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Heart Foods: इन 5 फूड का करें सेवन, हमेशा फौलाद बना रहेगा टनाटन, वैज्ञानिकों से प्रमाणित

Heart Foods: हार्ट हमारे जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं. अन्य अंग न हो तो कुछ मिनट या घंटे तक इंसान जीवित भी रह सकता है लेकिन अगर हार्ट का धड़कना बंद हो जाए तो इंसान एक मिनट तक जिंदा नहीं रह सकता है. कुछ मिनट के अंदर हार्ट अटैक या हार्ट फेल हो जाएगा. इसलिए हार्ट को हेल्दी होना बहुत जरूरी है. हार्ट को मजबूत बनाए रखने के लिए हेल्दी फूड महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. हार्ट की धमनियों में अक्सर ब्लॉकेज होने की आशंका रहती है. इस कारण हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में कुछ फूड ऐसे होते हैं जो इन ब्लॉकेज के जोखिम को कम कर सकता है. वहीं हार्ट के मसल्स में लचीलापन और मजबूती बनी रहे, इसके लिए एंटी-ऑक्सीडेंट्स चीजें बहुत फायदेमंद है. यूं तो हार्ट को सेहतमंद रखने के लिए एक्सरसाइज, तनाव रहित जीवन, पर्याप्त नींद और खुशी भी बहुत जरूरी है लेकिन इन सबमें फूड की भूमिका बहुत बड़ी है. इसलिए यहां वैज्ञानिकों द्वारा प्रमाणित 5 तरह के फूड के बारे में जानकारी दी जा रही है.

फौलादी हार्ट के लिए क्या खाएं

तेल वाली मछलियांः बीबीसी ने वैज्ञानिकों द्वारा प्रमाणित हार्ट फूड की लिस्ट में तेल वाली मछलियों को हार्ट के लिए सबसे उपर रखा है. तेल वाली मछलियों का मतलब जिस तेल को फ्राई करने के दौरान ज्यादा तेल दिखे. इसमें सैल्मन, मैकेरल, सार्डिन या मठिया, देसी में ग्रास कार्ट, विकेट आदि मछलियां ऑयली होती हैं. इनमें ओमेगा 3 फैटी एसिड ज्यादा होता है. ओमेगा 3 फैटी एसिड खून में थक्का जमने से रोकने में मदद करता है. साथ ही यह खून में ट्राइग्लीसराइड को बढ़ने नहीं देता है. इससे खून पतला रहता है और धड़कन संतुलित रखता है. वैज्ञानिकों ने एक सप्ताह में कम से कम दो दिन मछली खाने की सलाह दी है. यदि आपको हार्ट से जुड़ी कोई समस्या है तो आप प्रति सप्ताह चार खुराक तक ये मछली खानी चाहिए. मछली का तेल आपके पेट में जाए इसके लिए इन मछलियों को तलते समय धीमी आंच रखें या बेक कर खाएं. यानी आग में पकाकर. मछली जितनी ताजा रहेगी, उतना इसका सेवन फायदेमंद होगा.

हेल्दी फैटः फैट सेहत के लिए नुकसानदेह है, ऐसे आप अक्सर सुनते होंगे लेकिन जो फैट रिफाइंड नहीं होता, उसकी हमें बहुत जरूरत होती है. मोनोअनसैचुरेटेड फैट और पोलीअनसैचुरेटेड फैट हमारे लिए बहुत फायदेमंद है. इसे फ्रेंडली फैट कहा जाता है. जैसे एवोकाडो, जैतून का तेल, सरसो का तेल, मूंगफली का तेल, बादाम, काजू आदि मोनोअनसैचुरेटेड फैट है. इसी तरह अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीडस्, ऑयली फिश आदि में पोलीअनसैचुरेटेड फैट होता है. ब्लड प्रेशर और ट्राइग्लीसराइड को नियंत्रित रखता है, खून के थक्के जमने से रोकता है. एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून के तेल में पॉलीफेनॉल्स नामक सुरक्षात्मक तत्व मौजूद होता है जो हार्ट को बीमारियों से बचाव के लिए जाने जाते हैं. लेकिन इन फैट को अगर आप तेज आंच पर पकाएंगे तो यह फैट भी खराब हो जाएगा. समस्या यहीं हो जाती है. जब अच्छे फैट को हम बहुत तेज आंच पर पकाते हैं तो यह ट्रांस फैट में बदल जाता है जो हार्ट के लिए ठीक नहीं है.

फल और सब्जियांः फल और सब्जियां ऑवरऑल सेहत के लिए बेस्ट है. यह वैज्ञानिकों द्वारा प्रमाणित है कि यदि आप अपनी थाली का आधा हिस्सा फल और सब्जियों से भरते हैं तो हमेशा तंदुरुस्त बने रहते हैं. हार्ट भी मजबूत रहता है. रिसर्च के मुताबिक कम से कम 200 ग्राम अतिरिक्त फल और सब्जियां रोज खा लेंगे तो इश्चेमिक स्ट्रोक यानी खून की सप्लाई रुकने से होने वाली हार्ट की बीमारी से बच सकते हैं. फल और सब्जियां इश्चेमिक हार्ट डिजीज के जोखिम को एक तिहाई कम कर देती है. फल और सब्जियों में पोटैशियम की मात्रा भरपूर होती हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती हैं. इन चीजों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट धमनियों को नुकसान से बचाते हैं. डॉक्टर कहते हैं कि अपने खान-पान में कम से कम रोज 5 कलरफुल फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए. जैसे-लाल पत्तागोभी, बैंगन, टमाटर, जामुन, बेरीज, तरबूज और हरी पत्तेदार सब्जियां. लहसुन भी हार्ट के लिए फायदेमंद है. कच्चा लहसुन खाने से हार्ट मजबूत होता है. इसके साथ ही लाल प्याज क्वेरसिटिन से भरपूर होता है, जो ब्लड वैसल्स के नुकसान को ठीक करने और ब्लड सर्कुलेशन को सुधारने में मदद करता है.

हर्ब्स वाले मसाले: कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है भारतीय हर्ब्स वाले मसाले हार्ट के लिए बहुत फायदेमंद है. अदरक, लहसुन के अलावा दालचीनी, ऑरिगेनो, मिर्च, हल्दी धमनियों में इंफ्लामेशन होने से बचाता है जिससे हार्ट डिजीज का जोखिम बहुत कम हो जाता है. आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल हार्ट की सेहत को ठीक करने के लिए किया जाता है.धनिया कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखता है. वहीं कई तरह के सीड्स हार्ट के लिए औषधि से कम नहीं है. कद्दू के बीज में एक साथ मैग्नीशियम, पौटेशियम और जिंक मिल जाएंगे जो हार्ट के लिए बहुत जरूरी है.

फाइबर: फाइबर का सेवन हार्ट के लिए बहुत जरूरी है. साबुत अनाज जैसे कि ओट्स, क्विनोआ, ब्राउन राइस, दालें, काबुली चने और सब्जियां ये सभी फाइबर से भरपूर होते हैं. खास तौर पर इनमें मिलने वाला सॉल्यूबल फाइबर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है. फाइबर पाचन को धीमा करता है और ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर रखता है. अध्ययनों से पता चलता है कि डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाने से हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाता है और इससे असमय मौत का जोखिम काफी कम हो जाता है.

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