Rajasthan

धौलपुर में सबसे पहले होती है सुबह, जानें वजह

Last Updated:October 07, 2026, 08:19 IST

First Sunrise in Rajasthan: राजस्थान में सबसे पहले सूर्योदय धौलपुर के राजाखेड़ा स्थित सिलावट गांव में होता है. इसे राजस्थान की ‘सनराइज सिटी’ कहा जाता है. पृथ्वी के पश्चिम से पूर्व की ओर घूमने और धौलपुर की पूर्वी देशांतरीय स्थिति के कारण ऐसा होता है. धौलपुर और पश्चिमी छोर जैसलमेर के बीच 869 किमी की दूरी है, जिससे दोनों के सूर्योदय में 35 मिनट का अंतर आता है.

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धौलपुर: राजस्थान अपने गौरवशाली इतिहास और अनूठे भूगोल के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. यहां का सबसे पूर्वी छोर धौलपुर अपनी एक बेहद खास पहचान रखता है. जब सुबह की पहली किरण धरती को रोशन करती है, तो मरुधरा में इसकी शुरुआत सबसे पहले धौलपुर से ही होती है. अपनी इसी विशेषता के चलते यह जिला पूरे राज्य में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

राजस्थान के सबसे पूर्वी छोर पर स्थित धौलपुर जिले के राजाखेड़ा उपखंड का सिलावट गांव सूर्योदय के लिए एक विशेष पहचान रखता है. यहां राज्य के दूसरे पश्चिमी और मध्य जिलों की तुलना में सूरज की किरणें सबसे पहले पहुंचती हैं. इसी अनूठी वजह से धौलपुर को राजस्थान की ‘सनराइज सिटी’ (Sunrise City) के नाम से भी जाना जाता है. राज्य में सबसे पहले रोशनी इसी जिले से प्रवेश करती है.

अरुणाचल प्रदेश के डोंग गांव जैसी है स्थितिभारत के संदर्भ में बात करें तो देश में सबसे पहले सूर्योदय अरुणाचल प्रदेश के डोंग गांव में होता है. वहां भी इसी भौगोलिक सिद्धांत के कारण दिन सबसे पहले निकलता है और पूर्वोत्तर भारत सूरज का स्वागत करता है. ठीक इसी तर्ज पर, अगर हम सिर्फ राजस्थान के परिदृश्य को देखें, तो धौलपुर वह स्थान है जो सूर्य देव के सबसे पहले दर्शन करता है.

पृथ्वी का घूर्णन और भौगोलिक स्थिति है मुख्य कारणभूगोल के विशेषज्ञों और व्याख्याता गौरव पाराशर के अनुसार, धौलपुर में सूर्योदय सबसे पहले होने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं. पहला कारण पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना है और दूसरा कारण धौलपुर की भौगोलिक स्थिति है, जो देशांतर रेखाओं (Longitudes) से तय होती है. हम जानते हैं कि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर लगातार घूमती है. जब पृथ्वी का कोई हिस्सा घूमकर सूर्य के ठीक सामने आता है, तो वहां दिन की शुरुआत होती है. धौलपुर राज्य के सबसे पूर्वी हिस्से में स्थित है, इसलिए पृथ्वी के घूमने के दौरान यह इलाका सूर्य के सामने सबसे पहले आता है.

जैसलमेर और धौलपुर के समय में 35 मिनट का अंतरराजस्थान का देशांतरीय विस्तार पश्चिम में जैसलमेर के कटरा गांव से लेकर पूर्व में धौलपुर के सिलाना (या सिलावट) गांव तक माना जाता है. इन दोनों स्थानों के बीच की कुल भौगोलिक दूरी लगभग 869 किलोमीटर है. देशांतर रेखाओं के हिसाब से एक डिग्री घूमने में पृथ्वी को 4 मिनट का समय लगता है. इसी देशांतरीय विस्तार के अंतर के कारण धौलपुर में सूर्योदय जैसलमेर की तुलना में करीब 35 मिनट पहले हो जाता है. जैसे-जैसे धरती घूमती है, पूर्व से पश्चिम की ओर स्थित अन्य जिलों में धीरे-धीरे सूर्योदय होता है और अंत में जैसलमेर में सुबह होती है.

सूर्यास्त के समय भी दिखता है यही भौगोलिक असरजो वैज्ञानिक स्थिति सूर्योदय के समय लागू होती है, ठीक वही स्थिति सूर्यास्त के समय भी देखने को मिलती है. चूंकि धौलपुर में सूर्य सबसे पहले उदय होता है, इसलिए यहां शाम के समय सूरज सबसे पहले अस्त भी होता है. वहीं, पश्चिमी राजस्थान के सीमांत इलाकों में कुछ समय बाद सूर्यास्त होता है. पृथ्वी का घूर्णन और धौलपुर की पूर्वी भौगोलिक स्थिति मिलकर इसे राजस्थान में सूर्योदय और सूर्यास्त के मामले में एक खास पहचान देते हैं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Dhaulpur,Dhaulpur,Rajasthan

First Published :

October 07, 2026, 08:18 IST

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