Kota Dussehra Mela 2026 | कोटा दशहरा मेले में 145 फीट नाव और 70 झूले तैयार

Last Updated:October 18, 2026, 08:26 IST
Kota Dussehra Mela 2026: कोटा के ऐतिहासिक ‘राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026’ की तैयारियां दशहरा मैदान में जोरों पर हैं. इस बार मेले में 70 से अधिक प्रकार के छोटे-बड़े और एडवेंचर झूले लगाए जा रहे हैं, जिनमें 145 फीट लंबी नाव और मौत का कुआँ मुख्य आकर्षण होंगे. इसके साथ ही 45 साल पुराना शेरे पंजाब का फालूदा, नसीराबाद का मशहूर कचौरा और रामपुरा की दूध-जलेबी का स्वाद भी लोगों को मिलेगा. मेले में खिलौना, कपड़ा और बर्तन बाजार भी सजाए जा रहे हैं, जहां रोजाना हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचेंगे.
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कोटा: हाड़ौती अंचल के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक ‘राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026’ की तैयारियां कोटा के दशहरा मैदान में पूरे परवान पर हैं. इस बार मेले को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए नगर निगम और मेला प्रशासन की ओर से व्यापक स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं. मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, दर्शकों और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला मार्केट को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, जहां 70 से अधिक प्रकार के छोटे-बड़े और एडवेंचरस झूले लगाए जा रहे हैं.
झूला मार्केट में इन दिनों भारी क्रेन और कुशल तकनीकी कारीगरों द्वारा झूलों को खड़ा करने तथा रंग-रोगन का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है. इस बार मैदान में जाइंट व्हील, सुनामी, मिक्सर, 26 व 28 सीटर झूले, ड्रैगन ट्रेन, बच्चों की टॉय ट्रेन और मौत का कुआँ जैसे कई रोमांचक खेल तैयार किए जा रहे हैं. मेले का सबसे बड़ा आकर्षण 145 फीट लंबी विशालकाय नाव होगी, जिसमें एक ही राउंड में 100 से 125 लोग एक साथ बैठकर झूलने का आनंद ले सकेंगे. झूला संचालकों का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से कोटा मेले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
45 साल पुराना फालूदा और नसीराबाद का कचौरा बढ़ाएगा ज़ायकाझूलों के रोमांच के साथ-साथ मेले में फूड लवर्स के लिए भी ज़ायके का शानदार इंतज़ाम किया गया है. राजस्थान ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से आए मशहूर खान-पान के प्रतिष्ठान अपनी दुकानें सजा रहे हैं. ‘शेरे पंजाब आइसक्रीम’ के सरदार तरनपाल सिंह ने बताया कि वे पिछले 40-45 वर्षों से मेले में आ रहे हैं और कोटावासी उनके स्पेशल फालूदा का सालभर इंतजार करते हैं. वहीं वर्ष 1995 से अनवरत आ रहे नसीराबाद के मशहूर ‘अग्रवाल कचौरा भंडार’ का कचौरा भी उपलब्ध रहेगा. इसके अलावा रामपुरा की 70 साल पुरानी शम्भू जी की दुकान से गरमा-गरम दूध-जलेबी और मशहूर लस्सी का स्वाद भी लोगों को मिलेगा.
खिलौना, कपड़ा और बर्तन बाजार से सजेगा मेला प्रांगणकोटा के इस बहुचर्चित मेले में मनोरंजन और खान-पान के अलावा खरीदारी के लिए भी विशाल बाजार तैयार किया जा रहा है. मेला मैदान में हलवाई बाजार, खिलौना बाजार, कपड़ा बाजार और घरेलू बर्तनों का बड़ा बाजार सज रहा है. पूरे हाड़ौती क्षेत्र सहित राजस्थान और पड़ोसी राज्यों से रोजाना हजारों की संख्या में लोग इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय मेले का आनंद लेने और खरीदारी करने पहुंचेंगे.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Kota,Kota,Rajasthan
First Published :
October 18, 2026, 08:26 IST



