Brazil Election 2026 Lula Vs Flavio: ब्राजील चुनाव में बड़ा उलटफेर, लूला को पछाड़ आगे निकले बोल्सोनारो के बेटे, ट्रंप के करीबी की फिर होगी वापसी?

Brazil Presidential Election 2026: ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में मुकाबला अब सीधे दो चेहरों के बीच सिमट गया है. मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो 25 अक्टूबर को आमने-सामने होंगे. पहले दौर में किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट नहीं मिले, इसलिए अब दूसरे दौर का चुनाव ब्राजील के अगले राष्ट्रपति का फैसला करेगा. करीब 97 प्रतिशत मतों की गिनती के दौरान दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो 47.45 प्रतिशत वोट के साथ आगे रहे, जबकि लूला को 44.66 प्रतिशत वोट मिले.
यानी ब्राजील की राजनीति में अब मुकाबला सिर्फ दो नेताओं का नहीं रह गया है. एक तरफ 80 साल के लूला हैं, जो चौथी बार राष्ट्रपति पद पाने की दौड़ में हैं. दूसरी तरफ 45 साल के फ्लावियो बोल्सोनारो हैं, जो अपने पिता जायर बोल्सोनारो की दक्षिणपंथी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.
ब्राजील में चुनाव कैसे होता है?
ब्राजील में राष्ट्रपति का चुनाव दो दौर की प्रणाली से होता है. पहले दौर में कई उम्मीदवार मैदान में उतर सकते हैं और अगर किसी उम्मीदवार को कुल वैध वोटों का 50 प्रतिशत से ज्यादा मिल जाता है, तो वह सीधे राष्ट्रपति बन जाता है. अगर किसी को बहुमत नहीं मिलता, तो सबसे ज्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवारों के बीच दूसरे दौर का चुनाव होता है. दूसरे दौर में जो उम्मीदवार सबसे ज्यादा वोट हासिल करता है, वही राष्ट्रपति बनता है. ब्राजील में राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल का होता है.
पहले दौर में क्या हुआ?
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे. लेकिन वोटों की गिनती के बाद तस्वीर साफ हो गई कि मुकाबला लूला और फ्लावियो के बीच होगा. फ्लावियो ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया. कई सर्वे में उनके प्रदर्शन को लेकर जितना अनुमान लगाया गया था, उन्होंने उससे ज्यादा वोट हासिल किए. दूसरी ओर लूला को महंगाई, घरेलू कर्ज, अपराध और टैक्स से जुड़ी चिंताओं के बीच मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में मुश्किल हुई.
अब दोनों नेता 25 अक्टूबर को होने वाले दूसरे दौर में उतरेंगे. इस चुनाव में पहले दौर में दूसरे उम्मीदवारों को वोट देने वाले मतदाता बेहद अहम होंगे. यही वोट तय कर सकते हैं कि ब्राजील में बोल्सोनारो परिवार की राजनीति वापस सत्ता में आती है या लूला एक और कार्यकाल हासिल करते हैं.
फ्लावियो बोल्सोनारो कौन हैं?
फ्लावियो नांतेस बोल्सोनारो का जन्म 30 अप्रैल 1981 को रेसेंडे, रियो डी जेनेरियो में हुआ था. वह पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं. 45 साल के फ्लावियो ब्राजील की राजनीति में करीब दो दशक से सक्रिय हैं. वह सुरक्षा, पुलिस और अपराध से जुड़ी नीतियों को अपनी राजनीति का प्रमुख हिस्सा बनाते रहे हैं. ब्राजील की सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट यानी TSE के अनुसार, फ्लावियो ने यूनिवर्सिदादे कैंडिडो मेंडेस से कानून की पढ़ाई की है. राजनीति में आने से पहले उन्होंने वकील के तौर पर भी काम किया. उनका राजनीतिक सफर रियो डी जेनेरियो की राज्य विधानसभा से शुरू हुआ. 2002 में वह पहली बार राज्य डिप्टी चुने गए और लगातार चार कार्यकाल तक इस पद पर रहे. 2018 में वह सीनेट के लिए चुने गए और 2019 में सीनेटर के तौर पर काम शुरू किया.
पिता की राजनीतिक विरासत संभाले की तैयारी
फ्लावियो की राजनीति को उनके पिता जायर बोल्सोनारो से अलग करके देखना मुश्किल है. जायर बोल्सोनारो 2019 से 2022 तक ब्राजील के राष्ट्रपति रहे और देश की दक्षिणपंथी राजनीति के सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल हुए. फ्लावियो को उनके पिता ने राष्ट्रपति पद की दौड़ के लिए चुना. जुलाई 2026 में उन्हें लिबरल पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया और अल्फ्रेडो गैस्पर को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर चुना गया. फ्लावियो बोल्सोनारो की शादी फर्नांडा बोल्सोनारो से हुई है, जो डेंटिस्ट हैं. 2026 के चुनाव अभियान में फर्नांडा भी सक्रिय नजर आईं. अभियान में महिला मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए उनकी भूमिका बढ़ाई गई और उन्हें कैंपेन वीडियो तथा महिलाओं की सेहत से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल किया गया.
विवादों से भी रहा है नाता
फ्लावियो के राजनीतिक करियर में विवाद भी रहे हैं. सबसे चर्चित मामलों में से एक ‘राचादिन्हा’ जांच थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि विधायी कर्मचारियों के वेतन का एक हिस्सा कथित तौर पर राजनेताओं को वापस किया जाता था. फ्लावियो ने किसी गलत काम से इनकार किया. बाद में अदालत के फैसलों के कारण मामले में इस्तेमाल कुछ सबूत अमान्य हो गए और 2022 में शिकायत को बंद कर दिया गया.
ट्रंप से क्या कनेक्शन है?
ब्राजील चुनाव का एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय पहलू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी जुड़ रहा है. ट्रंप ने औपचारिक रूप से किसी उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया है, लेकिन उन्होंने फ्लावियो बोल्सोनारो की मेजबानी व्हाइट हाउस में की और सार्वजनिक रूप से उनकी तारीफ भी की. लैटिन अमेरिका में हाल के चुनावों में ट्रंप के साथ विचारधारा के स्तर पर नजदीकी रखने वाले दक्षिणपंथी नेताओं का प्रदर्शन चर्चा में रहा है. ऐसे में फ्लावियो की जीत को क्षेत्र में दक्षिणपंथी राजनीति के लिए एक और बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा सकता है. इसके अलावा फ्लावियो के पिता को जेल में बंद किए जाने की आलोचना भी की थी.



