उत्तर और पूर्वी भारत में ठंड की आहट, दो वेदर सिस्टम दिखा सकता है रंग – imd weather today 19 October 2026 western disturbances active winter season

Aaj Ka Mausam: मानसून की वापसी के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज भी बदल गया है. उत्तर और पूर्वी भारत में जहां हवा में ठंडक घुल चुकी है, वहीं नॉर्थवेस्ट मानसून की वजह से दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश हो रही है. एक और मौसमी घटना घट रही है. हिमाचल प्रदेश से लगते हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है. इसके प्रभाव से हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लेह-लद्दाख के साथ ही पंजाब और हरियाणा में भी बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं. दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी इसका असर पड़ सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में नए वेदर सिस्टम की वजह से पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बारिश रिकॉर्ड की जा रही है. बिहार और झारखंड में भी हल्की फुल्की बारिश होने के आसार हैं. पूर्वोत्तर के राज्यों में भी वर्षा होने की संभावना है.
IMD दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, तमिलनाडु में पिछले 24 घंटों के दौरान बेहद भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश हुई. मौसम विभाग ने तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश समेत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में 24 अक्टूबर तक बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक, 18 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु में 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई. वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में सात से 11 सेंटीमीटर तक बारिश हुई. इन क्षेत्रों में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय
आईएमडी के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु के तटीय इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके अलावा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. लक्षद्वीप से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक कर्नाटक और दक्षिण आंध्र प्रदेश से होकर एक ट्रफ भी गुजर रही है. मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से उसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बन गया. इसके अगले 24 घंटों के दौरान इसके और अधिक मजबूत होने की संभावना है. इस मौसमी प्रणाली के कारण आसपास के क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियां तेज हो सकती हैं.
उत्तर और मध्य भारत में खास बदलाव नहीं
इस बीच, हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. दक्षिण राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक एक ट्रफ फैली हुई है. हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले एक सप्ताह के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है. फिलहाल बारिश की प्रमुख गतिविधियां दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत तक सीमित रहने का अनुमान है.
दैनिक मौसम परिचर्चा 18-10-2026
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 तारीख तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिसमें कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18 तारीख को बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, केरल और माहे तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 24 तारीख तक, और तटीय आंध्र प्रदेश, यनम तथा रायलसीमा में 21 अक्टूबर, 2026 तक कहीं-कहीं भारी बारिश होने के आसार हैं।
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