खाजूवाला किसान आंदोलन के बीच CM हाउस में बड़ी बैठक, 25 दिन बाद पानी की मांग पर क्या निकला हल?

Last Updated:October 06, 2026, 21:52 IST
Bikaner CM Bhajanlal Meeting: बीकानेर के खाजूवाला में सिंचाई पानी की मांग को लेकर 25 दिन से जारी किसान आंदोलन पर सीएम हाउस में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई. बैठक में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद रहे. इसके अलावा विधायक ताराचंद सारस्वत, विधायक अंशुमान सिंह भाटी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी विश्नोई और भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की.
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खाजूवाला सिंचाई पानी विवाद: सीएम हाउस में हुई अहम बैठक, एसीएस को सौंपी
बीकानेर. बीकानेर के खाजूवाला इलाके में सिंचाई पानी को लेकर पिछले करीब 25 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन के बीच अब जयपुर से बड़ी हलचल सामने आई है. किसानों की मांग और इलाके में पानी की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जयपुर स्थित CM हाउस में अहम बैठक हुई. बैठक में खाजूवाला के विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल समेत क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
बैठक में किसानों की सिंचाई पानी से जुड़ी मांग को प्रमुखता से रखा गया. किसानों की मुख्य मांग चार में से दो समूहों में पानी देने और छह महीने का रेगुलेशन लागू करने की है. इस मांग को लेकर इलाके के किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. सितंबर में भी खाजूवाला क्षेत्र के किसान सिंचाई पानी के बंटवारे को लेकर आंदोलन तेज करने और 58 प्रतिशत पानी की मांग उठा चुके हैं.
CM हाउस में किसानों के मुद्दे पर चर्चामुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ हुई बैठक में खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने किसानों की परेशानी सामने रखी. क्षेत्र में सिंचाई पानी को लेकर चल रहे आंदोलन और किसानों की मांग पर बातचीत हुई. बैठक में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद रहे. इसके अलावा विधायक ताराचंद सारस्वत, विधायक अंशुमान सिंह भाटी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी विश्नोई और भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की. बैठक में सिर्फ मांग रखने तक बात नहीं रही, बल्कि समस्या के समाधान को लेकर जिम्मेदारी भी तय की गई. जानकारी के मुताबिक सिंचाई पानी की समस्या के समाधान की जिम्मेदारी अतिरिक्त मुख्य सचिव यानी ACS शिखर अग्रवाल को दी गई है.
25 दिन से आंदोलन, अब समाधान की उम्मीदखाजूवाला में सिंचाई पानी का मुद्दा अचानक सामने नहीं आया है. किसान लंबे समय से पानी के बंटवारे और रेगुलेशन को लेकर अपनी मांग उठा रहे हैं. पिछले दिनों किसान संगठनों ने सरकार और सिंचाई विभाग के खिलाफ आंदोलन तेज करने की बात कही थी. किसानों का कहना है कि पर्याप्त पानी नहीं मिलने से खेती पर सीधा असर पड़ता है. सितंबर में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक किसानों ने 58 प्रतिशत सिंचाई पानी की मांग को लेकर 21 सितंबर को घड़साना में बड़े आंदोलन और शक्ति प्रदर्शन का ऐलान भी किया था. अब 25 दिनों से जारी आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री स्तर पर बैठक होने से किसानों को समाधान की उम्मीद जगी है. हालांकि अंतिम फैसला क्या होगा, यह आगे की बातचीत और सरकार की ओर से लिए जाने वाले निर्णय पर निर्भर करेगा.
चार में से दो समूहों में पानी की मांगकिसानों की सबसे अहम मांग चार में से दो समूहों में पानी देने की है. इसके साथ ही छह महीने का रेगुलेशन लागू करने की मांग भी रखी गई है. किसानों का तर्क है कि पानी की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे सिंचाई का काम ठीक तरीके से चल सके और फसलों को जरूरत के समय पानी मिल पाए. इसी को लेकर आंदोलन चल रहा है और किसान लगातार अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहे हैं. खाजूवाला इलाके में सिंचाई पानी का सवाल किसानों के लिए सीधे खेती और आमदनी से जुड़ा हुआ है. इसलिए इस मामले में सरकार और किसानों के बीच बातचीत काफी अहम मानी जा रही है.
सरकार के लिए भी अहम मुद्दा
राजस्थान सरकार पहले से ही अलग-अलग इलाकों में पानी और सिंचाई से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर काम का दावा कर रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल में जल परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने और पानी से जुड़ी समस्याओं के समय पर समाधान के निर्देश दिए थे. ऐसे में खाजूवाला का स्थानीय आंदोलन अब मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच गया है. बैठक में ACS शिखर अग्रवाल को जिम्मेदारी दिए जाने के बाद किसानों की नजर अब आगे होने वाली कार्रवाई पर रहेगी.About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Bikaner,Bikaner,Rajasthan
First Published :
October 06, 2026, 21:52 IST



