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दिलीप कुमार की फिल्म देख रह नहीं पाए राजकुमार, रात डेढ़ बजे पहुंच गए थे एक्टर के घर, मिलकर कही ये बात

Last Updated:October 07, 2026, 21:03 IST

बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसे किस्से हैं, जिन्हें सुनकर पुराने दौर के दिग्गजों की यादें ताजा हो जाती है. ऐसा ही एक किस्सा दिग्गज अभिनेता राज कुमार और दिलीप कुमार से जुड़ा है. राज कुमार ने जब दिलीप कुमार की फिल्म ‘गंगा जमुना’ देखी, तो उनकी एक्टिगं उन्हें इतनी पसंद आई कि वह रात करीब डेढ़ बजे सीधे दिलीप कुमार के घर पहुंच गए. इसके बाद उन्होंने दिलीप कुमार से जो कहा, वो आज भी दोनों दिग्गज कलाकारों के बीच सम्मान और शानदार अभिनय की कहानी बयां करता है.

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दिलीप कुमार की फिल्म देख रह नहीं पाए राजकुमार, रात डेढ़ बजे पहुंच गए घर  Zoomराजकुमार ने की थी दिलीप कुमार की तारीफ

नई दिल्ली. दिग्गज अभिनेता राज कुमार अपनी दमदार आवाज और खास अंदाज में डायलॉग बोलने के लिए जाने जाते थे. पर्दे पर उनकी मौजूदगी ऐसी होती थी कि दर्शकों की नजरें अपने आप उन पर टिक जाती थीं. राज कुमार अपने पसंदीदा कलाकारों की तारीफ करने में भी कभी पीछे नहीं रहते थे. ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार से जुड़ा है.

इस किस्से का जिक्र अभिनेता रजा मुराद ने एक इंटरव्यू में किया था. उन्होंने बताया था कि राज कुमार, दिलीप कुमार की एक्टिंग के बहुत बड़े फैन थे. एक बार उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म ‘गंगा जमुना’ थिएटर में देखी. फिल्म में दिलीप कुमार का अभिनय उन्हें इतना पसंद आया कि वह रात करीब डेढ़ बजे उनकी तारीफ करने सीधे उनके घर पहुंच गए.

राजकुमार की बात सुन चौंक गए थे दिलीप कुमार

रजा मुराद अपने इंटरव्यू में बताया था कि राज कुमार ने दिलीप कुमार को बुलाया और उनसे कहा, ‘जानी युसूफ खान, तुम्हारी फिल्म ‘गंगा जमुना’ देखकर आ रहा हूं. आज हमें मालूम हुआ कि इस मुल्क में सिर्फ दो ही एक्टर हैं, राज कुमार और दिलीप कुमार. अपनी बात कहने के बाद राज कुमार वहां से चले गए. रात के वक्त इस तरह अचानक घर पहुंचकर फिल्म की तारीफ करने की इस घटना से दिलीप कुमार भी हैरान रह गए थे.

‘गंगा जमुना’ की कहानी ने जीता था दिल

दिलीप कुमार की फिल्म ‘गंगा जमुना’ साल 1961 में रिलीज हुई थी. फिल्म में उन्होंने गंगा का किरदार निभाया था, जबकि उनके छोटे भाई जमुना का रोल नासिर खान ने निभाया था. फिल्म की कहानी दो भाइयों के इर्द-गिर्द घूमती है. दोनों का पालन-पोषण उनकी गरीब विधवा मां करती है. बड़ा भाई गंगा अपने छोटे भाई जमुना को पढ़ाने के लिए खेतों में मेहनत करता है और हर मुश्किल का सामना करता है. वहीं, जमुना पढ़-लिखकर बड़ा होकर पुलिस अधिकारी बन जाता है. दूसरी तरफ गंगा हालात और व्यवस्था के अन्याय का शिकार होकर डाकू बनने पर मजबूर हो जाता है. इसके बाद कहानी दोनों भाइयों के बीच टकराव पर आ जाती है. एक तरफ जमुना के लिए कानून और कर्तव्य है, तो दूसरी तरफ गंगा के लिए भाई का प्यार. फिल्म में रिश्तों, मजबूरी और संघर्ष को बेहद असरदार तरीके से दिखाया गया था.

‘सौदागर’ में फिर साथ नजर आए दोनों दिग्गज

दिलीप कुमार और राज कुमार की जोड़ी बाद में फिल्म ‘सौदागर’ में भी देखने को मिली. यह फिल्म साल 1991 में रिलीज हुई थी. दोनों दिग्गज कलाकारों को एक साथ पर्दे पर देखना दर्शकों के लिए किसी खास मौके से कम नहीं था. दोनों की अपनी अलग पहचान और स्क्रीन पर्सनैलिटी थी. दिलीप कुमार जहां अपने गंभीर और सहज अभिनय के लिए मशहूर थे, वहीं राज कुमार अपनी दमदार आवाज और अनोखे डायलॉग बोलने के अंदाज से अलग पहचान रखते थे. ‘सौदागर’ में दोनों की मौजूदगी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार कमाई की.

About the AuthorMunish KumarSenior sub editor

न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…

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New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

October 07, 2026, 21:03 IST

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