Rajasthan

Tips And Tricks: बरसात के बाद आम के बगीचों में कर दें ये काम, अगले साल होगी अच्छी पैदावार

होमताजा खबरकृषि

बरसात के बाद आम के बगीचों में कर दें ये काम, अगले साल होगी अच्छी पैदावार

Last Updated:October 10, 2026, 17:05 IST

नागौर में बरसात खत्म होने के बाद किसानों को आम के बगीचों की देखभाल करने की सलाह दी गई है. इस दौरान पेड़ों की छंटाई, जल निकासी, खाद-पानी प्रबंधन और फफूंद से बचाव के लिए जरूरी उपाय करने से अगले सीजन में

ख़बरें फटाफट

Amazon Prime DayTop Deals Inside

नागौर. बरसात खत्म होने और आम की फसल की तुड़ाई के बाद बगीचों की देखभाल करना बेहद जरूरी है. इस समय पेड़ों को उचित खाद-पानी देने, बीमारियों से बचाने और सूखी व कमजोर शाखाओं की छंटाई करने से पेड़ों की बढ़वार बेहतर होती है. बारिश के बाद बगीचे में किए जाने वाले जरूरी कामों का असर अगले मौसम में फूल आने और फल बनने पर भी पड़ता है. ऐसे में किसान समय रहते आम के पेड़ों की देखभाल कर आगामी सीजन में अच्छी पैदावार की तैयारी कर सकते हैं.

बरसात के बाद आम के पेड़ों के तनों में नमी रहने से फफूंद और अन्य रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में पेड़ों के तनों की नियमित जांच करें. छाल पर किसी तरह के धब्बे, सड़न या असामान्य बदलाव दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें. जरूरत के अनुसार तनों पर सुरक्षात्मक लेप का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए बुझा हुआ चूना या कॉपर सल्फेट युक्त घोल का प्रयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें और निर्धारित मात्रा का ध्यान रखें. गलत मात्रा में रसायन का इस्तेमाल पेड़ों की छाल को नुकसान पहुंचा सकता है. लेप लगाते समय इसे पत्तियों और जड़ों पर गिरने से बचाएं.

बगीचे में पानी जमा नहीं होने देंबारिश के बाद आम के बगीचे में जल निकासी की उचित व्यवस्था करना जरूरी है. खेत में पानी जमा रहने से पेड़ों की जड़ों में सड़न और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. इसके लिए खेत में पानी निकलने का रास्ता साफ रखें और जरूरत के अनुसार निकासी की व्यवस्था करें. सिंचाई करते समय मिट्टी में नमी, पेड़ों की उम्र और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखें. बिना जरूरत ज्यादा पानी देने से बचें.

मिट्टी की जांच के बाद ही डालें खादगार्डनिंग एक्सपर्ट हेमलता ने बताया कि आम के पेड़ों को स्वस्थ रखने और उनकी बढ़वार बेहतर बनाने के लिए संतुलित पोषण जरूरी है. किसान बगीचे की मिट्टी की जांच करवाकर जरूरत के अनुसार खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल करें. अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट डालने से मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलती है. मिट्टी की जांच में जिंक, बोरॉन, मैग्नीशियम या पोटाश की कमी मिलने पर कृषि विशेषज्ञ की सलाह से इनका उपयोग करें. खाद डालने के बाद उसे मिट्टी से ढक दें और जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करें.

सूखी और कमजोर शाखाओं की करें छंटाईबरसात के बाद आम के पेड़ों की शाखाओं की अच्छी तरह जांच करें. सूखी, टूटी, रोगग्रस्त और आपस में टकराने वाली शाखाओं को उचित तरीके से काटकर हटा दें. जमीन की ओर झुकी शाखाओं को भी जरूरत के अनुसार छांटें. इससे पेड़ों के भीतर हवा और रोशनी का बेहतर आवागमन होता है और रोगग्रस्त हिस्सों को हटाने में मदद मिलती है. छंटाई के लिए साफ और धारदार औजारों का इस्तेमाल करें.

इन बातों का किसान भाई हर हाल में रखें ध्यानकिसानों को बरसात के बाद आम के बगीचे में साफ-सफाई, जल निकासी, पोषण और रोगों की निगरानी पर विशेष ध्यान देना चाहिए. पेड़ों की जरूरत के अनुसार देखभाल करने से उनकी सेहत बेहतर बनाए रखने और अगले मौसम में अच्छी पैदावार की संभावना बढ़ाने में मदद मिलती है.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

और पढ़ेंLocation :

Nagaur,Nagaur,Rajasthan

First Published :

October 10, 2026, 17:05 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj