Nutritious Animal Feed: महंगा पशु आहार खरीदने की जरूरत नहीं, सूखे चारे से ही बढ़ाएं पशुओं की ताकत, जानें तरीका

Last Updated:October 11, 2026, 15:22 IST
Nutritious Animal Feed: भीलवाड़ा में पशुपालक अब वैज्ञानिक तकनीक की मदद से सूखे चारे की पौष्टिकता बढ़ा सकते हैं. यूरिया उपचार से चारे में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाने और पशुओं को बेहतर पोषण देने में मदद मिलती है. हालांकि, गलत मात्रा या अधूरे उपचार से पशुओं की जान को खतरा हो सकता है। जानिए सूखे चारे को पौष्टिक बनाने का तरीका और इससे जुड़ी जरूरी सावधानियां.
भीलवाड़ा. ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन किसानों की आजीविका का एक प्रमुख साधन है. ऐसे में पशुपालकों के सामने अपने पशुओं को स्वस्थ, तंदुरुस्त और मजबूत बनाए रखने की बड़ी चुनौती रहती है. खासकर चारे की कमी के समय पशुओं को पर्याप्त पोषण देना मुश्किल हो जाता है. कई पशुपालक पशुओं की सेहत सुधारने के लिए बाजार से महंगा पशु आहार खरीदते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खेतों में मिलने वाले सूखे चारे को भी पौष्टिक बनाया जा सकता है. आमतौर पर सूखे चारे में प्रोटीन की मात्रा कम होती है, जिससे पशुओं को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता.
ऐसे में वैज्ञानिक तरीके से उपचारित सूखा चारा पशुओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है. यूरिया उपचार की मदद से सूखे चारे की पौष्टिकता बढ़ाई जा सकती है. जिससे पशुओं को पोषण देने में मदद मिलती है. हालांकि इसके लिए सही मात्रा, उचित विधि और विशेषज्ञ की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है. बिना सही जानकारी के यूरिया का इस्तेमाल पशुओं के लिए जानलेवा भी हो सकता है. इसलिए पशुपालकों को इस तकनीक को अपनाने से पहले पशु चिकित्सक या पशुपालन विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए.
सूखे चारे में प्रोटीन की मात्रा होती है कम
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए के सिंह ने बताया कि जब सूखे चारे में प्रोटीन की मात्रा कम होती है तो यूरिया प्रक्रिया द्वारा प्रोटीन के उपयोग के लिए आवश्यक नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाई जा सकती है. इस प्रक्रिया में सूखे चारे के वजन का लगभग 4 प्रतिशत यूरिया का उपयोग किया जाता है. आमतौर पर 40 लीटर पानी में 4 किलोग्राम यूरिया अच्छी तरह घोला जाता है. फिर तैयार यूरिया घोल को सूखे चारे पर समान रूप से छिड़का जाता है. यूरिया प्रक्रिया से सूखे चारे में प्रोटीन रहित नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है.
नाइट्रोजन प्रोटीन के संश्लेषण में सहायक है
पशु के पाचन तंत्र में मौजूद सूक्ष्मजीव इस नाइट्रोजन का उपयोग करके प्रोटीन के संश्लेषण में सहायता करते हैं. इसके परिणाम स्वरूप, पशु को दिए जाने वाले चारे का पोषण मूल्य बढ़ जाता है और शरीर में प्रोटीन का उपयोग बेहतर ढंग से हो पाता है. इस प्रक्रिया से सूखा चारा नरम हो जाता है और पशु इसे आसानी से खा और पचा सकते हैं. यूरिया प्रक्रिया सही ढंग से होने पर चारे में प्रोटीन का पोषण मूल्य काफी बढ़ जाता है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bhilwara,Rajasthan
First Published :
October 11, 2026, 15:22 IST



