शहीद उद्यान में बना कबाड़ का अनोखा मिनी म्यूजियम, गाड़ियों के कलपुर्जों से बनी भारत माता और मोर

Last Updated:October 16, 2026, 08:17 IST
Pali Scrap Museum: राजस्थान के पाली शहर के शहीद उद्यान में नगर निगम ने कबाड़ से कमाल करते हुए एक अनोखा मिनी म्यूजियम बनाया है. यहां गाड़ियों के बेकार स्पेयर पार्ट्स जैसे ब्रेक शू और क्लच प्लेट से राष्ट्रीय पक्षी मोर, व्हील्स से भारत का नक्शा, लूडो का पासा और गिटार जैसी खूबसूरत कलाकृतियां तैयार की गई हैं. पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती इस पहल के तहत पार्क का एंट्री गेट भी पूरी तरह वेस्ट मटेरियल से सजाया गया है, जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गया है.
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Pali: कबाड़ का नाम सुनते ही अक्सर ज़हन में रद्दी, कचरा या बेकार सामान की तस्वीर उभरती है. लेकिन राजस्थान के पाली शहर से पर्यावरण संरक्षण और क्रिएटिविटी की एक बेहद दिलचस्प और सराहनीय मिसाल सामने आई है. पाली शहर के प्रसिद्ध शहीद उद्यान में नगर निगम ने बेकार और कबाड़ हो चुके गाड़ी के स्पेयर पार्ट्स से एक शानदार ‘वेस्ट टू बेस्ट’ मिनी म्यूजियम तैयार कर दिया है. यहां उद्यान के एंट्री गेट से लेकर अंदर रखी हर एक कलाकृति अनुपयोगी वाहनों के पुर्जों से गढ़ी गई है, जिसे देखकर हर कोई अचंभित रह जाता है.
इस म्यूजियम में आने वाले पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण राष्ट्रीय पक्षी मोर है, जिसे गाड़ियों के कबाड़ से बेहद खूबसूरती से उकेरा गया है. मैकेनिकों द्वारा बेकार समझकर फेंक दिए जाने वाले ब्रेक शू का उपयोग इस मोर के धड़ और चेहरे को ढालने के लिए किया गया है. इसके अलावा, मोर के सुंदर और फैले हुए पंखों को सजाने के लिए पुरानी क्लच प्लेटों का बहुत ही बारीकी से इस्तेमाल किया गया है, जो देखने में बिल्कुल असली जैसा प्रतीत होता है.
व्हील्स और गियर्स से बना भारत का नक्शा और अन्य कलाकृतियांपर्यावरण संरक्षण और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के इस अनूठे सफर में केवल मोर ही नहीं, बल्कि कई अन्य बेहतरीन संरचनाएं भी बनाई गई हैं. वाहनों के छोटे-बड़े व्हील्स और गियर्स को करीने से आपस में जोड़कर विशाल भारत का मानचित्र तैयार किया गया है, जिसके साथ एक विशेष लॉकेट पर ‘INDIA’ भी लिखा गया है. इसके अलावा बच्चों और युवाओं के आकर्षण के लिए कार के रिम और टायरों को जोड़कर लूडो का एक बड़ा पासा बनाया गया है. साथ ही संगीत प्रेमियों के लिए लोहे की पट्टियों और बेकार स्पेयर पार्ट्स की मदद से एक स्टाइलिश गिटार का ढांचा भी बखूबी तैयार किया गया है.
प्रवेश द्वार पर ही नजर आती है क्रिएटिविटीशहीद उद्यान के मुख्य द्वार पर लगा स्वागत बोर्ड भी पूरी तरह से वेस्ट मटेरियल और गाड़ियों के लोहे के टुकड़ों से ही तैयार किया गया है. पाली नगर निगम की इस पहल से शहर में एक तरफ जहां पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर यह पार्क पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है. कबाड़ के इस बेहतरीन उपयोग ने यह साबित कर दिया है कि सही सोच और कला से किसी भी बेकार वस्तु को खूबसूरत रूप दिया जा सकता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
October 16, 2026, 08:17 IST



