दादा की अर्थी उठी ही थी, तभी पोते की मौत की खबर आई, एक घर से उठीं दो पीढ़ियों की अर्थियां

Last Updated:October 05, 2026, 06:38 IST
Sikar Neem Ka Thana Accident: सीकर जिले के नीमकाथाना में एक परिवार पर कुछ ही घंटों में दोहरी त्रासदी टूट पड़ी. आगरी क्षेत्र की ढाणी डूंगरी वाली निवासी 75 वर्षीय पाबूदान की बीमारी के चलते मौत हुई थी. परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तभी करीब एक घंटे बाद उनके 18 वर्षीय पोते महेंद्र सिंह की गणेश्वर के गालव गंगा तीर्थ धाम के कुंड में डूबने से मौत हो गई. महेंद्र अपने ताऊ के बेटे शिक्षक को स्कूल छोड़कर लौटते समय गणेश्वर पहुंचा था. बताया गया कि कुंड की सीढ़ियों पर स्नान करते समय उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया. युवकों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. महेंद्र आईआईटी की तैयारी कर रहा था. दोपहर में दादा-पोते की अर्थियां एक साथ उठीं और एक ही जगह अंतिम संस्कार किया गया. ग्रामीणों ने कुंड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए स्थायी इंतजाम की मांग की है.
सीकर: राजस्थान के सीकर जिला अंतर्गत नीमकाथाना के आगरी क्षेत्र की ढाणी डूंगरी वाली में एक घर में सुबह से मातम पसरा था. 75 वर्षीय पाबूदान की बीमारी के चलते मौत हो गई थी. परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे थे. रिश्तेदार और ग्रामीण घर पहुंच रहे थे. लेकिन परिवार अभी दादा की मौत के दुख से संभल भी नहीं पाया था कि करीब एक घंटे बाद ऐसी खबर आई, जिसने पूरे घर को झकझोर कर रख दिया. परिवार के 18 वर्षीय पोते महेंद्र सिंह की गणेश्वर के गालव गंगा तीर्थ धाम के कुंड में डूबने से मौत हो गई.
कुछ ही घंटों में एक ही परिवार की दो पीढ़ियां दुनिया छोड़ गई. दोपहर में जब घर से दादा और पोते की अर्थियां एक साथ निकली तो गांव का माहौल गमगीन हो गया. दोनों का एक ही स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया. एक तरफ बुजुर्ग पाबूदान की अंतिम विदाई थी, तो दूसरी तरफ परिवार के जवान बेटे महेंद्र की अर्थी. यह दृश्य देखकर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं.
स्कूल छोड़कर लौटते समय पहुंचा था गणेश्वर
आगरी क्षेत्र की ढाणी डूंगरी वाली निवासी महेंद्र सिंह पुत्र गोकुल सिंह सुबह करीब 6.30 बजे बाइक से अपने ताऊ के बेटे को स्कूल छोड़ने निकला था. स्कूल छोड़कर लौटते समय करीब 8 बजे वह गणेश्वर स्थित प्रसिद्ध गालव गंगा तीर्थ धाम पहुंच गया. बताया जा रहा है कि वह कुंड की सीढ़ियों पर बैठकर स्नान कर रहा था. इसी दौरान अचानक पैर फिसल गया और वह कुंड के गहरे पानी में चला गया. हादसे के वक्त कुंड में कोई अन्य व्यक्ति स्नान नहीं कर रहा था. सुबह करीब 8.30 बजे कुछ युवक वहां पहुंचे तो उन्हें कुंड की गहराई में महेंद्र दिखाई दिया. युवकों ने उसे बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी. मौके पर निजी चिकित्सकों को बुलाया गया. उन्होंने युवक को सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे नीमकाथाना जिला अस्पताल ले जाया गया. यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
आईआईटी का तैयारी कर रहा था महेंद्र
महेंद्र सिंह 18 साल का था और आईआईटी की तैयारी कर रहा था. वह नीमकाथाना में कोचिंग करता था. पिता गोकुल सिंह किसान हैं. परिवार को उम्मीद थी कि महेंद्र पढ़-लिखकर अपने सपने पूरे करेगा और घर का नाम रोशन करेगा. लेकिन एक हादसे ने परिवार के इन सपनों को हमेशा के लिए तोड़ दिया. महेंद्र की मां दातार कंवर और पिता गोकुल सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है. घर में जहां कुछ घंटे पहले दादा की मौत का दुख था, वहीं अब जवान बेटे की मौत का सदमा भी जुड़ गया. परिवार के लिए यह ऐसा दिन बन गया, जिसे शायद वे जिंदगीभर नहीं भूल पाएंगे.
ग्रामीण बोले- आखिर कब तक होते रहेंगे हादसे?
महेंद्र की मौत के बाद ग्रामीणों ने गालव कुंड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कुंड की गहराई कम करने के साथ यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए. उनका दावा है कि पिछले करीब 15 वर्षों में बच्चों, कांवड़ियों, श्रद्धालुओं और बारातियों सहित करीब 26 लोगों की कुंड में डूबने से मौत हो चुकी है. ग्रामीणों का कहना है कि हर हादसे के बाद कुछ समय तक चर्चा होती है, लेकिन स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो पाती.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Sikar,Rajasthan
First Published :
October 05, 2026, 06:38 IST



