55 बजे घटस्थापना के बाद उमड़ी भक्तों की भीड़

Last Updated:October 11, 2026, 14:14 IST
Amer Shila Mata Temple Navratri 2026: जयपुर ग्रामीण के आमेर महल स्थित प्रसिद्ध शिलामाता मंदिर में शारदीय नवरात्रि की भव्य शुरुआत हो गई है. रविवार सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर पूरे विधि-विधान के साथ मंदिर में घटस्थापना की गई. इसके बाद दोपहर 1 बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खोल दिए गए. नवरात्रि के पहले दिन मातारानी के दर्शनों के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा. भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस, होमगार्ड और मेडिकल टीम तैनात कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.
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Shila Mata Temple Amer Navratri: आमेर शिलामाता मंदिर में घटस्थापना
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक आमेर महल में स्थित विश्व प्रसिद्ध शिलामाता मंदिर में आज से शारदीय नवरात्रि का भव्य आगाज हो गया है. शक्ति की भक्ति के इस पावन पर्व पर मंदिर में माता के दर्शनों के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है. नवरात्रि के पहले दिन पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर में घटस्थापना की गई. इसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाले विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हो गया है.
आमेर के शिलामाता मंदिर का अपना एक विशेष ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है. मंदिर प्रशासन और पुजारियों के अनुसार, आज सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर शुभ मुहूर्त में घटस्थापना संपन्न की गई. इस दौरान मंदिर के मुख्य पुजारियों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई. घटस्थापना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, माता का विशेष और भव्य श्रृंगार किया गया. इसके पश्चात दोपहर करीब 1 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए माता के दर्शनों का सिलसिला शुरू कर दिया गया. दर्शन खुलते ही मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा.
शिलामाता का ऐतिहासिक महत्वआमेर का शिलामाता मंदिर केवल जयपुरवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी अगाध श्रद्धा का केंद्र है. ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, शिलामाता की इस चमत्कारिक मूर्ति को कछवाहा वंश के प्रतापी शासक महाराजा मानसिंह प्रथम सोलहवीं शताब्दी में बंगाल के जसोर (जो अब बांग्लादेश में है) से लेकर आए थे. कहा जाता है कि माता ने महाराजा को स्वप्न में दर्शन देकर उनका मार्गदर्शन किया था. तब से लेकर आज तक जयपुर राजघराने और आम जनता की इस देवी में अटूट आस्था है. नवरात्रि के अवसर पर यहां की जाने वाली पूजा का विशेष महत्व माना जाता है, इसलिए इन नौ दिनों में यहां लाखों श्रद्धालु शीश नवाने आते हैं.
पहले दिन उमड़ी भक्तों की भारी भीड़नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा का विधान होता है. इसी कड़ी में शिलामाता मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं. जयपुर शहर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों और बाहरी राज्यों से भी श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंच रहे हैं. महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया और माता के दर्शन कर परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की. मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है, जो भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है.
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजामशिलामाता मंदिर में नवरात्रि के दौरान रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इस भारी भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं. आमेर महल परिसर, मंदिर के प्रवेश द्वार और आसपास के पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. इसके अलावा होमगार्ड और राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (आरएसी) के जवानों को भी मोर्चे पर लगाया गया है. नगर निगम की टीमें भी सफाई और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में जुटी हुई हैं.
आपात स्थिति के लिए मेडिकल टीम तैनातदर्शनार्थियों की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है. प्रशासन की कोशिश है कि नौ दिनों तक चलने वाले इस पवित्र उत्सव के दौरान किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो और माता के दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह सुगमता से चलती रहे.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
October 11, 2026, 14:13 IST



