर आखिर हमारी आवाज में ऐसा क्‍या बदलाव आता है कि इससे शुगर की जांच हो सकती है?

ये नई र‍िसर्च ऑस्‍ट्रेल‍िया की आरएमआईटी यूनिवर्सिटी और मॉडल थाइमिया नाम की कंपनी ने म‍िलकर की है. इस स्‍टडी में र‍िसर्चरों ने एक ऐसा AI मॉडल बनाया है जो सिर्फ 20 सेकंड की आवाज रिकॉर्डिंग से टाइप-2 डायबिटीज के संकेत पहचान सकता है. इसे ब्रिटेन और अमेरिका के 21,129 लोगों की 63,000 से ज्‍यादा वॉइस रिकॉर्डिंग पर ट्रेन किया गया है. र‍िसर्चरों का दावा है कि ये मॉडल उन लोगों के लिए बेहद काम का साबित हो सकता है, ज‍िन्‍हें हर कुछ महीनों में अपनी टाइप-2 डायब‍िटीज की स्‍क्रीनिंग करानी पड़ती है. ये जांच का एक और आसान तरीका दे रही है. इस शोध के नतीजे यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज (EASD) के सम्मेलन में पेश किए गए हैं. हालांकि उन्‍होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ये महज एक स्‍कीनिंग टूल है और इससे रेगुलर ब्‍लड टेस्‍ट को रिप्‍लेस नहीं क‍िया जा सकता है.

डायब‍िटीज (टाइप 2) का मतलब शरीर की वो स्‍थ‍िति है जब इंसुल‍िन हार्मोन का सही तरीके से इस्‍तेमाल नहीं हो पाता

क्‍या स‍िर्फ आवाज से पता लग सकता है डायब‍िटीज है या नहीं?

सुनने में ये बात थोड़ी अजीब और अलग सी लगती है. लेकिन शोधकार्ता आवाज में आने वाले बदलावों को बेहद अहम बायोमार्कर मान रहे हैं, जो क‍िसी बीमारी का लक्षण हो सकता है. दरअसल टाइप-2 डायब‍िटीज नसों, मासपेश‍ियों और ब्‍लड वेसल्‍स के समेत शरीर के कई तंत्रों को प्रभावित करती है. इन बदलावों का हमारी आवाज और बोलने के कई पहलुओं पर हल्का असर पड़ सकता है, जैसे आवाज की पिच (ऊंचाई-नीचाई), समय का पैटर्न और आवाज के सुनाई देने में बदलाव जैसी विशेषताएं. पर ये बदलाव इतने महीन या कहें सूक्ष्म होते हैं कि आम इंसान इन्‍हें सीधे कान से सुनकर फर्क नहीं कर पाता. पर AI इन्‍हें पकड़ लेता है. इस मॉडल में एआई आवाज की रिकॉर्डिंग में छिपे पैटर्न का विश्लेषण करता है और उन कॉम्‍ब‍िनेशंस को ढूंढता है, जो टाइप-2 डायबिटीज से जुड़े होते हैं.

इस र‍िसर्च में डॉक्‍टरों ने क्‍या पाया?इस AI मॉडल ने 80% मामलों में उन लोगों की आवाज को पहचाना और डायब‍िटीज के ल‍िए ज्‍यादा जोखिम वाला स्कोर दिया, जिन्होंने खुद बताया था कि उन्हें डायबिटीज है. जब ब्‍लड टेस्‍ट से तुलना करने पर ये मॉडल 75% मामलों में सही साबित हुआ. लगभग 82% मामलों में इसने डायब‍िटीज के प्रति संवेदनशीलता बताई, यानी ज्यादातर डायबिटीज वाले लोगों को पहचान लिया. लेकिन गलत सकारात्मक दर 47% है. यानी इस मॉडल में जांच पर उसने कई ऐसे भी हेल्‍दी लोगों को भी जोखिम वाला बताया जो नहीं थे.

मिलान में यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज (EASD) में इस स्‍टडी को पेश करने वालीं थाइम‍िया की रिसर्च साइंटिस्ट गिएद्रे सेपुकाइटीते कहती हैं, ‘यह अब तक का सबसे बड़ी रियल-वर्ल्ड स्‍टडी है, जिसमें आवाज के जरिए टाइप-2 डायबिटीज की स्क्रीनिंग की गई है. इसमें मॉडल की भविष्यवाणियों को ब्लड टेस्ट के नतीजों और लोगों के खुद बताए गए डायग्नोसिस से भी मिलाया गया है.’ आवाज से स्क्रीनिंग का फायदा डायबिटीज टेस्टिंग में बड़ा फर्क ला सकता है. क्योंकि इस टेस्ट के लिए क्लिनिक जाने की जरूरत नहीं पड़ती. यह लोगों के लिए ब्‍लड टेस्ट से पहले का पहले की स्‍क्रनिंग का जरिया बन सकता है.

About the Authorदीप‍िका शर्मा News Editor

दीपिका शर्मा पिछले 8 सालों से Hindi से जुड़ी हुई हैं. News Editor के पद पर रहते हुए Entertainment सेक्‍शन की टीम को 4 सालों तक लीड किया. उसके बाद Lifestyle, Astrology और Dharma की टीम की…

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September 30, 2026, 10:25 IST

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