मिट्टी से मां दुर्गा के सुंदर स्वरूप गढ़ रहे कलाकार, 2 से 6 फीट तक की प्रतिमाएं, नवरात्रि से पहले बढ़ी हलचल

Last Updated:October 10, 2026, 14:57 IST
Bikaner Navratri 2026: बीकानेर में नवरात्रि पर्व की तैयारियां तेज हो गई हैं. पुगल रोड के किनारे बालोतरा से आए कलाकार मिट्टी से मां दुर्गा की प्रतिमाएं तैयार करने में जुटे हैं. कलाकार नारायण के अनुसार, वे परिवार के साथ कई वर्षों से यहां प्रतिमाएं बना रहे हैं. दो से छह फीट तक की इन मूर्तियों की कीमत 3 से 8 हजार रुपये है. शेर पर सवार मां दुर्गा की प्रतिमाओं की मांग अधिक रहती है.
ख़बरें फटाफट
मिट्टी से मां दुर्गा के सुंदर स्वरूप गढ़ रहे कलाकार, 2 से 6 फीट तक की प्रतिमाएं
बीकानेर: शारदीय नवरात्रि का पर्व हर जगह कल मनाया जा रहा है, ऐसे में शहर में उत्साह और भक्ति का माहौल पूरी तरह से दिखा रहा है. इस अवसर को और अधिक दिव्य बनाने के लिए दूर-दूर से आए कलाकार अपनी कला के माध्यम से मां दुर्गा के स्वरूपों को जीवंत करने में दिन-रात जुटे हुए हैं. शहर की पुगल रोड के किनारे इन दिनों एक मनमोहक दृश्य देखने को मिल रहा है, जहां मिट्टी की सोंधी खुशबू के बीच माता की भव्य प्रतिमाएं आकार ले रही हैं.
बालोतरा से आए ये हुनरमंद कलाकार पिछले कई हफ्तों से तन्मयता के साथ इन मूर्तियों को गढ़ने, संवारने और उन्हें आकर्षक रंगों से सजाने में व्यस्त हैं. नवरात्रि के इन नौ दिनों में शहर के विभिन्न पूजा पंडालों और घर-घर में मां दुर्गा की स्थापना की जाती है, जिसके लिए इन कलाकारों की तैयार की गई मूर्तियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.
कड़ी मेहनत और कला के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाते बीकानेर की पुगल रोड के किनारे इन दिनों बाड़मेर जिले के बालोतरा से आए कलाकारों का डेरा लगा हुआ है. ये मूर्तिकार पीढ़ियों से इस पारंपरिक कला से जुड़े हैं, कलाकारी के लिए जाने जाते हैं. कलाकार नारायण ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे पिछले कई सालों से अपने पूरे परिवार के साथ बीकानेर आते हैं और नवरात्रि के सीजन में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का सृजन करते हैं. खुले आसमान के नीचे सड़क किनारे बिताए जाने वाले ये दिन उनकी कड़ी मेहनत के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाते हैं.
अलग-अलग रूपों में तैयार हो रही हैं मूर्तियांइन कलाकारों द्वारा तैयार की जा रही मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विविधता देखते ही बनती है. यहां 2 फीट से लेकर 6 फीट तक की ऊंचाई वाली सुंदर मूर्तियां बनाई जा रही हैं. इनमें सबसे अधिक मांग महिषासुर मर्दिनी और मां दुर्गा के शेर पर सवार स्वरूपों की है, जिन्हें भक्त श्रद्धा के साथ खरीदते हैं. इन कलाकृतियों को बनाने में चाक-चिक्र से लेकर बांस, पुआल और चिकनी मिट्टी का बारीक इस्तेमाल किया जाता है, जिससे मूर्तियों को मजबूती और सुंदरता दोनों मिलती हैं.
भक्तों का मिल रहा है स्नेहकलाकारों की इस मेहनत का फल उन्हें उचित मूल्य के रूप में मिल रहा है. इन मूर्तियों की कीमत आकार के अनुसार 3 हजार से लेकर 8 हजार रुपए तक तय की गई है. शहर के लोग इन कलाकारों की कड़ी मेहनत को सराहते हुए पंडालों और घरों में स्थापना के लिए इन्हें खरीद रहे हैं. सुंदर रंगों से सजी मां की इन मूर्तियों को भक्त पसंद कर रहे हैं, जिससे इस बार कलाकारों की आमदनी भी अच्छी हो रही है और उनका यह व्यवसाय आर्थिक रूप से भी काफी अच्छा चल रहा है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
और पढ़ेंLocation :
Bikaner,Rajasthan
First Published :
October 10, 2026, 14:57 IST



