Ajmer News: श्राद्ध की तिथि छूट गई तो चिंता नहीं, सर्वपितृ अमावस्या पर पुष्कर में कर सकेंगे पिंडदान

Last Updated:October 06, 2026, 12:05 IST
Sarvapitra Amavasya At Pushkar: सर्वपितृ अमावस्या पर 10 अक्टूबर को पुष्कर में देशभर से श्रद्धालु पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण करने पहुंचेंगे. इस दिन निर्धारित तिथि पर श्राद्ध न कर पाने वाले लोग भी सप्त कुल के पितरों का स्मरण कर पूजा-अर्चना और तर्पण कर सकेंगे.
अजमेर. पितरों को समर्पित श्राद्ध पक्ष का समापन सर्वपितृ अमावस्या के साथ होता है, इस दिन पुष्कर में देशभर से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त पिंडदान और तर्पण करने पहुंचते हैं. मान्यता है कि जिन परिजनों का श्राद्ध उनकी निर्धारित तिथि पर नहीं हो पाता या किसी कारणवश परिवारजन पुष्कर नहीं पहुंच पाते, वे सर्वपितृ अमावस्या के दिन अपने पितरों का श्राद्ध कर सकते हैं. इस दिन सात पीढ़ियों यानी सप्त कुल के पितरों को स्मरण कर पूजा-अर्चना, तर्पण और पिंडदान किया जाता है. माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, सास-ससुर सहित परिवार के दिवंगत सदस्यों के निमित्त धार्मिक कर्म किए जाते हैं. पुष्कर में इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है और प्रशासन की ओर से भी श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर व्यवस्थाएं की जाती हैं.
पुष्कर के पुरोहित जयंत राजगुरु ने बताया कि पूरे साल में श्राद्ध पक्ष के 15 दिन पितरों को समर्पित माने जाते हैं. परिवार के दिवंगत सदस्य की जिस तिथि को मृत्यु हुई होती है, उसी तिथि पर श्राद्ध करने की परंपरा है. श्रद्धालु निर्धारित तिथि पर पुष्कर पहुंचकर पिंडदान और तर्पण करते हैं. वहीं अगर किसी कारण से निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं हो पाने पर सर्वपितृ अमावस्या को पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान करने का विशेष महत्व बताया गया है.
सप्त कुल के पितरों का किया जाता है स्मरणपुरोहित जयंत आगे बताते है कि सर्वपितृ अमावस्या पर श्रद्धालु अपने परिवार की कई पीढ़ियों के दिवंगत सदस्यों को याद करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, सास-ससुर और भाई-बहन सहित अपने दिवंगत परिजनों के निमित्त पिंडदान और तर्पण किया जाता है. श्रद्धालु पवित्र पुष्कर सरोवर के तट पर विधि-विधान से पूजा कर अपने पितरों की आत्मा की शांति और मुक्ति की कामना करते हैं. इस बार 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या मनाई जाएगी.
प्रशासन की ओर से की जाती विशेष व्यवस्थाएंपुरोहित आगे बताते है कि सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर पुष्कर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है और इस दिन प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की जाती हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग स्थानों पर चप्पल-जूते रखने की व्यवस्था की जाती है और कर्मचारियों की तैनाती भी रहती है. धार्मिक अनुष्ठान के लिए आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो इसे लेकर व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Ajmer,Rajasthan
First Published :
October 06, 2026, 12:05 IST



