गूगल मैप्स के जमाने से पहले कैसा था राजस्थान? राजपूताना की रियासतों के वो ऐतिहासिक नक्शे, जो शायद ही देखे होंगे

Last Updated:October 05, 2026, 12:16 IST
Rajasthan History News: आजादी से पहले राजस्थान का स्वरूप आज के राजस्थान से काफी अलग था. उस दौर में यह क्षेत्र कई रियासतों और अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों में बंटा हुआ था. राजपूताना की प्रमुख रियासतों के पुराने नक्शे उस समय की भौगोलिक और राजनीतिक स्थिति की झलक दिखाते हैं. इन ऐतिहासिक मानचित्रों को देखकर समझा जा सकता है कि राजस्थान के एकीकरण से पहले यहां की सीमाएं और क्षेत्रीय संरचना कैसी थी.
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जयपुर: राजस्थान की धरती को वीरों की धरती कहा जाता हैं, जहां एक-एक इंच जमीन के लिए राजा महाराजाओं ने वर्षों तक लड़ाईयां लड़ी, भले ही आज पूरे एकीकृत राजस्थान का क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किलोमीटर हैं और सुव्यवस्थित संभाग, जिले, तहसिले और गांव राजस्थान के नक्शे पर दिखाई देते हैं. लेकिन एक समय जब राजस्थान अलग-अलग रियासतों में बंटा हुआ था तब राजस्थान का कोई नक्शा नहीं था, बल्कि अलग-अलग रियासतों के नक्शे के हिसाब से राजस्थान की रियासतों के राज अपने-अपने भू-भाग पर क्षेत्राधिकार रखते थे.
आज गूगल और गूगल मैप के जमाने में लोगों को राजस्थान की 19 रियासतों के क्षेत्रफल का नक्शा आसानी से देखने को नहीं मिलता लेकिन राजस्थान राज्य अभिलेखागार, बीकानेर की द्वारा आज भी राजस्थान की रियासतों के समय के फरमान, आदेश, बहिया, पट्टटे, प्रतिक चिन्ह जैसे तमाम बहुमूल्य दस्तावेज संभालकर रखें हैं और उनका डिजिटलीकरण कर लिया गया हैं. जिन्हें लोग समय समय पर अभिलेख प्रदर्शनी, कार्यशालाएं, संगोष्ठियां में देखते हैं. ऐसे ही जयपुर में लगातार होनी वाली अभिलेख प्रदर्शनी में राजस्थान के नक्शे और उन रियासतों से जुड़े दस्तावेजों को देखने का मौका मिलता हैं.
19 रियासतों में ये प्रमुख 5 रियासतें का क्षेत्रफल सबसे बड़ालोकल-18 ने हालही में जयपुर में आयोजित हुई अभिलेख प्रदर्शनी में पहुंच कर राजस्थान की रियासतों के नक्शे और और उनसे जुड़े नक्शों को देखा और अधिकारियों से बात की तो उनका कहना हैं. आजादी से पहले राजस्थान की 19 रियासतों और 3 ठिकानों में सबसे बड़ी रियासते क्षेत्रफल और नक्शे के हिसाब से मारवाड़, मेवाड़, जयपुर, कोटा, बीकानेर और अजमेर सबसे बड़ी रियासते हुआ करती थी. जिनके क्षेत्रफल और भू-भाग के नक्शे आज भी राजस्थान राज्य अभिलेखागार के पास हैं, नक्शों के अलावा इन रियासतों के प्रतिक चिन्ह और ध्येय वाक्य जैसे खास दस्तावेज भी मौजूद हैं. जिन्हें समय समय लोगों को अलग-अलग प्रदर्शनियों में देखने को मिलता हैं. राजस्थान के इतिहास और ख़ासतौर पर क्षेत्राधिकार के इतिहास को जानने वाले लोगों के लिए इन रियासतों के ऑरिजन नक्शे खास हैं. जिनसे काफी हद तक क्षेत्रफल के इतिहास का अनुमान लगाया जा सकता हैं.
हर रिरायत के नक्शों वर्षों पहले भी बिल्कुल सुव्यवस्थितलोकल-18 से बात करते हुए राजस्थान राज्य अभिलेखागार, बीकानेर के अधिकारी बताते हैं जिस प्रकार आज हर जिले की सीमाएं एक निश्चित भू-भाग तक बंटी हैं. वैसे रियासत काल के समय हर रियासतों के नक्शों में बिल्कुल स्पष्ट देखा जा सकता हैं. एक रियासत की सीमा दूसरी रियासत के साथ लगी हैं और सभी रियासतों के नक्शों में बिल्कुल हर इलाके को बिल्कुल बारिकी से देखा जा सकता हैं. राजस्थान की इन सभी रियासतों के नक्शे अधिकांश लोगों के लिए ऑरिजनल नहीं बल्कि इंग्लिश में उनका डिजिटलीकरण किया गया हैं, जो लोगों को आसानी से समझ आ सकता हैं. साथ ही इन सभी रियासतों के नक्शों के साथ हर रियासत के प्रतिक चिन्ह जुड़े हैं. जो हर नक्शे में देखने को मिलते हैं. जिन्हें पुराने समय के रियासत काल के दौरान विशेष दस्तावेजों का इन प्रतिक चिन्ह का उपयोग किया जाता था.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
October 05, 2026, 12:16 IST



